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Udhampur News: अब ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालकों की नहीं चलेगी मनमानी, किराया तय
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उधमपुर। शहर में ई-रिक्शा और ई-ऑटो का किराया तय होने से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। पहले यात्रियों को मनमाना किराया देना पड़ता था लेकिन अब दरें तय होने से व्यवस्था में सुधार आया है। दूसरी ओर बढ़ती महंगाई और अन्य खर्चों के बीच चालकों की समस्याएं बढ़ गई हैं। हालांकिसवारियों की संख्या में हो रही वृद्धि से उन्हें कुछ हद तक राहत मिल रही है।
इस फैसले ने आम लोगों के सफर को काफी आसान बना दिया है। पहले जहां ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते थे, अब तय दरों के लागू होने से यात्रियों को निश्चित और पारदर्शी किराया देना पड़ेगा। इस बदलाव का सबसे अधिक फायदा रोजाना सफर करने वाले लोगों विशेषकर छात्रों और मजदूर वर्ग को हुआ है। साहिल और चंद्र प्रकाश ने बताया कि पहले छोटी दूरी के लिए भी अधिक पैसे चुकाने पड़ते थे जिससे जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। अब किराया तय होने के बाद सीमित दरों पर यात्रा संभव हो गई है जिससे सफर पहले से कहीं ज्यादा सस्ता और आसान हो गया है।
किराया कम होने से आमदनी पर असर
चालक बीरबल शर्मा और रशपाल का कहना है कि वाहन को एक बार चार्ज करने में करीब चार घंटे का समय लगता है। पूरी चार्जिंग के बाद यह मैदानी क्षेत्रों में लगभग 120 किलोमीटर और पहाड़ी क्षेत्रों में करीब 100 किलोमीटर तक चल पाता है। उनका मानना है कि किराया कम होने से आमदनी पर असर पड़ेगा। वाहन की मासिक किस्त, बैटरी चार्जिंग का खर्च और अन्य दैनिक खर्चे निकालना चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि बस, टैक्सी का किराया बढ़ने के कारण ज्यादातर सवारियां ई-रिक्शा और ई-ऑटो को तवज्जो दे रही हैं। कई चालकों का कहना है कि यात्रियों को बुकिंग के हिसाब से किराया लिया जाता है जिससे उन्हें लगातार सवारियां मिल रही हैं और दिनभर का काम भी बना रहता है।
अनुमानित दरें
पहले 3 किलोमीटर तक: 9 रुपये
5 किलोमीटर तक: 14.28 रुपये
10 किलोमीटर तक: 18 रुपये
15 किलोमीटर तक: 20 रुपये
20 किलोमीटर तक: 23 रुपये
सभी चालकों को तय किराया ही लेना होगा। यदि कोई चालक निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलता मिला या शिकायत मिली तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर चालान काटा जाएगा।
- मुद्दसिर इकबाल, एआरटीओ।
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इस फैसले ने आम लोगों के सफर को काफी आसान बना दिया है। पहले जहां ई-रिक्शा और ई-ऑटो चालक मनमाना किराया वसूलते थे, अब तय दरों के लागू होने से यात्रियों को निश्चित और पारदर्शी किराया देना पड़ेगा। इस बदलाव का सबसे अधिक फायदा रोजाना सफर करने वाले लोगों विशेषकर छात्रों और मजदूर वर्ग को हुआ है। साहिल और चंद्र प्रकाश ने बताया कि पहले छोटी दूरी के लिए भी अधिक पैसे चुकाने पड़ते थे जिससे जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। अब किराया तय होने के बाद सीमित दरों पर यात्रा संभव हो गई है जिससे सफर पहले से कहीं ज्यादा सस्ता और आसान हो गया है।
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किराया कम होने से आमदनी पर असर
चालक बीरबल शर्मा और रशपाल का कहना है कि वाहन को एक बार चार्ज करने में करीब चार घंटे का समय लगता है। पूरी चार्जिंग के बाद यह मैदानी क्षेत्रों में लगभग 120 किलोमीटर और पहाड़ी क्षेत्रों में करीब 100 किलोमीटर तक चल पाता है। उनका मानना है कि किराया कम होने से आमदनी पर असर पड़ेगा। वाहन की मासिक किस्त, बैटरी चार्जिंग का खर्च और अन्य दैनिक खर्चे निकालना चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि बस, टैक्सी का किराया बढ़ने के कारण ज्यादातर सवारियां ई-रिक्शा और ई-ऑटो को तवज्जो दे रही हैं। कई चालकों का कहना है कि यात्रियों को बुकिंग के हिसाब से किराया लिया जाता है जिससे उन्हें लगातार सवारियां मिल रही हैं और दिनभर का काम भी बना रहता है।
अनुमानित दरें
पहले 3 किलोमीटर तक: 9 रुपये
5 किलोमीटर तक: 14.28 रुपये
10 किलोमीटर तक: 18 रुपये
15 किलोमीटर तक: 20 रुपये
20 किलोमीटर तक: 23 रुपये
सभी चालकों को तय किराया ही लेना होगा। यदि कोई चालक निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलता मिला या शिकायत मिली तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर चालान काटा जाएगा।
- मुद्दसिर इकबाल, एआरटीओ।
