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जंतर-मंतर बयान पर घिरीं महबूबा मुफ्ती: भड़के सीएम उमर अब्दुल्ला, बोले- माफी मांगें, बयान गैर-जिम्मेदाराना

Mon, 27 Jul 2026 02:26 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: Nikita Gupta Updated Mon, 27 Jul 2026 02:26 PM IST
सार

मुख्यमंत्री उमरअब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के बल प्रयोग संबंधी बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

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Omar Abdullah says Mehbooba's remarks on violence against Kashmiris 'irresponsible
सीएम उमर अब्दुल्ला और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के हालिया बयान पर नाराजगी जताते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया है। उन्होंने कहा कि महबूबा को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।

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उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि सत्ता में रह चुके नेताओं के ऐसे बयान आम लोगों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने से हतोत्साहित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती को दिल्ली के जंतर-मंतर जाने के बजाय अपने बयान पर विचार करना चाहिए था।

दरअसल, महबूबा मुफ्ती 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन कश्मीर में अतीत में इस्तेमाल किए गए पैलेट गन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर उनकी टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया।

उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि महबूबा ने आतंकवाद से निपटने के नाम पर बल प्रयोग को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि अगर नेता ही लोगों पर अत्याचार या बल प्रयोग को सही ठहराएंगे तो आम लोग अपने अधिकारों और राज्य का दर्जा बहाल करने जैसी मांगों के लिए आगे आने से डरेंगे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि महबूबा मुफ्ती को जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर जंतर-मंतर जाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने वहां जाकर बल प्रयोग को उचित ठहराने वाली बात कही। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आतंकवाद के नाम पर बच्चों को न्याय नहीं मिलना चाहिए या लोगों के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा सकता है।

महबूबा मुफ्ती के बयान पर उठे विवाद के बाद पीडीपी ने पलटवार करते हुए कहा था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस  उनके बयान को गलत तरीके से पेश कर रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  का इस्तेमाल कर इसे तोड़ा-मरोड़ा गया है।

उमर अब्दुल्ला ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि महबूबा को बयान पर सफाई देने के बजाय माफी मांगनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अगर कोई बात भावनाओं में आकर कही गई थी तो उसे स्वीकार करने में कोई नुकसान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी की हत्या के बाद हुई गिरफ्तारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए लोगों का समर्थन जरूरी है और लगातार दबाव, गिरफ्तारियों और सख्ती से लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है।

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि छात्रों को इसका श्रेय मिलना चाहिए, क्योंकि उन्होंने अपने मुद्दों को लेकर मजबूती से आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि अगर इस्तीफा देना ही था तो यह पहले होना चाहिए था।

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