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फिलीपींस से सीखा ठगी का गुर: हरियाणा का डॉक्टर निकला सरगना, निवेश के झांसे में ठग लिए 209 करोड़, नौ गिरफ्तार

अमर उजाला नेटवर्क, गांदरबल Published by: निकिता गुप्ता Updated Tue, 17 Feb 2026 11:42 AM IST
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सार

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फर्जी ऑनलाइन निवेश रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए हिसार के डॉ. एकांत योगदत्त उर्फ डॉ. मॉर्फिन समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में 290 खातों में 209 करोड़ के लेनदेन का खुलासा हुआ है।

209 crore rupees defrauded in the name of investment, nine people including a doctor arrested
गांदरबल में ऑनलाइन ठगी में पकड़े गए आरोपी। - फोटो : पुलिस
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने करोड़ों के फर्जी ऑनलाइन निवेश रैकेट का पर्दाफाश किया है। मुख्य आरोपी हिसार (हरियाणा) के डॉ. एकांत योगदत्त उर्फ डॉ. मॉर्फिन सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी फिशिंग व फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल कर ठगी कर रहे थे। 835 खातों की जांच चल रही है। पुलिस को जांच में 290 खातों में 209 करोड़ के लेनदेन के रिकॉर्ड मिले हैं। जांच के बाद ठगी की रकम का आंकड़ा 400 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। पैसावॉल्ट डॉट कॉम और इस जैसे कई नामों से ऑनलाइन निवेश करवाने वाली वेबसाइट्स के जरिये आरोपी लोगों को लालच देकर ठगते थे।

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फिलीपींस से डॉक्टरी की पढ़ाई की और वहीं से ठगी का गुर सीखा
पूरे नेटवर्क का सरगना हरियाणा के हिसार का डाॅ. एकांत योगदत्त उर्फ डॉ. मॉर्फिन है। उसने फिलीपींस से एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान ठगी का ये गुर सीखा। उसके पास चीनी नागरिकों से जुड़े कई लिंक मिले हैं। डाॅ. एकांत गांदरबल के मोहम्मद इब्राहिम शाह उर्फ यावर, नासिर अहमद गनी, नुनर के खुर्शीद अहमद, सफापोरा के इशफाक अहमद, बडगाम के मकसूद अहमद उर्फ डॉ. अल्बर्ट, तनवीर अहमद उर्फ डॉ. मार्टिन, बारामुला के सरकारी शिक्षक तौसीफ अहमद मीर के साथ मिलकर ठगी का ये गिरोह चला रहा था। स्थानीय ठग गरीबी रेखा से नीचे के खाताधारकों से संपर्क करते। खाते के बदले उन्हें प्रति माह 8-10 हजार रुपये देते थे। आरोपी उनके एटीएम कार्ड भी ले लेते थे।

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बैंक कर्मियों की भी संलिप्तता आई सामने
फर्जी ऑनलाइन निवेश रैकेट की जांच-पड़ताल में बैंक कर्मियों की भी संलिप्तता सामने आई है। इसकी जांच चल रही है। आरोपी फर्जी वेबसाइटों पर अपलोड करने के लिए खातों के क्यूआर कोड देते थे। ठग टेलीग्राम चैनल और ग्रुप्स पर नियमित रूप से नए क्यूआर कोड अपलोड करते थे। भारी लेन-देन होने पर साइबर यूनिट्स खाते फ्रीज कर देतीं तो ठग नए क्यूआर कोड अपलोड कर देते थे।

अधिकारियों ने बताया कि गांदरबल के सफापोरा निवासी फिरदौस अहमद मीर ने गांदरबल थाने में ठगी की एफआईआर दर्ज कराई थी। एसएसपी खलील अहमद पोसवाल ने एक्सपर्ट को शामिल करते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया। अब तक पुलिस ने 835 खातों का विवरण जुटाया है और 290 खातों के लेन-देन की जांच में 209 करोड़ रुपये विभिन्न निवेशकों से प्राप्त होने की पुष्टि हुई है। पूरी जांच के बाद यह राशि 400 करोड़ से अधिक होने की आशंका है।

ठगों के झांसे में फंसे लोग जब निवेश शुरू करते तो उनकी राशि बडगाम, श्रीनगर, गांदरबल, बारामुला आदि जिलों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाती थी। ये खाते ठगों के नियंत्रण में थे जो तुरंत राशि को कई स्तरों पर जम्मू-कश्मीर से बाहर और यहां तक कि विदेशों में ट्रांसफर कर देते थे ताकि ट्रेल छिपाई जा सके।

चीन से लौटते समय किया गिरफ्तार
मुख्य आरोपी एकांत योगदत्त को चीन से लौटते समय दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया जबकि अन्य आठ आरोपी कश्मीर से पकड़े गए हैं। पूरे पैसे की ट्रेल ट्रेस करने और आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने आम जनता को सतर्क किया है कि भारी रिटर्न का वादा करने वाली फर्जी वेबसाइट्स के चक्कर में न पड़ें। न ही मामूली रकम के लालच में बैंक खाता किसी को किराये पर दें। पीड़ित cybercrime.gov.in पर या टोल-फ्री नंबर 1039 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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