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Srinagar News: किताबों के महाकुंभ में उमड़े युवा, स्टॉल पर लगी रही भीड़
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श्रीनगर के एसकेआईसीसी में आयोजित चिनार बुक फेस्टिवल में छात्राएं। संवाद
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डल किनारे शेर ए कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुआ नौ दिवसीय चिनार बुक फेस्टिवल का तीसरा संस्करण
अजीम यूसुफ
श्रीनगर। चिनार बुक फेस्टिवल के तीसरे संस्करण की शुक्रवार को शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में शानदार शुरुआत हुई। घाटी भर के पाठकों, छात्रों, शिक्षकों, लेखकों, कलाकारों की भीड़ उमड़ी। हर स्टॉल पर युवाओं और छात्र-छात्राओं की भीड़ दिखाई दी। प्रकाशकाें और बुक स्टॉल संचालकों के अनुसार उन्हें पहले दिन से ही काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले आठ दिन ऐसा ही जोश देखने को मिलेगा।
शुक्रवार को सुबह उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुस्तक मेले का उद्घाटन किया। वहीं उन्होंने स्कॉस्ट कश्मीर के वाइस चांसलर प्रो. अशरफ गनई और जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरमैन डॉ. द्रख्शां अंद्राबी का सम्मान भी किया। आयोजक अमित वांचू ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय के तहत नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया द्वारा श्रीनगर जिला प्रशासन और नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ उर्दू लैंग्वेज के सहयोग से आयोजित इस नौ-दिवसीय फेस्टिवल में 200 से अधिक प्रकाशक और बुकस्टॉल शामिल हैं। यहां अंग्रेजी, उर्दू, कश्मीरी, हिंदी और कई अन्य भारतीय भाषाओं में हजारों किताबें प्रदर्शित की जा रही हैं।
डॉ. अमित वांचू ने श्रीनगर और जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों के लोगों को किताबों, विचारों और संस्कृति के इस नौ दिवसीय उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने परिवारों, छात्रों और पाठकों को साहित्यिक चर्चाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वर्कशॉप और इंटरैक्टिव सत्रों के विविध कार्यक्रमों का पूरा लाभ उठाने और देश भर के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के जाने-माने लेखकों, विद्वानों, कलाकारों, इनोवेटर्स और विचारकों के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
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नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया के निदेशक युवराज मलिक ने जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, सहयोगी संगठनों और जम्मू-कश्मीर के लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया। चिनार बुक फेस्टिवल को कश्मीर की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत का ब्रांड एंबेसडर बताते हुए उन्होंने कहा कि इसने घाटी में साहित्यिक पर्यटन के विकास में योगदान दिया है। यह फेस्टिवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान खींच रहा है और विदेशी पर्यटकों तथा विदेशों में रहने वाले भारतीयों को कश्मीर की ओर आकर्षित कर रहा है।
सारे जहां से अच्छा थीम पर हुई चित्रकला प्रतियोगिता
एसकेआईसीसी में पहले दिन चिल्ड्रन्स कॉर्नर रंगों और कल्पनाओं से भरा हुआ था। उभरते हुए कलाकारों ने सारे जहां से अच्छा थीम पर आधारित चित्रकता प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसमें इसरो से आईएसएस तक भारत की यात्रा को दिखाया गया। टेल्स अंडर द चिनार नाम के एक और सेशन में, अंबरीन रसूल के शानदार कठपुतली शो के जरिए कहानी सुनाने का अंदाज जीवंत हो उठा। उन्होंने कश्मीरी भाषा में हंगुल और हापुत नाम के दोस्तों की अनोखी कहानी सुनाकर बच्चों का मन मोह लिया। दिन का समापन एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें पारंपरिक ''''''''रऊफ'''''''' नृत्य, योम्बुरजल यूथ क्लब की ओर से एक नाटक और वहीद जीलानी की दिल को छू लेने वाली संगीत प्रस्तुति शामिल थी, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उपराज्यपाल ने किया किताबों और अनुवादों का विमोचन
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख थ्रू द एजेज के उर्दू अनुवाद का विमोचन किया। इसके अलावा चिनार बुक फेस्टिवल के 2025 संस्करण के दौरान आयोजित पहली गोजरी अनुवाद कार्यशाला में तैयार की गई 24 द्विभाषी किताबें लॉन्च कीं। इस संग्रह में डोगरी-गोजरी में चार, अंग्रेजी-गोजरी में छह, कश्मीरी-गोजरी में चार और उर्दू-गोजरी व हिंदी-गोजरी में पांच-पांच किताबें शामिल हैं। उन्होंने राजतरंगिणी कार्यशाला के तहत तैयार किए गए पांच उपन्यासों का पहला सेट भी लॉन्च किया। यह एनबीटी इंडिया की एक पहल है, जिसका मकसद 12वीं सदी के कश्मीरी इतिहासकार कल्हण की राजतरंगिणी'''''''' के मशहूर किरदारों को वर्तमान पाठकों के लिए नए नजरिए से पेश करना है। उद्घाटन समारोह में जिन अन्य उल्लेखनीय कृतियों का विमोचन हुआ, उनमें कश्मीरी लेखक गौरी शंकर रैना के प्रशंसित हिंदी उपन्यास सात पुलों का शहर का अंग्रेजी अनुवाद द सिटी ऑफ सेवन ब्रिजेज और जाने-माने विद्वान तथा खुसरो फाउंडेशन के संयोजक डॉ. हफीज़ुर रहमान की पुस्तक एन इंडियन मुस्लिम स्पीक्स शामिल हैं। इसके बाद उपराज्यपाल ने किताबों के स्टॉल का भी दौरा किया और संचालकों से बात की।
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अजीम यूसुफ
श्रीनगर। चिनार बुक फेस्टिवल के तीसरे संस्करण की शुक्रवार को शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में शानदार शुरुआत हुई। घाटी भर के पाठकों, छात्रों, शिक्षकों, लेखकों, कलाकारों की भीड़ उमड़ी। हर स्टॉल पर युवाओं और छात्र-छात्राओं की भीड़ दिखाई दी। प्रकाशकाें और बुक स्टॉल संचालकों के अनुसार उन्हें पहले दिन से ही काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले आठ दिन ऐसा ही जोश देखने को मिलेगा।
शुक्रवार को सुबह उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुस्तक मेले का उद्घाटन किया। वहीं उन्होंने स्कॉस्ट कश्मीर के वाइस चांसलर प्रो. अशरफ गनई और जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरमैन डॉ. द्रख्शां अंद्राबी का सम्मान भी किया। आयोजक अमित वांचू ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय के तहत नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया द्वारा श्रीनगर जिला प्रशासन और नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ उर्दू लैंग्वेज के सहयोग से आयोजित इस नौ-दिवसीय फेस्टिवल में 200 से अधिक प्रकाशक और बुकस्टॉल शामिल हैं। यहां अंग्रेजी, उर्दू, कश्मीरी, हिंदी और कई अन्य भारतीय भाषाओं में हजारों किताबें प्रदर्शित की जा रही हैं।
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डॉ. अमित वांचू ने श्रीनगर और जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों के लोगों को किताबों, विचारों और संस्कृति के इस नौ दिवसीय उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने परिवारों, छात्रों और पाठकों को साहित्यिक चर्चाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, वर्कशॉप और इंटरैक्टिव सत्रों के विविध कार्यक्रमों का पूरा लाभ उठाने और देश भर के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के जाने-माने लेखकों, विद्वानों, कलाकारों, इनोवेटर्स और विचारकों के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
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नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया के निदेशक युवराज मलिक ने जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, सहयोगी संगठनों और जम्मू-कश्मीर के लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया। चिनार बुक फेस्टिवल को कश्मीर की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत का ब्रांड एंबेसडर बताते हुए उन्होंने कहा कि इसने घाटी में साहित्यिक पर्यटन के विकास में योगदान दिया है। यह फेस्टिवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान खींच रहा है और विदेशी पर्यटकों तथा विदेशों में रहने वाले भारतीयों को कश्मीर की ओर आकर्षित कर रहा है।
सारे जहां से अच्छा थीम पर हुई चित्रकला प्रतियोगिता
एसकेआईसीसी में पहले दिन चिल्ड्रन्स कॉर्नर रंगों और कल्पनाओं से भरा हुआ था। उभरते हुए कलाकारों ने सारे जहां से अच्छा थीम पर आधारित चित्रकता प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसमें इसरो से आईएसएस तक भारत की यात्रा को दिखाया गया। टेल्स अंडर द चिनार नाम के एक और सेशन में, अंबरीन रसूल के शानदार कठपुतली शो के जरिए कहानी सुनाने का अंदाज जीवंत हो उठा। उन्होंने कश्मीरी भाषा में हंगुल और हापुत नाम के दोस्तों की अनोखी कहानी सुनाकर बच्चों का मन मोह लिया। दिन का समापन एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें पारंपरिक ''''''''रऊफ'''''''' नृत्य, योम्बुरजल यूथ क्लब की ओर से एक नाटक और वहीद जीलानी की दिल को छू लेने वाली संगीत प्रस्तुति शामिल थी, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उपराज्यपाल ने किया किताबों और अनुवादों का विमोचन
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू कश्मीर एंड लद्दाख थ्रू द एजेज के उर्दू अनुवाद का विमोचन किया। इसके अलावा चिनार बुक फेस्टिवल के 2025 संस्करण के दौरान आयोजित पहली गोजरी अनुवाद कार्यशाला में तैयार की गई 24 द्विभाषी किताबें लॉन्च कीं। इस संग्रह में डोगरी-गोजरी में चार, अंग्रेजी-गोजरी में छह, कश्मीरी-गोजरी में चार और उर्दू-गोजरी व हिंदी-गोजरी में पांच-पांच किताबें शामिल हैं। उन्होंने राजतरंगिणी कार्यशाला के तहत तैयार किए गए पांच उपन्यासों का पहला सेट भी लॉन्च किया। यह एनबीटी इंडिया की एक पहल है, जिसका मकसद 12वीं सदी के कश्मीरी इतिहासकार कल्हण की राजतरंगिणी'''''''' के मशहूर किरदारों को वर्तमान पाठकों के लिए नए नजरिए से पेश करना है। उद्घाटन समारोह में जिन अन्य उल्लेखनीय कृतियों का विमोचन हुआ, उनमें कश्मीरी लेखक गौरी शंकर रैना के प्रशंसित हिंदी उपन्यास सात पुलों का शहर का अंग्रेजी अनुवाद द सिटी ऑफ सेवन ब्रिजेज और जाने-माने विद्वान तथा खुसरो फाउंडेशन के संयोजक डॉ. हफीज़ुर रहमान की पुस्तक एन इंडियन मुस्लिम स्पीक्स शामिल हैं। इसके बाद उपराज्यपाल ने किताबों के स्टॉल का भी दौरा किया और संचालकों से बात की।

श्रीनगर के एसकेआईसीसी में आयोजित चिनार बुक फेस्टिवल में छात्राएं। संवाद