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पीपीपी और एसएफएस मॉडल से आमजन को मुहैया कराएं आवास : डुल्लू
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- मुख्य सचिव ने जेकेएचबी, जेडीए और एसडीए की निर्माणाधीन योजनाओं की समीक्षा की
जम्मू। प्रदेश में बढ़ती आवास की आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्य सचिव ने वीरवार को जम्मू-कश्मीर आवास बोर्ड (जेकेएचबी), जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) और श्रीनगर विकास प्राधिकरण (एसडीए) द्वारा विकसित की जा रही आवासीय कॉलोनियों की प्रगति और भावी कार्ययोजना का आकलन किया।
कहा कि जम्मू और कश्मीर मंडल में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) और स्ववित्त पोषण योजनाओं (एसएफएस) जैसे नवीन मॉडल का उपयोग करें। आमजन को सस्ते और टिकाऊ आवास उपलब्ध कराएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि लगातार बढ़ती भूमि कीमतों के कारण आबादी के बड़े हिस्से के लिए आवास महंगा होता जा रहा है। सरकार को नियोजित आवास कॉलोनियों के माध्यम से हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घर का स्वामित्व आम नागरिक, विशेष रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों की पहुंच में बना रहे।
स्वास्थ्य एवं शहरी विकास विभाग की आयुक्त सचिव मनदीप कौर ने भविष्य की योजनाओं से अवगत कराते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न जिलों में पीपीपी या एसएफएस के तहत आवास परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। आवास बोर्ड के एमडी शाहबाज अहमद मिर्जा ने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत विकास के लिए कई भूखंडों की पहचान की गई है। इसके अतिरिक्त चक भलवाल (जम्मू), बाकूरा (गांदरबल) और भलवाल (जम्मू) में आवासीय कॉलोनियों को स्व-वित्तपोषण योजना के तहत मंजूरी दी गई है।
जेडीए के उपाध्यक्ष रूपेश कुमार ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में लंबे समय से कई पुराने मुद्दों का भी समाधान किया है।
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जम्मू। प्रदेश में बढ़ती आवास की आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्य सचिव ने वीरवार को जम्मू-कश्मीर आवास बोर्ड (जेकेएचबी), जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) और श्रीनगर विकास प्राधिकरण (एसडीए) द्वारा विकसित की जा रही आवासीय कॉलोनियों की प्रगति और भावी कार्ययोजना का आकलन किया।
कहा कि जम्मू और कश्मीर मंडल में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) और स्ववित्त पोषण योजनाओं (एसएफएस) जैसे नवीन मॉडल का उपयोग करें। आमजन को सस्ते और टिकाऊ आवास उपलब्ध कराएं।
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मुख्य सचिव ने कहा कि लगातार बढ़ती भूमि कीमतों के कारण आबादी के बड़े हिस्से के लिए आवास महंगा होता जा रहा है। सरकार को नियोजित आवास कॉलोनियों के माध्यम से हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घर का स्वामित्व आम नागरिक, विशेष रूप से मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों की पहुंच में बना रहे।
स्वास्थ्य एवं शहरी विकास विभाग की आयुक्त सचिव मनदीप कौर ने भविष्य की योजनाओं से अवगत कराते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न जिलों में पीपीपी या एसएफएस के तहत आवास परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। आवास बोर्ड के एमडी शाहबाज अहमद मिर्जा ने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत विकास के लिए कई भूखंडों की पहचान की गई है। इसके अतिरिक्त चक भलवाल (जम्मू), बाकूरा (गांदरबल) और भलवाल (जम्मू) में आवासीय कॉलोनियों को स्व-वित्तपोषण योजना के तहत मंजूरी दी गई है।
जेडीए के उपाध्यक्ष रूपेश कुमार ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में लंबे समय से कई पुराने मुद्दों का भी समाधान किया है।