J&K: अनंतनाग हमले के बाद मीरवाइज ने उठाए सवाल, कहा- एक की गलती की सजा सबको नहीं, निर्दोष को न बनाया जाए निशाना
मीरवाइज उमर फारूक ने अनंतनाग में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद घाटी में बड़े पैमाने पर हो रही हिरासत और पूछताछ पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
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अनंतनाग में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद घाटी में बड़े पैमाने पर की जा रही गिरफ्तारियों और पूछताछ को लेकर कश्मीर के प्रमुख धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष युवाओं और उनके परिवारों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए।
शुक्रवार को श्रीनगर की जामिया मस्जिद में नमाज के बाद लोगों को संबोधित करते हुए मीरवाइज ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से घाटी में बड़ी संख्या में युवाओं को हिरासत में लिया जा रहा है और उनसे पूछताछ की जा रही है, जिससे आम लोगों में चिंता का माहौल है।
उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान की हत्या गलत और अस्वीकार्य है, लेकिन एक व्यक्ति की हिंसक कार्रवाई के लिए पूरे समाज को सजा देना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि अनंतनाग में पुलिसकर्मी की हत्या की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दी जाए।
मीरवाइज ने अनंतनाग में आतंकियों के घरों को ध्वस्त किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां न्यायसंगत नहीं हैं और इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती है, जो किसी भी लिहाज से समाधान का रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि संवाद और कानून के दायरे में रहकर ही समस्याओं का समाधान संभव है। युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी चिंताओं का जवाब बातचीत के जरिए दिया जाना चाहिए।