{"_id":"6a515639a19a8a90c507a45a","slug":"srinagar-motor-racer-sayma-beig-first-kashmiri-women-biker-racer-srinagar-news-c-10-1-jam1027-958115-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: पुरुषों के दबदबे वाले रेसिंग ट्रैक पर कश्मीर की बेटी की रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: पुरुषों के दबदबे वाले रेसिंग ट्रैक पर कश्मीर की बेटी की रफ्तार
विज्ञापन
सायमा बेग। स्रोत स्वयं
- फोटो : Archive
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जब सायमा एजाज बेग के पिता ने उन्हें एक मोटरसाइकिल तोहफे में दी थी तो दोनों में से किसी ने नहीं सोचा था कि यह तोहफा उन्हें भारत की अग्रणी महिला मोटरसाइकिल रेसर्स की कतार में खड़ा कर देगा। श्रीनगर के एक कश्मीरी परिवार में जन्मीं और महाराष्ट्र में पली-बढ़ी 26 वर्षीय सायमा जम्मू-कश्मीर की पहली राष्ट्रीय स्तर की महिला मोटरसाइकिल सर्किट रेसर बन गई हैं।
पुरुषों के वर्चस्व वाले इस बेहद कठिन और जोखिम भरे खेल में सायमा ने न सिर्फ अपनी जगह बनाई है, बल्कि कई राष्ट्रीय खिताब और अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग हासिल कर एक मिसाल कायम की है। पुणे से बीसीए स्नातक सायमा ने बताया कि मोटरसाइकिल के प्रति उनका आकर्षण बचपन से ही था जो पहले एक शौक और बाद में उनका पेशा बन गया। उन्होंने कहा कि उनके पिता की ओर से दी गई मोटरसाइकिल ने उनकी जिंदगी बदल दी।
शुरुआत में वह सिर्फ आनंद के लिए सवारी करती थीं लेकिन समय के साथ रेसिंग के अनुशासन, सटीकता और रोमांच ने उन्हें इस कदर आकर्षित किया कि उन्होंने इसे ही अपना करियर चुन लिया। कई पेशेवर रेसर्स के उलट जो बचपन से ही अकादमियों में प्रशिक्षण लेते हैं, सायमा ने खुद अपना रास्ता बनाया। उन्होंने कई बार हादसों का सामना किया, उनकी हड्डियां भी टूटीं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और हर बार उठकर दोबारा ट्रैक पर उतरीं।
विज्ञापन
सायमा ने अपनी इस गैर-पारंपरिक सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया जो हर मुश्किल घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने कभी उन्हें सपना छोड़ने के लिए नहीं कहा बल्कि उनका अटूट भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। सायमा का मानना है कि रेसिंग का मतलब सिर्फ रफ्तार नहीं बल्कि अनुशासन, धैर्य और विपरीत परिस्थितियों से लड़ना है। हर दुर्घटना या असफलता उनके लिए हारने की वजह नहीं, बल्कि नया सबक बनी।
उनकी मेहनत का बड़ा परिणाम साल 2024 में दिखा, जब उन्होंने टीवीएस वन मेक चैंपियनशिप का खिताब जीता। इसके बाद उन्होंने इंडियन नेशनल मोटरसाइकिल रेसिंग चैंपियनशिप 2025 में दूसरा उपविजेता और केटीएम कप 2026 में पहला उपविजेता स्थान हासिल कर अपनी जगह पक्की की।
विज्ञापन
श्रीनगर। जब सायमा एजाज बेग के पिता ने उन्हें एक मोटरसाइकिल तोहफे में दी थी तो दोनों में से किसी ने नहीं सोचा था कि यह तोहफा उन्हें भारत की अग्रणी महिला मोटरसाइकिल रेसर्स की कतार में खड़ा कर देगा। श्रीनगर के एक कश्मीरी परिवार में जन्मीं और महाराष्ट्र में पली-बढ़ी 26 वर्षीय सायमा जम्मू-कश्मीर की पहली राष्ट्रीय स्तर की महिला मोटरसाइकिल सर्किट रेसर बन गई हैं।
पुरुषों के वर्चस्व वाले इस बेहद कठिन और जोखिम भरे खेल में सायमा ने न सिर्फ अपनी जगह बनाई है, बल्कि कई राष्ट्रीय खिताब और अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग हासिल कर एक मिसाल कायम की है। पुणे से बीसीए स्नातक सायमा ने बताया कि मोटरसाइकिल के प्रति उनका आकर्षण बचपन से ही था जो पहले एक शौक और बाद में उनका पेशा बन गया। उन्होंने कहा कि उनके पिता की ओर से दी गई मोटरसाइकिल ने उनकी जिंदगी बदल दी।
विज्ञापन
शुरुआत में वह सिर्फ आनंद के लिए सवारी करती थीं लेकिन समय के साथ रेसिंग के अनुशासन, सटीकता और रोमांच ने उन्हें इस कदर आकर्षित किया कि उन्होंने इसे ही अपना करियर चुन लिया। कई पेशेवर रेसर्स के उलट जो बचपन से ही अकादमियों में प्रशिक्षण लेते हैं, सायमा ने खुद अपना रास्ता बनाया। उन्होंने कई बार हादसों का सामना किया, उनकी हड्डियां भी टूटीं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और हर बार उठकर दोबारा ट्रैक पर उतरीं।
विज्ञापन
सायमा ने अपनी इस गैर-पारंपरिक सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया जो हर मुश्किल घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने कभी उन्हें सपना छोड़ने के लिए नहीं कहा बल्कि उनका अटूट भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। सायमा का मानना है कि रेसिंग का मतलब सिर्फ रफ्तार नहीं बल्कि अनुशासन, धैर्य और विपरीत परिस्थितियों से लड़ना है। हर दुर्घटना या असफलता उनके लिए हारने की वजह नहीं, बल्कि नया सबक बनी।
उनकी मेहनत का बड़ा परिणाम साल 2024 में दिखा, जब उन्होंने टीवीएस वन मेक चैंपियनशिप का खिताब जीता। इसके बाद उन्होंने इंडियन नेशनल मोटरसाइकिल रेसिंग चैंपियनशिप 2025 में दूसरा उपविजेता और केटीएम कप 2026 में पहला उपविजेता स्थान हासिल कर अपनी जगह पक्की की।