{"_id":"697e5fecdf30cd50d00e309f","slug":"srinagar-dr-tosif-ahmed-welcome-solid-waste-management-act-srinagar-news-c-10-lko1027-824909-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमालय की घाटियों के नाजुक पर्यावरण को सहेजेगा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट : डॉ. तौसीफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमालय की घाटियों के नाजुक पर्यावरण को सहेजेगा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट : डॉ. तौसीफ
विज्ञापन
डॉ. तौसीफ अहमद। संवाद
विज्ञापन
- कश्मीर के प्रमुख पर्यावरणविद् ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 का किया स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कश्मीर के प्रमुख पर्यावरणविद और संरक्षणवादी डॉ. तौसीफ अहमद ने हाल ही में अधिसूचित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उन्होंने इसे हिमालयी क्षेत्र की पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील घाटियों के लिए महत्वपूर्ण और समयबद्ध हस्तक्षेप करार दिया।
जारी एक बयान में डॉ. तौसीफ अहमद ने उम्मीद जताई कि इन नए नियमों में पहाड़ी क्षेत्रों के लिए स्पष्ट प्रावधानों के कारण कश्मीर घाटी में लंबे समय से चली आ रही और बढ़ती कचरा प्रबंधन संकट का समाधान होगा। यह संकट उच्च पर्यटक आवागमन और सीमित निपटान स्थान के कारण और गंभीर हो गया है।
उन्होंने कहा, इन नियमों की अधिसूचना एक ऐतिहासिक क्षण है। दशकों से हमारी प्राकृतिक घाटियां, झीलें और पर्यटन स्थल इकट्ठा करो और फेंको की रैखिक प्रणाली से जूझते रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप श्रीनगर के आचन लैंडफिल जैसे स्थान भर गए और परिदृश्य कचरे से पट गए। 2026 के नियम अब एक चक्रीय, जवाबदेह और विकेंद्रीकृत प्रणाली की ओर मुड़ते हैं जो हमारे जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है।
डॉ. तौसीफ अहमद ने पुराने कचरे की सफाई के लिए बायोमाइनिंग और बायोरेमेडिएशन पर फोकस की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, पुराने डंपसाइट्स की समयबद्ध सफाई का निर्देश मौजूदा लैंडफिल के आसपास प्रभावित भूमि और भूजल को पुनः प्राप्त करने का ठोस समाधान प्रदान करता है जो एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। ये नियम कश्मीर को विश्व स्तर पर पर्वतीय क्षेत्रों के लिए सतत कचरा प्रबंधन का मॉडल बनाने का ऐतिहासिक अवसर प्रस्तुत करते हैं। यह हमारे जल, मिट्टी की रक्षा करने और हमारी प्राकृतिक सुंदरता को कचरे के हवाले न करने का मार्ग है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि इसे तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ अपनाएं।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कश्मीर के प्रमुख पर्यावरणविद और संरक्षणवादी डॉ. तौसीफ अहमद ने हाल ही में अधिसूचित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उन्होंने इसे हिमालयी क्षेत्र की पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील घाटियों के लिए महत्वपूर्ण और समयबद्ध हस्तक्षेप करार दिया।
जारी एक बयान में डॉ. तौसीफ अहमद ने उम्मीद जताई कि इन नए नियमों में पहाड़ी क्षेत्रों के लिए स्पष्ट प्रावधानों के कारण कश्मीर घाटी में लंबे समय से चली आ रही और बढ़ती कचरा प्रबंधन संकट का समाधान होगा। यह संकट उच्च पर्यटक आवागमन और सीमित निपटान स्थान के कारण और गंभीर हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा, इन नियमों की अधिसूचना एक ऐतिहासिक क्षण है। दशकों से हमारी प्राकृतिक घाटियां, झीलें और पर्यटन स्थल इकट्ठा करो और फेंको की रैखिक प्रणाली से जूझते रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप श्रीनगर के आचन लैंडफिल जैसे स्थान भर गए और परिदृश्य कचरे से पट गए। 2026 के नियम अब एक चक्रीय, जवाबदेह और विकेंद्रीकृत प्रणाली की ओर मुड़ते हैं जो हमारे जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है।
डॉ. तौसीफ अहमद ने पुराने कचरे की सफाई के लिए बायोमाइनिंग और बायोरेमेडिएशन पर फोकस की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, पुराने डंपसाइट्स की समयबद्ध सफाई का निर्देश मौजूदा लैंडफिल के आसपास प्रभावित भूमि और भूजल को पुनः प्राप्त करने का ठोस समाधान प्रदान करता है जो एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। ये नियम कश्मीर को विश्व स्तर पर पर्वतीय क्षेत्रों के लिए सतत कचरा प्रबंधन का मॉडल बनाने का ऐतिहासिक अवसर प्रस्तुत करते हैं। यह हमारे जल, मिट्टी की रक्षा करने और हमारी प्राकृतिक सुंदरता को कचरे के हवाले न करने का मार्ग है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि इसे तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ अपनाएं।
