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Jammu News: खेती के लिए बारिश फायदेमंद, बढ़ेगी पैदावार
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- धान के खेतों में रोकें पानी, सेब, आम के पौधे लगाने का उपयुक्त समय
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बारिश खेती के लिए लाभदायक है। इससे पैदावार में इजाफा होगा। इस समय बारिश की जरूरत है। स्काॅस्ट जम्मू के अनुसार बारिश 15 जुलाई तक जारी रहेगी। करीब 40 एमएम तक बारिश होने की संभावना है। स्काॅस्ट के वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि साफ मौसम में जब बारिश का जमा हुआ पानी सूख जाए तब नर्सरी में धान के पौधों पर यूरिया डालें। धान की नर्सरी और खेत की मेड़ों को खरपतवार-मुक्त रखें। बारिश की संभावना देखते हुए सिंचाई को टाल दें। रोपे गए पौधों (खासकर बासमती) को दो दिन से ज्यादा समय तक बारिश के पानी में डूबा न रहने दें। इससे पौधे पीले पड़ सकते हैंं।
किसान 20 जुलाई तक बारिश होने के बाद मिट्टी में नमी होने पर मक्की की फसल की देर से बुवाई कर सकते हैं। इसके लिए 20-25 किलो प्रति हेक्टेयर बीज दर का उपयोग करें। मिट्टी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए बीजों को बाविस्टिन से उपचारित करें। इस समय बीजी गई सब्जियों जैसे आलू, गोभी, बंदगोभी सहित अन्य सब्जियों के खेतों में पानी न रुकने दें। सब्जियां सड़ सकती हैं। फूलों की खेती में भी सिंचाई को रोक दें। बारिश होने के बाद पानी की निकासी करें। इस समय सेब और आम के पौधे लगाए जा सकते हैं। खेतों में नमी है। किसान-बागवान इसका लाभ उठाएं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बारिश खेती के लिए लाभदायक है। इससे पैदावार में इजाफा होगा। इस समय बारिश की जरूरत है। स्काॅस्ट जम्मू के अनुसार बारिश 15 जुलाई तक जारी रहेगी। करीब 40 एमएम तक बारिश होने की संभावना है। स्काॅस्ट के वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि साफ मौसम में जब बारिश का जमा हुआ पानी सूख जाए तब नर्सरी में धान के पौधों पर यूरिया डालें। धान की नर्सरी और खेत की मेड़ों को खरपतवार-मुक्त रखें। बारिश की संभावना देखते हुए सिंचाई को टाल दें। रोपे गए पौधों (खासकर बासमती) को दो दिन से ज्यादा समय तक बारिश के पानी में डूबा न रहने दें। इससे पौधे पीले पड़ सकते हैंं।
किसान 20 जुलाई तक बारिश होने के बाद मिट्टी में नमी होने पर मक्की की फसल की देर से बुवाई कर सकते हैं। इसके लिए 20-25 किलो प्रति हेक्टेयर बीज दर का उपयोग करें। मिट्टी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए बीजों को बाविस्टिन से उपचारित करें। इस समय बीजी गई सब्जियों जैसे आलू, गोभी, बंदगोभी सहित अन्य सब्जियों के खेतों में पानी न रुकने दें। सब्जियां सड़ सकती हैं। फूलों की खेती में भी सिंचाई को रोक दें। बारिश होने के बाद पानी की निकासी करें। इस समय सेब और आम के पौधे लगाए जा सकते हैं। खेतों में नमी है। किसान-बागवान इसका लाभ उठाएं।
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