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Rajouri News: भूस्खलन व बारिश ने कोटरांका खवास मार्ग पर बरपाया कहर
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राजोरी के कोटरंका ख्वास मार्ग पर धंसी सड़क के फोटो
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- इन इलाकों का जिले से दो सप्ताह से कटा है संपर्क
- लोगों को करना पड़ रहा परेशानियों का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 32 किलोमीटर लंबी कोटरांका-खवास सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है। पिछले 15 दिनों से कोटरांका उपमंडल को खवास तहसील से और जिला हेडक्वार्टर से जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह से कटा हुआ है। इससे हजारों निवासी संकट में हैं।
प्रभावित गांवों में दैनिक जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। छात्र स्कूल नहीं जा पा रहे। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। कई ग्रामीण बुनियादी सेवाओं तक पहुंचने के लिए 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं। भू-धंसाव के कारण स्थिति और भी विकट हो गई है। करीब सात घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनमें एक दो मंजिला इमारत भी शामिल है, जो अपनी मूल जगह से लगभग 50 मीटर नीचे खिसक गई है।
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प्रशासन ने कदम उठाए
अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) कोटरंका दिलमीर चौधरी ने बताया कि सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रशासन खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। साथ ही राहत और मुआवज़ा देने के उपाय भी जारी हैं। प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता देने के लिए फाइलें प्रक्रिया में हैं और जल्द ही उन्हें अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ज़मीन धंसने के कारण सड़क पुनर्निर्माण कार्य रोक दिया गया है, जो एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। इस बीच किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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- लोगों को करना पड़ रहा परेशानियों का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। जिले में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के कारण 32 किलोमीटर लंबी कोटरांका-खवास सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है। पिछले 15 दिनों से कोटरांका उपमंडल को खवास तहसील से और जिला हेडक्वार्टर से जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह से कटा हुआ है। इससे हजारों निवासी संकट में हैं।
प्रभावित गांवों में दैनिक जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। छात्र स्कूल नहीं जा पा रहे। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। कई ग्रामीण बुनियादी सेवाओं तक पहुंचने के लिए 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं। भू-धंसाव के कारण स्थिति और भी विकट हो गई है। करीब सात घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इनमें एक दो मंजिला इमारत भी शामिल है, जो अपनी मूल जगह से लगभग 50 मीटर नीचे खिसक गई है।
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प्रशासन ने कदम उठाए
अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) कोटरंका दिलमीर चौधरी ने बताया कि सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों से परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रशासन खाद्य और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। साथ ही राहत और मुआवज़ा देने के उपाय भी जारी हैं। प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता देने के लिए फाइलें प्रक्रिया में हैं और जल्द ही उन्हें अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ज़मीन धंसने के कारण सड़क पुनर्निर्माण कार्य रोक दिया गया है, जो एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। इस बीच किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है।