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Udhampur News: जिला जेल भद्रवाह में कैदियों के स्वास्थ्य की जांच की गई
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भद्रवाह। जिला जेल भद्रवाह में शुक्रवार को कैदियों के लिए विशेष बहु-विशेषज्ञ चिकित्सा एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। जेल सुधार कार्यक्रम के तहत आयोजित इस एक दिवसीय शिविर में करीब 130 बंदियों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी काउंसलिंग और निशुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं।
शिविर का आयोजन जेल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग डोडा के सहयोग से किया। इसका उद्देश्य कैदियों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं जेल परिसर में ही उपलब्ध करवाना और उन्हें समय पर उपचार और आवश्यक परामर्श प्रदान करना था, ताकि उपचार के लिए बाहरी अस्पतालों में ले जाने की आवश्यकता कम हो।
जिला जेल भद्रवाह के अधीक्षक हामिद-उल्लाह नाइक ने बताया कि शिविर में लगभग 130 कैदियों को चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिला। उन्होंने कहा कि शिविर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा काउंसलिंग सत्र रहा, जिसमें कैदियों को तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य और नशे की रोकथाम के संबंध में जागरूक किया गया।
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उन्होंने कहा कि यह काउंसलिंग हाल ही में शुरू की गई ‘नशा मुक्ति’ पहल के उद्देश्यों के अनुरूप है। कैदियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग डोडा की ओर से एलोपैथिक और आयुष पद्धति की निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध करवाई गईं। जेल परिसर में ही दवाइयां मिलने से बंदियों को उपचार जारी रखने में सुविधा मिली।
जेल अधीक्षक ने कहा कि इस तरह के चिकित्सा एवं परामर्श शिविर केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुधार और समाज में पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच और काउंसलिंग से कैदियों को बेहतर स्वास्थ्य के साथ समाज में दोबारा सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
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शिविर का आयोजन जेल प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग डोडा के सहयोग से किया। इसका उद्देश्य कैदियों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं जेल परिसर में ही उपलब्ध करवाना और उन्हें समय पर उपचार और आवश्यक परामर्श प्रदान करना था, ताकि उपचार के लिए बाहरी अस्पतालों में ले जाने की आवश्यकता कम हो।
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जिला जेल भद्रवाह के अधीक्षक हामिद-उल्लाह नाइक ने बताया कि शिविर में लगभग 130 कैदियों को चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिला। उन्होंने कहा कि शिविर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा काउंसलिंग सत्र रहा, जिसमें कैदियों को तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य और नशे की रोकथाम के संबंध में जागरूक किया गया।
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उन्होंने कहा कि यह काउंसलिंग हाल ही में शुरू की गई ‘नशा मुक्ति’ पहल के उद्देश्यों के अनुरूप है। कैदियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग डोडा की ओर से एलोपैथिक और आयुष पद्धति की निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध करवाई गईं। जेल परिसर में ही दवाइयां मिलने से बंदियों को उपचार जारी रखने में सुविधा मिली।
जेल अधीक्षक ने कहा कि इस तरह के चिकित्सा एवं परामर्श शिविर केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुधार और समाज में पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच और काउंसलिंग से कैदियों को बेहतर स्वास्थ्य के साथ समाज में दोबारा सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।