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Udhampur News: हाई स्कूल कटवालत में शिक्षकों की भारी कमी, 140 विद्यार्थियों की पढ़ाई चार अध्यापकों के भरोसे
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रामनगर। क्षेत्र के राजकीय हाई स्कूल कटवालत में शिक्षकों की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में लगभग 140 विद्यार्थी हैं लेकिन उनकी शिक्षा का जिम्मा केवल चार अध्यापकों के कंधों पर है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से जल्द रिक्त पद भरने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बच्चों के साथ उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
स्थानीय समाज सेवक ग्रामीण रंजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि स्कूल में कुल नौ स्वीकृत पद हैं, जिनमें से पांच लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इनमें दो मास्टर ग्रेड अध्यापकों का लगभग पांच माह पहले तबादला हो चुका है। उनकी जगह अब तक किसी नए शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई। वहीं दो अन्य पद कई वर्षों से खाली हैं। इसके अलावा एक एमटीएस शिक्षक को पिछले चार माह से तहसील कार्यालय रामनगर में अटैच किया गया है। ऐसे में मात्र चार शिक्षक ही सभी कक्षाओं की पढ़ाई संचालित कर रहे हैं।
अभिभावक संजीत सिंह, प्रीतम सिंह, जीवन सिंह व अन्य अभिभावकों ने कहा कि वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि चार अध्यापकों के लिए सभी विषयों की पढ़ाई कराना संभव नहीं है। उन्होंने शिक्षा विभाग से तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति कर स्कूल में शैक्षणिक व्यवस्था सामान्य करने की मांग की ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।
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कोट
कटवालत हाई स्कूल में लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। विभाग को कई बार अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि जल्द सभी रिक्त पद नहीं भरे गए और तबादला हुए शिक्षकों के स्थान पर नए शिक्षक नहीं भेजे गए तो बच्चों के साथ स्कूल परिसर में आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
-रंजीत सिंह ठाकुर, समाज सेवक
सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन कटवालत हाई स्कूल की स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। पांच पद खाली होने के बावजूद विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा। यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो ग्रामीण बच्चों और अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।
-प्रीतम सिंह, अभिभावक
हम अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए स्कूल भेजते हैं लेकिन चार अध्यापक इतने बड़े स्कूल का शैक्षणिक कार्य कैसे संभालेंगे। सबसे अधिक नुकसान बच्चों का हो रहा है। विभाग को तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
-जीवन सिंह, अभिभावक
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स्थानीय समाज सेवक ग्रामीण रंजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि स्कूल में कुल नौ स्वीकृत पद हैं, जिनमें से पांच लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इनमें दो मास्टर ग्रेड अध्यापकों का लगभग पांच माह पहले तबादला हो चुका है। उनकी जगह अब तक किसी नए शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई। वहीं दो अन्य पद कई वर्षों से खाली हैं। इसके अलावा एक एमटीएस शिक्षक को पिछले चार माह से तहसील कार्यालय रामनगर में अटैच किया गया है। ऐसे में मात्र चार शिक्षक ही सभी कक्षाओं की पढ़ाई संचालित कर रहे हैं।
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अभिभावक संजीत सिंह, प्रीतम सिंह, जीवन सिंह व अन्य अभिभावकों ने कहा कि वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि चार अध्यापकों के लिए सभी विषयों की पढ़ाई कराना संभव नहीं है। उन्होंने शिक्षा विभाग से तत्काल शिक्षकों की नियुक्ति कर स्कूल में शैक्षणिक व्यवस्था सामान्य करने की मांग की ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।
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कोट
कटवालत हाई स्कूल में लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। विभाग को कई बार अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि जल्द सभी रिक्त पद नहीं भरे गए और तबादला हुए शिक्षकों के स्थान पर नए शिक्षक नहीं भेजे गए तो बच्चों के साथ स्कूल परिसर में आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
-रंजीत सिंह ठाकुर, समाज सेवक
सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन कटवालत हाई स्कूल की स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। पांच पद खाली होने के बावजूद विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा। यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो ग्रामीण बच्चों और अभिभावकों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी।
-प्रीतम सिंह, अभिभावक
हम अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए स्कूल भेजते हैं लेकिन चार अध्यापक इतने बड़े स्कूल का शैक्षणिक कार्य कैसे संभालेंगे। सबसे अधिक नुकसान बच्चों का हो रहा है। विभाग को तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
-जीवन सिंह, अभिभावक