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Srinagar News: श्रीनगर के कुछ इलाकों में अनियमित बिजली सप्लाई से लोग परेशान
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श्रीनगर। शहर के छानपोरा, बागे महताब, बटमालू और अन्य कुछ इलाकों के लोगों ने जम्मू-कश्मीर पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के एमडी से इलाके में बार-बार बिना बताए बिजली कटौती और अनियमित बिजली सप्लाई को लेकर अपनी शिकायत की है।
लोगों ने कहा कि उन्हें पिछले एक महीने से अधिक समय से बार-बार बिना बताए और लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनियमित सप्लाई से रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। एक स्थानीय बिलाल गनी ने कहा कि आजकल सर्दियां हैं और लगभग हर काम बिजली पर ही निर्भर है। अनियमित बिजली कटौती से काम प्रभावित होते हैं। एक अन्य गयासुदीन ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना शुरू होने वाला है और हम चाहते हैं कि यह अनियमित कटौती खत्म हो खासकर इफ्तारी और सेहरी के समय बिजली उपलब्धता बाधित न हो। बार-बार बिजली कटौती से बड़ी परेशानी हो सकती है, खासकर बुजुर्गों और रोजा रखने वाले परिवारों को।
गौरतलब है कि लोगों ने मैनेजिंग डायरेक्टर से इस मामले में खुद दखल देने और टेक्निकल स्टाफ को बिना बताए कटौती से बचने के लिए घोषित बिजली शेड्यूल का सख्ती से पालन करने का निर्देश देने की अपील की है। उन्होंने इस मुद्दे के जल्द समाधान और इलाके में स्थिर बिजली सप्लाई बहाल होने की उम्मीद जताई।
इस बीच मिली जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में फरवरी और मार्च महीने में पीक डिमांड के दौरान 34 प्रतिशत बिजली की कमी हो सकती है। नॉर्दर्न रीजन पावर कमेटी (एआरपीसी) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इन महीनों में पीक टाइम के दौरान दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में कुल अनुमानित बिजली उपलब्धता के मुकाबले 34 प्रतिशत बिजली की कमी का अनुमान है।
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लोगों ने कहा कि उन्हें पिछले एक महीने से अधिक समय से बार-बार बिना बताए और लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनियमित सप्लाई से रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। एक स्थानीय बिलाल गनी ने कहा कि आजकल सर्दियां हैं और लगभग हर काम बिजली पर ही निर्भर है। अनियमित बिजली कटौती से काम प्रभावित होते हैं। एक अन्य गयासुदीन ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना शुरू होने वाला है और हम चाहते हैं कि यह अनियमित कटौती खत्म हो खासकर इफ्तारी और सेहरी के समय बिजली उपलब्धता बाधित न हो। बार-बार बिजली कटौती से बड़ी परेशानी हो सकती है, खासकर बुजुर्गों और रोजा रखने वाले परिवारों को।
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गौरतलब है कि लोगों ने मैनेजिंग डायरेक्टर से इस मामले में खुद दखल देने और टेक्निकल स्टाफ को बिना बताए कटौती से बचने के लिए घोषित बिजली शेड्यूल का सख्ती से पालन करने का निर्देश देने की अपील की है। उन्होंने इस मुद्दे के जल्द समाधान और इलाके में स्थिर बिजली सप्लाई बहाल होने की उम्मीद जताई।
इस बीच मिली जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में फरवरी और मार्च महीने में पीक डिमांड के दौरान 34 प्रतिशत बिजली की कमी हो सकती है। नॉर्दर्न रीजन पावर कमेटी (एआरपीसी) के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इन महीनों में पीक टाइम के दौरान दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में कुल अनुमानित बिजली उपलब्धता के मुकाबले 34 प्रतिशत बिजली की कमी का अनुमान है।