{"_id":"699380a2531e8ae6440ffcb7","slug":"srinagar-women-development-organisation-held-protest-municipal-corporation-park-srinagar-news-c-10-lko1027-837982-2026-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: श्रीनगर में महिला कल्याण संघ ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: श्रीनगर में महिला कल्याण संघ ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
विज्ञापन
- महिलाओं ने की न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि और समय पर वेतन जारी करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर महिला कल्याण संघ ने सोमवार को श्रीनगर के म्यूनिसिपल पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को सख्ती से लागू करने की मांग की। प्रदर्शन में काफी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। उन्होंने नारे लगाते हुए कम वेतन पाने वाले श्रमिकों की आर्थिक मुश्किलों के बारे में बताया।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि मासिक 5,100 रुपये के वेतन पर अकेली महिला कैसे अपना और अपने परिवार का गुजारा कर सकती है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह राशि बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी नाकाफी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वेतन समय पर जारी नहीं किया जाता जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वेतन का भुगतान समय पर हो। मौजूदा वेतन संरचना को महंगाई तथा कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संशोधित किया जाए।
प्रदर्शन का एक बड़ा हिस्सा आंगनबाड़ी वर्करों और सहायिकाओं की स्थिति पर केंद्रित रहा। संघ ने उनकी मानदेय में वृद्धि की मांग की और कहा कि वर्तमान मानदेय उनके कार्यभार और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर जमीनी स्तर पर आवश्यक सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रदर्शन में मौजूद वक्ताओं ने सरकार से अपील की कि वह वेतन असमानता को दूर करने के लिए व्यापक नीति बनाई जाए और श्रम कानूनों को सख्ती से लागू कर महिला श्रमिकों के हितों की रक्षा की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Trending Videos
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर महिला कल्याण संघ ने सोमवार को श्रीनगर के म्यूनिसिपल पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को सख्ती से लागू करने की मांग की। प्रदर्शन में काफी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। उन्होंने नारे लगाते हुए कम वेतन पाने वाले श्रमिकों की आर्थिक मुश्किलों के बारे में बताया।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि मासिक 5,100 रुपये के वेतन पर अकेली महिला कैसे अपना और अपने परिवार का गुजारा कर सकती है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह राशि बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी नाकाफी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वेतन समय पर जारी नहीं किया जाता जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती हैं।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वेतन का भुगतान समय पर हो। मौजूदा वेतन संरचना को महंगाई तथा कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संशोधित किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शन का एक बड़ा हिस्सा आंगनबाड़ी वर्करों और सहायिकाओं की स्थिति पर केंद्रित रहा। संघ ने उनकी मानदेय में वृद्धि की मांग की और कहा कि वर्तमान मानदेय उनके कार्यभार और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर जमीनी स्तर पर आवश्यक सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रदर्शन में मौजूद वक्ताओं ने सरकार से अपील की कि वह वेतन असमानता को दूर करने के लिए व्यापक नीति बनाई जाए और श्रम कानूनों को सख्ती से लागू कर महिला श्रमिकों के हितों की रक्षा की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।