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Rajouri News: उफनते दरिया को ट्यूब के सहारे पार करते इनायतपुर के लोगों का वीडियो वायरल
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पुल के अभाव में जान हथेली पर रखकर जिंदगी जी रहे ग्रामीण
नौशेरा विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत राजपुर कमीला का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जिले के नौशेरा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत राजपुर कमीला के गांव इनायतपुर के ग्रामीण बदलते दौर में भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। पुल नहीं होने से गांव वाले बारिश में उफनते दरिया को ट्यूब के सहारे पार करके जरूरतें पूरी करते हैं। मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए उन्हें दरिया पार करना जान हथेली पर रखकर जिंदगी जीने जैसा है।
वर्तमान बारिश के मौसम में एक बार फिर गांव इनायतपुर के लोगों को उप जिला मुख्यालय या मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालना मजबूरी है। तेज बहाव के कारण गांव का संपर्क पूरी तरह कटा हुआ है। गांव के लोग बहते दरिया में एक ट्यूब का प्रयोग कर जान हथेली पर लेकर दरिया पार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।
वहीं गांव वालों में इस समस्याओं को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। कह रहे हैं कि आजादी के लगभग 80 वर्ष बाद भी वे ऐसी परिस्थितियों में जीवन जीने को विवश हैं, जैसी स्थिति 1947 से पहले हुआ करती थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दौरान कई दिनों तक बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं, बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती, जिससे उनकी जान तक खतरे में पड़ जाती है।
किसानों ने बताया कि उन्हें अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में भारी दिक्कत होती है। पुल के अभाव में उन्हें दरिया के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। यदि ऐसा न कर पाएं तो लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। ग्रामीणों अशोक कुमार, राजिंन्द्र सिंह, अमर सिंह आदि का कहना है कि यह समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे गांव के सामाजिक और आर्थिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की।
उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी का क्षेत्र है यह
ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही गांव की समस्याओं को भुला दिया जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि यह उपमुख्यमंत्री एवं नौशेरा के विधायक सुरिंदर चौधरी का क्षेत्र है। यदि क्षेत्र में पुल का निर्माण हो जाए तो हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा व्यापार से जुड़ी समस्याओं का काफी हद तक समाधान हो जाएगा।
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नौशेरा विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत राजपुर कमीला का हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। जिले के नौशेरा विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत राजपुर कमीला के गांव इनायतपुर के ग्रामीण बदलते दौर में भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। पुल नहीं होने से गांव वाले बारिश में उफनते दरिया को ट्यूब के सहारे पार करके जरूरतें पूरी करते हैं। मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए उन्हें दरिया पार करना जान हथेली पर रखकर जिंदगी जीने जैसा है।
वर्तमान बारिश के मौसम में एक बार फिर गांव इनायतपुर के लोगों को उप जिला मुख्यालय या मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालना मजबूरी है। तेज बहाव के कारण गांव का संपर्क पूरी तरह कटा हुआ है। गांव के लोग बहते दरिया में एक ट्यूब का प्रयोग कर जान हथेली पर लेकर दरिया पार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।
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वहीं गांव वालों में इस समस्याओं को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। कह रहे हैं कि आजादी के लगभग 80 वर्ष बाद भी वे ऐसी परिस्थितियों में जीवन जीने को विवश हैं, जैसी स्थिति 1947 से पहले हुआ करती थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दौरान कई दिनों तक बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं, बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती, जिससे उनकी जान तक खतरे में पड़ जाती है।
किसानों ने बताया कि उन्हें अपनी कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने में भारी दिक्कत होती है। पुल के अभाव में उन्हें दरिया के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। यदि ऐसा न कर पाएं तो लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। ग्रामीणों अशोक कुमार, राजिंन्द्र सिंह, अमर सिंह आदि का कहना है कि यह समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे गांव के सामाजिक और आर्थिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की।
उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी का क्षेत्र है यह
ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही गांव की समस्याओं को भुला दिया जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि यह उपमुख्यमंत्री एवं नौशेरा के विधायक सुरिंदर चौधरी का क्षेत्र है। यदि क्षेत्र में पुल का निर्माण हो जाए तो हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा व्यापार से जुड़ी समस्याओं का काफी हद तक समाधान हो जाएगा।