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Rajouri News: जंगलों में आग लगाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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Strict action will be taken against those who set fires in the forests.
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वन्यजीवों के नुकसान की जांच के आदेश, राजोेरी वन्यजीव रेंज के अधिकारी ने जारी किया सर्कुलर




संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। राजोेरी वन्यजीव रेंज क्षेत्र के जंगलों में लगातार सामने आ रही आग लगने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वन्यजीव विभाग ने जांच और वन्यजीवों को हुए नुकसान के आकलन के आदेश जारी किए हैं। वन्यजीव रेंज अधिकारी राजोेरी इफ्तिखार अहमद खान की ओर से सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें सभी ब्लॉक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी सर्कुलर के अनुसार, राजोेरी वन्यजीव रेंज के विभिन्न हिस्सों से जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार रिपोर्ट हो रही हैं। विभाग ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वनाग्नि केवल वनस्पति को ही नष्ट नहीं करती, बल्कि वन्यजीवों की मौत, उनके विस्थापन तथा घोंसलों, अंडों, बच्चों, बिलों और प्रजनन स्थलों को भी भारी नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा, आग से प्राकृतिक आवास नष्ट होते हैं, जिससे जैव विविधता और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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सर्कुलर में सभी ब्लॉक अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आग की प्रत्येक घटना की गहन जांच करें। यह पता लगाया जाए कि आग प्राकृतिक कारणों से लगी है या किसी व्यक्ति अथवा समूह द्वारा जानबूझकर लगाई गई। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाए।
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साक्ष्य जुटाने पर जोर, नुकसान का आकलन
विभाग ने जांच अधिकारियों को स्थानीय निवासियों, ग्राम वन्यजीव संरक्षण समितियों, वन संरक्षण समितियों तथा अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आग से प्रभावित स्थलों की जियो-टैग्ड फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, स्थल निरीक्षण रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेजी साक्ष्य एकत्र करने को कहा गया है। सर्कुलर के अनुसार, प्रत्येक आग की घटना में वन्यजीवों और उनके आवास को हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें मृत अथवा प्रभावित वन्यजीवों की संख्या, नष्ट हुए घोंसले, अंडे, शावक, बिल और अन्य प्राकृतिक आवासों का विवरण शामिल होगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि रिपोर्ट के साथ फोटोग्राफिक साक्ष्य और गवाहों के बयान भी संलग्न किए जाएं।
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