Jammu Kashmir: सुबह-सुबह श्रीनगर की सड़कों पर निकले सीएम उमर अब्दुल्ला, विकास परियोजनाओं का लिया जायजा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार सुबह श्रीनगर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण कर बरबर शाह पुल और महाराजगंज स्वास्थ्य केंद्र के काम की प्रगति का जायजा लिया। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात को लेकर उमर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हालात पर चर्चा होगी।
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार सुबह श्रीनगर शहर का दौरा कर विभिन्न विकास परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ कई प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
बरबर शाह में प्रस्तावित पुल का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने बरबर शाह में प्रस्तावित पुल की साइट का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, पुल के तैयार होने के बाद शहरी क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे शहर के पुराने हिस्से शहर-ए-खास की ओर आने-जाने वाले लोगों को बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
महाराजगंज स्वास्थ्य केंद्र की नई इमारत भी देखी
उमर अब्दुल्ला ने महाराजगंज अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर की नई इमारत का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस यह केंद्र शहर के ऐतिहासिक माहौल के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके शुरू होने से शहर-ए-खास के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मरीजों की देखभाल की सुविधा मिल सकेगी। दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, मंत्री, विधायक, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अमेरिकी राजदूत से मुलाकात पर क्या बोले उमर?
इसी बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आ रहे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह राजदूत के साथ जम्मू-कश्मीर की स्थिति और मौजूदा हालात पर चर्चा करेंगे, लेकिन केंद्र सरकार से जुड़े आंतरिक मुद्दों को उनके सामने नहीं उठाएंगे।
उमर ने कहा कि काफी लंबे समय बाद कोई अमेरिकी राजदूत जम्मू-कश्मीर आ रहा है। वह बैठक में राजदूत की बात अधिक सुनना चाहेंगे और देखेंगे कि बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।
हमारी समस्याओं का समाधान वॉशिंगटन में नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जम्मू-कश्मीर के आंतरिक मुद्दों का समाधान अमेरिका से नहीं, बल्कि भारत की केंद्र सरकार से होना है। वह दूसरे देश के राजदूत के सामने अपने देश की शिकायत करने में विश्वास नहीं रखते। वह अमेरिकी राजदूत के साथ जम्मू-कश्मीर और मौजूदा परिस्थितियों पर जरूर चर्चा करेंगे, लेकिन न तो शिकायत करेंगे और न ही अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे।