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Udhampur News: भद्रवाह का 106 साल पुराना स्कूल हेरिटेज स्कूल में होगा तब्दील
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भद्रवाह। जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक शैक्षिक संस्थान बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल भद्रवाह अब हेरिटेज स्कूल के रूप में पुनर्निर्मित किया जाएगा। यह विद्यालय 106 वर्ष पुराना है। सरकार ने इसके पुनर्विकास के लिए 3.06 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है।
20वीं सदी के इस स्कूल के पुनर्विकास प्रोजेक्ट की आधारशिला ( जिसका नाम पहले ''''अमर सिंह हाई स्कूल'''' था) भद्रवाह के एडीसी सुनील कुमार भुत्याल ने प्रिंसिपल कैलाश चंद्र के साथ मिलकर रखी। प्रिंसिपल खुद भी इसी स्कूल के पूर्व छात्र हैं।
भद्रवाह नगर में स्थित यह चिनाब क्षेत्र का पहला उच्च विद्यालय था, जिसे 1920 में तत्कालीन डोगरा शासक महाराजा प्रताप सिंह ने स्थापित किया था।
एडीसी सुनील कुमार भुत्याल ने कहा कि इस पुनर्विकास परियोजना को प्रेरणा योजना के तहत पूरा किया जाएगा। क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय के पूर्व छात्र इस ऐतिहासिक विद्यालय से जुड़कर गर्व महसूस करेंगे। एडीसी ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण पर आधारित है और यह क्षेत्र के युवाओं को सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रेरित करेगी।
वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य कैलाश चंदर ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। विशेषकर मेरे लिए क्योंकि मेरे दादा, पिता और मैं स्वयं इस विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। आज जब यह विद्यालय हेरिटेज स्कूल के रूप में पुनर्निर्मित हो रहा है तो यह एक ऐसा क्षण है जिसे मैं जीवन भर संजोकर रखूंगा।
''''अमर सिंह हाई स्कूल'''' के नाम से प्रसिद्ध यह विद्यालय पहले डोडा जिले का एकमात्र उच्च विद्यालय था जो चिनाब क्षेत्र और कुछ हिस्सों में शिक्षा प्रदान करता था। इस विद्यालय का संबंध प्रारंभ में पंजाब विश्वविद्यालय लाहौर से था। 1947 में स्वतंत्रता संग्राम के बाद इसे काशी हिंदू विश्वविद्यालय और बाद में जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय से जोड़ा गया। 1974 में जम्मू-कश्मीर राज्य विद्यालय शिक्षा बोर्ड की स्थापना के बाद इसे जेके बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन से संबद्ध किया गया। 2015-16 में इसका नाम बदलकर मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल कर दिया गया।
यह पुनर्निर्माण परियोजना न केवल विद्यालय की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी।
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20वीं सदी के इस स्कूल के पुनर्विकास प्रोजेक्ट की आधारशिला ( जिसका नाम पहले ''''अमर सिंह हाई स्कूल'''' था) भद्रवाह के एडीसी सुनील कुमार भुत्याल ने प्रिंसिपल कैलाश चंद्र के साथ मिलकर रखी। प्रिंसिपल खुद भी इसी स्कूल के पूर्व छात्र हैं।
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भद्रवाह नगर में स्थित यह चिनाब क्षेत्र का पहला उच्च विद्यालय था, जिसे 1920 में तत्कालीन डोगरा शासक महाराजा प्रताप सिंह ने स्थापित किया था।
एडीसी सुनील कुमार भुत्याल ने कहा कि इस पुनर्विकास परियोजना को प्रेरणा योजना के तहत पूरा किया जाएगा। क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय के पूर्व छात्र इस ऐतिहासिक विद्यालय से जुड़कर गर्व महसूस करेंगे। एडीसी ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण पर आधारित है और यह क्षेत्र के युवाओं को सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रेरित करेगी।
वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य कैलाश चंदर ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। विशेषकर मेरे लिए क्योंकि मेरे दादा, पिता और मैं स्वयं इस विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं। आज जब यह विद्यालय हेरिटेज स्कूल के रूप में पुनर्निर्मित हो रहा है तो यह एक ऐसा क्षण है जिसे मैं जीवन भर संजोकर रखूंगा।
''''अमर सिंह हाई स्कूल'''' के नाम से प्रसिद्ध यह विद्यालय पहले डोडा जिले का एकमात्र उच्च विद्यालय था जो चिनाब क्षेत्र और कुछ हिस्सों में शिक्षा प्रदान करता था। इस विद्यालय का संबंध प्रारंभ में पंजाब विश्वविद्यालय लाहौर से था। 1947 में स्वतंत्रता संग्राम के बाद इसे काशी हिंदू विश्वविद्यालय और बाद में जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय से जोड़ा गया। 1974 में जम्मू-कश्मीर राज्य विद्यालय शिक्षा बोर्ड की स्थापना के बाद इसे जेके बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन से संबद्ध किया गया। 2015-16 में इसका नाम बदलकर मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल कर दिया गया।
यह पुनर्निर्माण परियोजना न केवल विद्यालय की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी।