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Udhampur News: पुलिस ने सावलकोट रैली को दो बार रोका, अनुमति मिलने पर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, विरोध की चेतावनी
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रामबन। पुलिस ने रविवार को सावलकोट जॉइंट एक्शन कमेटी (एसजेएसी) की सार्वजनिक रैली को दो बार रोक दिया। हालांकि बाद में प्रशासन ने प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपने की अनुमति दे दी।
रैली की शुरुआत डाक बंगला से हुई जिसमें सैकड़ों स्थानीय निवासी, दिहाड़ी मजदूर, युवा और नागरिक समाज के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने परियोजना से जुड़ी स्पष्टता की मांग करते हुए नारे लगाए। पुलिस ने शुरुआत में बिना औपचारिक अनुमति का हवाला देते हुए जुलूस को रोक दिया। लगभग 20 मिनट तक बातचीत के बाद रैली को आगे बढ़ने की अनुमति मिली लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से रोक दिया गया। कमेटी का कहना था कि प्रशासन को पहले ही सूचित किया गया था। दूसरी बार रोके जाने के बाद अधिकारियों ने एसजेएसी प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, मुख्य सचिव और उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी।
सभा को संबोधित करते हुए एसजेएसी अध्यक्ष एडवोकेट फैरोज खान ने कहा कि वे विकास के विरोध में नहीं है लेकिन आजीविका से जुड़े फैसलों में अन्याय स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने परियोजना की सड़क को उधमपुर से बनाए जाने की रिपोर्ट पर चिंता जताई। इसके साथ ही परियोजना स्थल में संभावित बदलाव और टेंडर प्रक्रिया में देरी का भी विरोध किया।
प्रमुख मांगें
सड़क मार्ग पर तुरंत स्पष्टता, परियोजना की समयसीमा और टेंडर शेड्यूल तय करना, उचित मुआवजा और पुनर्वास नीति, स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता, पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा देने की मांग रखी गई है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि चिंताओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद रैली शांतिपूर्ण रही।
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रैली की शुरुआत डाक बंगला से हुई जिसमें सैकड़ों स्थानीय निवासी, दिहाड़ी मजदूर, युवा और नागरिक समाज के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने परियोजना से जुड़ी स्पष्टता की मांग करते हुए नारे लगाए। पुलिस ने शुरुआत में बिना औपचारिक अनुमति का हवाला देते हुए जुलूस को रोक दिया। लगभग 20 मिनट तक बातचीत के बाद रैली को आगे बढ़ने की अनुमति मिली लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से रोक दिया गया। कमेटी का कहना था कि प्रशासन को पहले ही सूचित किया गया था। दूसरी बार रोके जाने के बाद अधिकारियों ने एसजेएसी प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, मुख्य सचिव और उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी।
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सभा को संबोधित करते हुए एसजेएसी अध्यक्ष एडवोकेट फैरोज खान ने कहा कि वे विकास के विरोध में नहीं है लेकिन आजीविका से जुड़े फैसलों में अन्याय स्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने परियोजना की सड़क को उधमपुर से बनाए जाने की रिपोर्ट पर चिंता जताई। इसके साथ ही परियोजना स्थल में संभावित बदलाव और टेंडर प्रक्रिया में देरी का भी विरोध किया।
प्रमुख मांगें
सड़क मार्ग पर तुरंत स्पष्टता, परियोजना की समयसीमा और टेंडर शेड्यूल तय करना, उचित मुआवजा और पुनर्वास नीति, स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता, पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा देने की मांग रखी गई है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि चिंताओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद रैली शांतिपूर्ण रही।
