सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी: बांदीपोरा में आतंक के मददगारों पर प्रहार, 5 लोगों की करोड़ों की संपत्तियां कुर्क
बांदीपोरा पुलिस ने आतंकवादी गतिविधियों में रूप से संलिप्त पांच लोगों की करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क कर बड़ी कार्रवाई की है।
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जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। घाटी से आतंकवाद के नेटवर्क और उसके मददगारों (टेरर इकोसिस्टम) को पूरी तरह उखाड़ फेंकने के लिए चलाई जा रही मुहिम के तहत बांदीपोरा पुलिस ने आतंकी गतिविधियों में संलिप्त पांच लोगों की करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि यह बड़ी कार्रवाई उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के चिट्टीबांडे और गुंडपोरा गांवों में की गई है। जब्त की गई संपत्तियों में कृषि भूमि के कई हिस्से शामिल हैं, जो अलग-अलग खसरा नंबरों के तहत दर्ज हैं। ये संपत्तियां मीर हसन, खुर्शीद अहमद शेख, फारूक अहमद वानी, मुजफ्फर अहमद लोन और गुलाम अहमद लोन नाम के व्यक्तियों की हैं।
पुलिस की ओर से की गई इस सख्त कार्रवाई के तहत विभिन्न खसरा नंबरों में फैली लगभग 19.5 मरला, 3.5 मरला, 16 मरला और एक कनाल से अधिक की कृषि भूमि के साथ-साथ अन्य छोटे भूखंडों को भी पूरी तरह से सील कर दिया गया है। बांदीपोरा पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई आतंकवाद के समर्थक नेटवर्क को ध्वस्त करने और राष्ट्र विरोधी या गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए ऐसी संपत्तियों के इस्तेमाल को रोकने के निरंतर प्रयासों का एक हिस्सा है। कानून की प्रासंगिक धाराओं के तहत पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद यह कदम उठाया गया है।जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से आतंकवाद और उसके बुनियादी ढांचे के खिलाफ चलाया जा रहा यह अभियान लगातार रंग ला रहा है।
हाल के महीनों में केंद्र शासित प्रदेश में टेरर फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट को पूरी तरह ठप करने के लिए आतंकियों और उनके आकाओं से जुड़ी कई संपत्तियों को कुर्क किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की इस कड़ी कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवाद में शामिल तत्वों पर नकेल कसना और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का समर्थन करने वालों को एक कड़ा व स्पष्ट संदेश देना है। इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई तत्परता से जारी है।