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Srinagar News: चैंबर ऑफ कॉमर्स ने राज्य बजट से पहले कीं बिंदुवार सिफारिशें
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- सदस्यों ने यह सिफारिशें मुख्य सचिव अटल डुल्लू को ज्ञापन के रूप में सौंपीं
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केसीसीएंडआई) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट से पूर्व अपनी सिफारिशें रविवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू को सौंपीं। यह वार्षिक संस्थागत अभ्यास केसीसीएंडआई के सदस्यों की सामूहिक आकांक्षाओं और चिंताओं को दर्शाता है जिनकी राय पर सरकार हर साल बजट निर्माण में विचार करती है।
केसीसीएंडआई ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था, खासकर कश्मीर की, कुछ क्षेत्रों में सुधार के बावजूद नाजुक, भावना-आधारित और संरचनात्मक रूप से कमजोर बनी हुई है। पहलगाम घटना सहित विभिन्न व्यवधानों ने आर्थिक झटके सहन करने की क्षमता की कमी को उजागर किया है। इससे आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प, बागवानी विपणन, एमएसएमई, असंगठित श्रम और खुदरा व्यापार में शृंखलाबद्ध मंदी आई है।
चैंबर ने कहा कि 2026-27 का बजट सामान्य वित्तीय अभ्यास से अलग होकर एक रणनीतिक आर्थिक खाका होना चाहिए जो आत्मविश्वास बहाली, रोजगार सृजन, क्षेत्रीय विविधीकरण, स्थिरता और दीर्घकालिक लचीलापन पर केंद्रित हो। इनकी मुख्य सिफारिशों में हस्तशिल्प एवं निर्यात पुनरुद्धार, पर्यटन एवं संबद्ध क्षेत्र, कृषि बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण, औद्योगिक पुनरुद्धार, एमएसएमई एवं स्टार्टअप, सामान्य व्यापार एवं खुदरा क्षेत्र शामिल हैं। केसीसीएंडआई ने इन सिफारिशों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर को मजबूत, विविध और लचीली अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (केसीसीएंडआई) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट से पूर्व अपनी सिफारिशें रविवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू को सौंपीं। यह वार्षिक संस्थागत अभ्यास केसीसीएंडआई के सदस्यों की सामूहिक आकांक्षाओं और चिंताओं को दर्शाता है जिनकी राय पर सरकार हर साल बजट निर्माण में विचार करती है।
केसीसीएंडआई ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था, खासकर कश्मीर की, कुछ क्षेत्रों में सुधार के बावजूद नाजुक, भावना-आधारित और संरचनात्मक रूप से कमजोर बनी हुई है। पहलगाम घटना सहित विभिन्न व्यवधानों ने आर्थिक झटके सहन करने की क्षमता की कमी को उजागर किया है। इससे आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प, बागवानी विपणन, एमएसएमई, असंगठित श्रम और खुदरा व्यापार में शृंखलाबद्ध मंदी आई है।
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चैंबर ने कहा कि 2026-27 का बजट सामान्य वित्तीय अभ्यास से अलग होकर एक रणनीतिक आर्थिक खाका होना चाहिए जो आत्मविश्वास बहाली, रोजगार सृजन, क्षेत्रीय विविधीकरण, स्थिरता और दीर्घकालिक लचीलापन पर केंद्रित हो। इनकी मुख्य सिफारिशों में हस्तशिल्प एवं निर्यात पुनरुद्धार, पर्यटन एवं संबद्ध क्षेत्र, कृषि बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण, औद्योगिक पुनरुद्धार, एमएसएमई एवं स्टार्टअप, सामान्य व्यापार एवं खुदरा क्षेत्र शामिल हैं। केसीसीएंडआई ने इन सिफारिशों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर को मजबूत, विविध और लचीली अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की है।
