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Udhampur News: बाबा परधार देवस्थान में सुबह पांच ही लगीं कतारें, माथा टेका मांगी सुख-समृद्धि
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रामनगर। माढ़ता पंचायत के तरमयान गांव में स्थित प्राचीन बाबा परधार देवस्थान में रविवार को बंद्राल बिरादरी की वार्षिक मेल व भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। रामनगर, उधमपुर, जम्मू सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बिरादरी के सदस्यों ने भाग लिया और बाबा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
रविवार सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं का देवस्थान पर पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे समय बीतता गया, श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि होती रही और करीब दस बजे तक परिसर पूरी तरह श्रद्धालुओं से भर गया। दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं जिनमें खड़े होकर श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह सात बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन से हुई। इसके बाद सुबह दस बजे धार्मिक चौकी (यात्रा) का आयोजन किया गया जिसमें भक्तों ने भक्ति भाव से भाग लिया। दोपहर 12 बजे भंडारे में सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
उल्लेखनीय है कि तरमयान गांव में बाबा परधार देवस्थान के साथ-साथ बाबा वासुकी नाग देवस्थान और मां चामुंडा मंदिर भी है। यहां अलग-अलग अवसरों पर विभिन्न बिरादरियों की वार्षिक मेल होती हैं। हाल ही में बैसाखी के दूसरे रविवार को बाबा वासुकी नाग देवस्थान में सात बिरादरियों की संयुक्त मेल का आयोजन किया गया था जो अब एक बड़े मेले का स्वरूप ले चुकी है। इसी के साथ मां चामुंडा देवी में दशहरे पर ग्रामीण इलाकों से छड़ी का आयोजन होता है।
बंद्राल बिरादरी के प्रधान हरनाम सिंह ने बताया कि वार्षिक मेल उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित की जाती है। इस बार भी बड़ी संख्या में बिरादरी के सदस्यों ने भाग लेकर परंपरा को कायम रखा और धार्मिक आस्था का परिचय दिया। आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।
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रविवार सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं का देवस्थान पर पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे समय बीतता गया, श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि होती रही और करीब दस बजे तक परिसर पूरी तरह श्रद्धालुओं से भर गया। दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं जिनमें खड़े होकर श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की।
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कार्यक्रम की शुरुआत सुबह सात बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन से हुई। इसके बाद सुबह दस बजे धार्मिक चौकी (यात्रा) का आयोजन किया गया जिसमें भक्तों ने भक्ति भाव से भाग लिया। दोपहर 12 बजे भंडारे में सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
उल्लेखनीय है कि तरमयान गांव में बाबा परधार देवस्थान के साथ-साथ बाबा वासुकी नाग देवस्थान और मां चामुंडा मंदिर भी है। यहां अलग-अलग अवसरों पर विभिन्न बिरादरियों की वार्षिक मेल होती हैं। हाल ही में बैसाखी के दूसरे रविवार को बाबा वासुकी नाग देवस्थान में सात बिरादरियों की संयुक्त मेल का आयोजन किया गया था जो अब एक बड़े मेले का स्वरूप ले चुकी है। इसी के साथ मां चामुंडा देवी में दशहरे पर ग्रामीण इलाकों से छड़ी का आयोजन होता है।
बंद्राल बिरादरी के प्रधान हरनाम सिंह ने बताया कि वार्षिक मेल उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित की जाती है। इस बार भी बड़ी संख्या में बिरादरी के सदस्यों ने भाग लेकर परंपरा को कायम रखा और धार्मिक आस्था का परिचय दिया। आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।
