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इलाज के साथ पढ़ाई, हुनर और नौकरी भी मिलेगी, पायलट प्रोजेक्ट होगा जल्द शुरू : डुल्लू
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श्रीनगर। नशे की लत से जूझ रहे लोगों को समाज में दोबारा इज्जत से जीने का मौका देने के लिए मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। यह प्लान सिर्फ इलाज तक नहीं रुकेगा, बल्कि नशा पीड़ितों को पढ़ाई, हुनर, नौकरी और कारोबार से जोड़कर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करेगा। मंगलवार को हुई बड़ी बैठक में इस प्लान पर चर्चा हुई।
बैठक में वित्त एसीएस शैलेंद्र कुमार, गृह प्रधान सचिव चंद्रकर भारती, समाज कल्याण सचिव सरमद हफीज समेत कई अफसर मौजूद थे। मुख्य सचिव ने कहा कि अब नशा छुड़ाने के बाद लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हर एक पीड़ित के लिए अलग प्लान बनेगा, जिसे ''इंडिविजुअल रीइंटीग्रेशन प्लान'' कहा जाएगा। हर नशा मुक्ति केंद्र में डॉक्टर, काउंसलर, आशा वर्कर और सोशल वर्कर की टीम होगी। आशा वर्कर घर जाकर दवा समय पर खिलाएंगी और डॉक्टर से मिलवाएंगी।
सोशल वर्कर पीड़ित को रोजगार योजनाओं, सरकारी स्कीम और पढ़ाई से जोड़ेगा। समाज कल्याण सचिव सरमद हफीज ने बताया कि यह काम 3 चरणों में होगा, जिसमें पहला चरण इलाज और संभालना रहेगा। इसमें जांच, नशा छुड़ाना और हर व्यक्ति का अलग प्लान बनाना शामिल है। दूसरा चरण काम से जोड़ना : इसमें हुनर सिखाना, नौकरी, पढ़ाई और अपना काम शुरू करवाने में मदद की जाएगी। तीसरा चरण नजर रखना, लंबे समय तक पीड़ित पर नजर रखी जाएगी ताकि वह दोबारा नशे में न फंसे।
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हर व्यक्ति को एक मेंटर मिलेगा जो हमेशा साथ देगा। मुख्य सचिव ने कहा कि यह प्लान सबसे पहले श्रीनगर के आईएमएचएएनएस और एक और जिले में शुरू होगा। वहां जो दिक्कतें आएंगी उन्हें ठीक करके फिर पूरे जम्मू-कश्मीर में लागू किया जाएगा। आईएमएचएएनएस के हेड डॉ. अर्शिद हुसैन ने बताया कि इसके लिए सभी कर्मचारियों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि नशा छोड़ने वाले लोग दोबारा न फंसें और इज्जत से अपनी जिंदगी जी सकें।
बैठक में वित्त एसीएस शैलेंद्र कुमार, गृह प्रधान सचिव चंद्रकर भारती, समाज कल्याण सचिव सरमद हफीज समेत कई अफसर मौजूद थे। मुख्य सचिव ने कहा कि अब नशा छुड़ाने के बाद लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हर एक पीड़ित के लिए अलग प्लान बनेगा, जिसे ''इंडिविजुअल रीइंटीग्रेशन प्लान'' कहा जाएगा। हर नशा मुक्ति केंद्र में डॉक्टर, काउंसलर, आशा वर्कर और सोशल वर्कर की टीम होगी। आशा वर्कर घर जाकर दवा समय पर खिलाएंगी और डॉक्टर से मिलवाएंगी।
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सोशल वर्कर पीड़ित को रोजगार योजनाओं, सरकारी स्कीम और पढ़ाई से जोड़ेगा। समाज कल्याण सचिव सरमद हफीज ने बताया कि यह काम 3 चरणों में होगा, जिसमें पहला चरण इलाज और संभालना रहेगा। इसमें जांच, नशा छुड़ाना और हर व्यक्ति का अलग प्लान बनाना शामिल है। दूसरा चरण काम से जोड़ना : इसमें हुनर सिखाना, नौकरी, पढ़ाई और अपना काम शुरू करवाने में मदद की जाएगी। तीसरा चरण नजर रखना, लंबे समय तक पीड़ित पर नजर रखी जाएगी ताकि वह दोबारा नशे में न फंसे।
हर व्यक्ति को एक मेंटर मिलेगा जो हमेशा साथ देगा। मुख्य सचिव ने कहा कि यह प्लान सबसे पहले श्रीनगर के आईएमएचएएनएस और एक और जिले में शुरू होगा। वहां जो दिक्कतें आएंगी उन्हें ठीक करके फिर पूरे जम्मू-कश्मीर में लागू किया जाएगा। आईएमएचएएनएस के हेड डॉ. अर्शिद हुसैन ने बताया कि इसके लिए सभी कर्मचारियों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि नशा छोड़ने वाले लोग दोबारा न फंसें और इज्जत से अपनी जिंदगी जी सकें।