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Rajouri News: नुसरत जहां मौत मामले में सरकार ने गठित की उच्चस्तरीय जांच समिति
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Sat, 13 Jun 2026 02:21 AM IST
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स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में नुसरत जहां की मौत के मामले में जम्मू-कश्मीर सरकार के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी आदेश जारी किया गया।
आदेश के अनुसार जीएमसी में हुई मरीज की मौत के घटनाक्रम की निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह समिति गठित की गई है। हाल के दिनों में इस मौत को लेकर परिजन और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए गए थे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही थी।
सरकार ने जांच समिति को आदेश जारी होने की तारीख से एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जीएमसी राजोेरी के प्रिंसिपल तथा संबंधित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच समिति के साथ पूर्ण सहयोग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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गौरतलब है कि जीएमसी राजोेरी में हुई मरीज की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन तथा कुछ चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई थी। इसी पृष्ठभूमि में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बाहरी विशेषज्ञों को शामिल करते हुए स्वतंत्र जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम को मामले की सच्चाई सामने लाने और यदि कहीं कोई लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारी तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की संभावना है।
तीन सदस्यीय जांच समिति में प्रिंसिपल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज उधमपुर अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) प्रमोद कालसोत्रा, सदस्य विभागाध्यक्ष अस्थि रोग विभाग गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जम्मू प्रोफेसर (डॉ.) अब्दुल गनी और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट गांधी नगर अस्पताल जम्मू डॉ. नरिंदर भुटियाल को शामिल किया गया है। विभाग ने घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच करने, मृतक के परिजन के आरोप की पड़ताल करने, उपचार के दौरान चिकित्सकीय प्रोटोकॉल और निर्धारित क्लीनिकल गाइडलाइंस के पालन की समीक्षा करने, मामले में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही का पता लगाने, किसी स्तर पर तैयारी, चिकित्सकीय हस्तक्षेप या सेवा प्रदान करने में कमी पाए जाने, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक उपाय सुझाने और सभी दस्तावेजी साक्ष्य के साथ विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रशासनिक विभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में नुसरत जहां की मौत के मामले में जम्मू-कश्मीर सरकार के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस संबंध में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी आदेश जारी किया गया।
आदेश के अनुसार जीएमसी में हुई मरीज की मौत के घटनाक्रम की निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह समिति गठित की गई है। हाल के दिनों में इस मौत को लेकर परिजन और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए गए थे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही थी।
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सरकार ने जांच समिति को आदेश जारी होने की तारीख से एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जीएमसी राजोेरी के प्रिंसिपल तथा संबंधित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच समिति के साथ पूर्ण सहयोग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गौरतलब है कि जीएमसी राजोेरी में हुई मरीज की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन तथा कुछ चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शन भी हुए थे और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई थी। इसी पृष्ठभूमि में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बाहरी विशेषज्ञों को शामिल करते हुए स्वतंत्र जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम को मामले की सच्चाई सामने लाने और यदि कहीं कोई लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारी तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की संभावना है।
तीन सदस्यीय जांच समिति में प्रिंसिपल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज उधमपुर अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) प्रमोद कालसोत्रा, सदस्य विभागाध्यक्ष अस्थि रोग विभाग गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जम्मू प्रोफेसर (डॉ.) अब्दुल गनी और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट गांधी नगर अस्पताल जम्मू डॉ. नरिंदर भुटियाल को शामिल किया गया है। विभाग ने घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच करने, मृतक के परिजन के आरोप की पड़ताल करने, उपचार के दौरान चिकित्सकीय प्रोटोकॉल और निर्धारित क्लीनिकल गाइडलाइंस के पालन की समीक्षा करने, मामले में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही का पता लगाने, किसी स्तर पर तैयारी, चिकित्सकीय हस्तक्षेप या सेवा प्रदान करने में कमी पाए जाने, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक उपाय सुझाने और सभी दस्तावेजी साक्ष्य के साथ विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रशासनिक विभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं।