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Udhampur News: डिग्री कॉलेज भद्रवाह के मुद्दों पर बढ़ा जन आक्रोश, शैक्षणिक सुधारों की मांग
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भद्रवाह। राजकीय डिग्री काॅलेज में बिगड़ते शैक्षणिक माहौल को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए बुधवार को सेरी बाजार में प्रेस वार्ता हुई। विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।
यूथ एक्शन कमेटी के अध्यक्ष नसीर महबूब ने कहा कि कभी हजारों विद्यार्थियों वाला कॉलेज अब लगभग 200 छात्रों तक सिमट गया है। उन्होंने प्रवेश में गिरावट के लिए कॉलेज को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीईयूटी) ढांचे में शामिल करने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
उनके अनुसार प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के इच्छुक छात्रों को पहले सीईयूटी उत्तीर्ण करनी होता है। कई बार परीक्षा केंद्र प्रदेश से बाहर आवंटित कर दिए जाते हैं, जिससे आर्थिक और यात्रा संबंधी बोझ बढ़ जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए दूसरे राज्यों में जाकर परीक्षा देना संभव नहीं होता। यही प्रवेश में गिरावट का मुख्य कारण बन गया है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों में कई विषय कॉलेज से हटा दिए गए हैं, जिससे शैक्षणिक विकल्प सीमित हो गए हैं। उन्होंने शैक्षणिक कैलेंडर में बार-बार होने वाले बदलाव और देरी पर भी चिंता जताई। कहा, इससे परीक्षाओं और परिणामों को लेकर अनिश्चितता पैदा हो रही है और छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
सेवानिवृत्त एसडीएम रवि ठाकुर ने कॉलेज की घटती पहचान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 1950 में स्थापित संस्थान, जिसे जम्मू-कश्मीर का तीसरा सबसे पुराना कॉलेज माना जाता है, हालिया नीतिगत निर्णयों के कारण ऐतिहासिक गरिमा खो रहा है। इतिहास और परंपरा से समृद्ध संस्थान को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत किया जाना चाहिए। लोगों ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मामले का शीघ्र समाधान निकालने की अपील की। यहां एडवेंचर एंड टूरिज्म एसो. के अध्यक्ष मनीष कोतवाल, सेवानिवृत्त एसडीएम रवि ठाकुर मौजूद रहे।
अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का भी उठाया मुद्दा
लोगों ने उप जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। विशेष रूप से डायलिसिस यूनिट न होने के कारण मरीजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयां बढ़ जाती हैं। उन्होंने अस्पताल में शीघ्र डायलिसिस सुविधा शुरू करने की मांग की। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो भद्रवाह में व्यापक प्रदर्शन होगा। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल के समर्थन से बाजार बंद भी रखा जा सकता है, जिससे मांगों को जनसमर्थन मिलने का संकेत मिलता है। इसके साथ ही वक्ताओं ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा और स्वास्थ्य ढांचे में सुधार क्षेत्र की स्थिरता और प्रगति के लिए अनिवार्य है। अन्यथा आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।
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यूथ एक्शन कमेटी के अध्यक्ष नसीर महबूब ने कहा कि कभी हजारों विद्यार्थियों वाला कॉलेज अब लगभग 200 छात्रों तक सिमट गया है। उन्होंने प्रवेश में गिरावट के लिए कॉलेज को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीईयूटी) ढांचे में शामिल करने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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उनके अनुसार प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के इच्छुक छात्रों को पहले सीईयूटी उत्तीर्ण करनी होता है। कई बार परीक्षा केंद्र प्रदेश से बाहर आवंटित कर दिए जाते हैं, जिससे आर्थिक और यात्रा संबंधी बोझ बढ़ जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए दूसरे राज्यों में जाकर परीक्षा देना संभव नहीं होता। यही प्रवेश में गिरावट का मुख्य कारण बन गया है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों में कई विषय कॉलेज से हटा दिए गए हैं, जिससे शैक्षणिक विकल्प सीमित हो गए हैं। उन्होंने शैक्षणिक कैलेंडर में बार-बार होने वाले बदलाव और देरी पर भी चिंता जताई। कहा, इससे परीक्षाओं और परिणामों को लेकर अनिश्चितता पैदा हो रही है और छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
सेवानिवृत्त एसडीएम रवि ठाकुर ने कॉलेज की घटती पहचान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि 1950 में स्थापित संस्थान, जिसे जम्मू-कश्मीर का तीसरा सबसे पुराना कॉलेज माना जाता है, हालिया नीतिगत निर्णयों के कारण ऐतिहासिक गरिमा खो रहा है। इतिहास और परंपरा से समृद्ध संस्थान को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत किया जाना चाहिए। लोगों ने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मामले का शीघ्र समाधान निकालने की अपील की। यहां एडवेंचर एंड टूरिज्म एसो. के अध्यक्ष मनीष कोतवाल, सेवानिवृत्त एसडीएम रवि ठाकुर मौजूद रहे।
अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का भी उठाया मुद्दा
लोगों ने उप जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। विशेष रूप से डायलिसिस यूनिट न होने के कारण मरीजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयां बढ़ जाती हैं। उन्होंने अस्पताल में शीघ्र डायलिसिस सुविधा शुरू करने की मांग की। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो भद्रवाह में व्यापक प्रदर्शन होगा। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल के समर्थन से बाजार बंद भी रखा जा सकता है, जिससे मांगों को जनसमर्थन मिलने का संकेत मिलता है। इसके साथ ही वक्ताओं ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा और स्वास्थ्य ढांचे में सुधार क्षेत्र की स्थिरता और प्रगति के लिए अनिवार्य है। अन्यथा आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।