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Udhampur News: उधमपुर के लाटी की बेटी नीलम ने राष्ट्रीय मुक्केबाजी में जीता कांस्य पदक
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उधमपुर। जिले के लाटी की रहने वाली नीलम देवी ने राष्ट्रीय स्तर की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी शानदार उपलब्धि से परिवार, स्कूल और इलाके में खुशी और उत्साह का माहौल है।
नीलम देवी जेके पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में आयोजित राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक अपने नाम किया। उनके पिता जोहर सिंह और मां कमलेश देवी हैं। परिवार में बड़ी बहन और छोटा भाई भी है।
नीलम इससे पहले भी जिला और राज्य स्तर पर चैंपियन रह चुकी हैं और कई बार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा वे हरियाणा जैसे अन्य राज्यों में भी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। नीलम ने सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
नीलम का मानना है कि बचपन से ही खेलों में रुचि थी। स्कूल के दौरान बॉक्सिंग को देखकर इस खेल की ओर आकर्षित हुईं और लगातार चार वर्षों की कड़ी मेहनत व लगन के दम पर इस मुकाम तक पहुंची हैं। उनका कहना है कि मुक्केबाजी केवल एक खेल नहीं बल्कि लड़कियों के लिए आत्मरक्षा का सशक्त माध्यम भी है। हर लड़की को ऐसे खेल सीखने चाहिए ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सकें। भविष्य को लेकर नीलम बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि वे खेलना जारी रखेंगी। उनका लक्ष्य देश के लिए बड़े स्तर पर पदक जीतने का है।
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नीलम देवी जेके पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में आयोजित राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक अपने नाम किया। उनके पिता जोहर सिंह और मां कमलेश देवी हैं। परिवार में बड़ी बहन और छोटा भाई भी है।
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नीलम इससे पहले भी जिला और राज्य स्तर पर चैंपियन रह चुकी हैं और कई बार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा वे हरियाणा जैसे अन्य राज्यों में भी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। नीलम ने सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
नीलम का मानना है कि बचपन से ही खेलों में रुचि थी। स्कूल के दौरान बॉक्सिंग को देखकर इस खेल की ओर आकर्षित हुईं और लगातार चार वर्षों की कड़ी मेहनत व लगन के दम पर इस मुकाम तक पहुंची हैं। उनका कहना है कि मुक्केबाजी केवल एक खेल नहीं बल्कि लड़कियों के लिए आत्मरक्षा का सशक्त माध्यम भी है। हर लड़की को ऐसे खेल सीखने चाहिए ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित बन सकें। भविष्य को लेकर नीलम बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि वे खेलना जारी रखेंगी। उनका लक्ष्य देश के लिए बड़े स्तर पर पदक जीतने का है।
