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Udhampur News: परीक्षाओं के बीच छुट्टी में विषय के रिवीजन पर दें ध्यान, आज कंप्यूटर साइंस का होगा पेपर
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बंदना देवी
उधमपुर। जेकेबोस की 10वीं कक्षा का गणित की परीक्षा समाप्त होने के बाद छुट्टियों का लाभ उठाते हुए विद्यार्थियों ने अगले विषय की परीक्षा की तैयारी है। इसके लिए दिन-रात एक कर दिया। हालांकि शिक्षकों ने आगे से होने वाली परीक्षाओं को लेकर सफलता मंत्र दिया है।
उन्होंने बच्चों को सलाह दी है कि रट्टे के बजाय रिवीजन पर ध्यान दें। पेपर के बीच छुट्टियों का भरपूर लाभ उठा रहे हैं। कई विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा हो चुका है जबकि कुछ छात्र महत्वपूर्ण अध्याय को समझने और दोहराने में लगे हुए हैं।
19 फरवरी को कंप्यूटर साइंस तो 21 फरवरी को हिंदी की परीक्षा है। अध्यापकों ने स्पष्ट किया कि समझकर पढ़ाई करना जरूरी है। यदि विद्यार्थी किसी विषय को अच्छे से समझ लेते हैं तो परीक्षा में प्रश्न चाहे किसी भी प्रकार से आए, वे आत्मविश्वास के साथ उत्तर लिख सकते हैं। साथ ही नियमित ब्रेक, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार लेना भी परीक्षा के दौरान बेहद जरूरी है। संवाद
याद पाठ्यक्रम को दोहराएं
इस समय घबराने या अधिक दबाव लेने की जरूरत नहीं है। जो पढ़ा हुआ है, उसी को दोबारा अच्छे से दोहराना सबसे जरूरी है। परीक्षा के अंतिम दिन में नई चीजें पढ़ने के बजाय पुराने पाठों की पुनरावृत्ति करना अधिक लाभदायक होता है।
-अंजलि ठाकुर, शिक्षिका।
बेफिक्र अगले विषय की करें तैयार
गणित में जो बच्चे अच्छे से पेपर नहीं कर पाए हैं वह अब उसको लेकर परेशान न रहें क्योंकि इससे उनकी आने वाली परीक्षा पर असर पड़ेगा, अगले विषय के पेपर की पूरी तैयारी करें, जो हो गया है उसके बारे में न सोचे।- शुभम उपाध्याय, शिक्षक।
सुबह पढ़ाई का अधिक फायदा
विद्यार्थियों को सुबह पढ़ाई करनी चाहिए क्योंकि उस समय मन और दिमाग दोनों ताजा रहते हैं। इस समय पढ़ाई करने से विषय आसानी से समझ में आता है और याद भी लंबे समय तक रहता है। देर रात तक जागकर पढ़ने से थकान और तनाव बढ़ सकता है।
- रेचल प्रसाद, प्रिंसिपल।
प्रबंधन के साथ करें तैयारी
दबाव के कारण पेपर खराब होता है। अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें सकारात्मक माहौल दें। सही समय प्रबंधन और आत्मविश्वास के साथ की गई तैयारी ही अच्छे परिणाम दिला सकती है।
- बलवीर सिंह, शिक्षक।
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उधमपुर। जेकेबोस की 10वीं कक्षा का गणित की परीक्षा समाप्त होने के बाद छुट्टियों का लाभ उठाते हुए विद्यार्थियों ने अगले विषय की परीक्षा की तैयारी है। इसके लिए दिन-रात एक कर दिया। हालांकि शिक्षकों ने आगे से होने वाली परीक्षाओं को लेकर सफलता मंत्र दिया है।
उन्होंने बच्चों को सलाह दी है कि रट्टे के बजाय रिवीजन पर ध्यान दें। पेपर के बीच छुट्टियों का भरपूर लाभ उठा रहे हैं। कई विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम पूरा हो चुका है जबकि कुछ छात्र महत्वपूर्ण अध्याय को समझने और दोहराने में लगे हुए हैं।
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19 फरवरी को कंप्यूटर साइंस तो 21 फरवरी को हिंदी की परीक्षा है। अध्यापकों ने स्पष्ट किया कि समझकर पढ़ाई करना जरूरी है। यदि विद्यार्थी किसी विषय को अच्छे से समझ लेते हैं तो परीक्षा में प्रश्न चाहे किसी भी प्रकार से आए, वे आत्मविश्वास के साथ उत्तर लिख सकते हैं। साथ ही नियमित ब्रेक, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार लेना भी परीक्षा के दौरान बेहद जरूरी है। संवाद
याद पाठ्यक्रम को दोहराएं
इस समय घबराने या अधिक दबाव लेने की जरूरत नहीं है। जो पढ़ा हुआ है, उसी को दोबारा अच्छे से दोहराना सबसे जरूरी है। परीक्षा के अंतिम दिन में नई चीजें पढ़ने के बजाय पुराने पाठों की पुनरावृत्ति करना अधिक लाभदायक होता है।
-अंजलि ठाकुर, शिक्षिका।
बेफिक्र अगले विषय की करें तैयार
गणित में जो बच्चे अच्छे से पेपर नहीं कर पाए हैं वह अब उसको लेकर परेशान न रहें क्योंकि इससे उनकी आने वाली परीक्षा पर असर पड़ेगा, अगले विषय के पेपर की पूरी तैयारी करें, जो हो गया है उसके बारे में न सोचे।- शुभम उपाध्याय, शिक्षक।
सुबह पढ़ाई का अधिक फायदा
विद्यार्थियों को सुबह पढ़ाई करनी चाहिए क्योंकि उस समय मन और दिमाग दोनों ताजा रहते हैं। इस समय पढ़ाई करने से विषय आसानी से समझ में आता है और याद भी लंबे समय तक रहता है। देर रात तक जागकर पढ़ने से थकान और तनाव बढ़ सकता है।
- रेचल प्रसाद, प्रिंसिपल।
प्रबंधन के साथ करें तैयारी
दबाव के कारण पेपर खराब होता है। अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें सकारात्मक माहौल दें। सही समय प्रबंधन और आत्मविश्वास के साथ की गई तैयारी ही अच्छे परिणाम दिला सकती है।
- बलवीर सिंह, शिक्षक।