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Srinagar News: बारामुला में सुरक्षाबलों ने परखी अपनी ताकत
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बारामुला। उत्तरी कश्मीर के बारामुला में मंगलवार को सुरक्षाबलों की तैयारियों और आपसी तालमेल को परखने के लिए एक बेहद कड़ा और बड़े पैमाने पर संयुक्त मॉक ड्रिल अभियान चलाया गया। इस विशेष युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रत्याशित संकट या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की परिचालन तैयारियों, जवाबी कार्रवाई की गति और उनके आपसी समन्वय का सटीक मूल्यांकन करना था।
इस हाई-प्रोफाइल संयुक्त अभ्यास में जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारतीय सेना, सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) और अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग के जवानों ने एक साथ मिलकर हिस्सा लिया। इस पूरे ड्रिल को इस तरह से डिजाइन किया गया था कि वास्तविक आपातकालीन स्थितियों और अचानक पैदा होने वाले सुरक्षा खतरों के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाया जा सके। अभ्यास के दौरान सुरक्षाबलों ने इलाके को पूरी तरह सुरक्षित करने, नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने, क्विक रिएक्शन टीमों (क्यूआरटी) की तैनाती, उग्र भीड़ पर काबू पाने, रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने का कड़ा अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल के दौरान सभी सुरक्षा एजेंसियों ने एक-दूसरे के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए यह साबित किया कि वे किसी भी विषम परिस्थिति में बेहद कम समय में और अचूक तरीके से कार्रवाई करने में सक्षम हैं। मौके पर मौजूद विभिन्न बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी ड्रिल की खुद निगरानी की और टीमों की मुस्तैदी की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपातकाल के दौरान निर्बाध संचार व्यवस्था और संयुक्त योजना सबसे अहम हथियार हैं।
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इस हाई-प्रोफाइल संयुक्त अभ्यास में जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारतीय सेना, सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) और अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग के जवानों ने एक साथ मिलकर हिस्सा लिया। इस पूरे ड्रिल को इस तरह से डिजाइन किया गया था कि वास्तविक आपातकालीन स्थितियों और अचानक पैदा होने वाले सुरक्षा खतरों के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाया जा सके। अभ्यास के दौरान सुरक्षाबलों ने इलाके को पूरी तरह सुरक्षित करने, नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने, क्विक रिएक्शन टीमों (क्यूआरटी) की तैनाती, उग्र भीड़ पर काबू पाने, रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने का कड़ा अभ्यास किया।
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मॉक ड्रिल के दौरान सभी सुरक्षा एजेंसियों ने एक-दूसरे के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए यह साबित किया कि वे किसी भी विषम परिस्थिति में बेहद कम समय में और अचूक तरीके से कार्रवाई करने में सक्षम हैं। मौके पर मौजूद विभिन्न बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी ड्रिल की खुद निगरानी की और टीमों की मुस्तैदी की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपातकाल के दौरान निर्बाध संचार व्यवस्था और संयुक्त योजना सबसे अहम हथियार हैं।