{"_id":"6a53fedb92ad673fb0023536","slug":"staging-of-the-play-jammu-news-c-10-jmu1062-959529-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: मेरे हिस्से की धूप कहां है... से बच्चों की मुश्किलों को बयां किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: मेरे हिस्से की धूप कहां है... से बच्चों की मुश्किलों को बयां किया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाकटों के मंचन के साथ चिल्ड्रन थिएटर कैंप का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। नटरंग का चिल्ड्रन थिएटर कैंप रविवार को अभिनव थिएटर में नाटक के मंचन के साथ संपन्न हुआ। मेरे हिस्से की धूप कहां है... के मंचन ने सभी को भाव विभोर कर दिया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट जम्मू के डायरेक्टर प्रो. बीएस सहाय मुख्य अतिथि रहे। शाम की पहली प्रस्तुति द सीड्स वी सो एक विचारोत्तेजक नाटक रहा। यह नाटक भारत की एक प्राचीन ज्ञान-कथा से प्रेरित है और इस शाश्वत सत्य को पुष्ट करता है कि हर काम का नतीजा जरूर मिलता है। एक दिलचस्प कहानी के माध्यम से नाटक यह दिखाता है कि हम जो बीज बोते हैं चाहे वह दया, ईमानदारी, लालच या करुणा का हो वह हमारे भविष्य को कैसे आकार देते हैं और हमारे आस-पास के लोगों के जीवन को कैसे प्रभावित करता है। दूसरी प्रस्तुति मेरे हिस्से की धूप कहां है... ने बड़ी संवेदनशीलता और साहस के साथ जनसंख्या विस्फोट के चिंताजनक परिणामों को उजागर किया। नाटक ने बच्चों की ओर से झेली जा रहीं मुश्किलों को बखूबी दिखाया जैसे कुपोषण, भोजन और कपड़ों की कमी, स्कूल में दाखिले के लिए संघर्ष, खचाखच भरी कक्षाएं, बेरोजगारी और बढ़ती जनसंख्या से पैदा होने वाली कई अन्य चुनौतियां। इन नाटकों नवधा प्रशर, श्रनया महाजन, कौस्तुभ शर्मा, सनातन गुप्ता, अदीशा सिंह, श्राव्या शर्मा सहित अन्य युवा कलाकारों ने अभिनय किया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। नटरंग का चिल्ड्रन थिएटर कैंप रविवार को अभिनव थिएटर में नाटक के मंचन के साथ संपन्न हुआ। मेरे हिस्से की धूप कहां है... के मंचन ने सभी को भाव विभोर कर दिया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट जम्मू के डायरेक्टर प्रो. बीएस सहाय मुख्य अतिथि रहे। शाम की पहली प्रस्तुति द सीड्स वी सो एक विचारोत्तेजक नाटक रहा। यह नाटक भारत की एक प्राचीन ज्ञान-कथा से प्रेरित है और इस शाश्वत सत्य को पुष्ट करता है कि हर काम का नतीजा जरूर मिलता है। एक दिलचस्प कहानी के माध्यम से नाटक यह दिखाता है कि हम जो बीज बोते हैं चाहे वह दया, ईमानदारी, लालच या करुणा का हो वह हमारे भविष्य को कैसे आकार देते हैं और हमारे आस-पास के लोगों के जीवन को कैसे प्रभावित करता है। दूसरी प्रस्तुति मेरे हिस्से की धूप कहां है... ने बड़ी संवेदनशीलता और साहस के साथ जनसंख्या विस्फोट के चिंताजनक परिणामों को उजागर किया। नाटक ने बच्चों की ओर से झेली जा रहीं मुश्किलों को बखूबी दिखाया जैसे कुपोषण, भोजन और कपड़ों की कमी, स्कूल में दाखिले के लिए संघर्ष, खचाखच भरी कक्षाएं, बेरोजगारी और बढ़ती जनसंख्या से पैदा होने वाली कई अन्य चुनौतियां। इन नाटकों नवधा प्रशर, श्रनया महाजन, कौस्तुभ शर्मा, सनातन गुप्ता, अदीशा सिंह, श्राव्या शर्मा सहित अन्य युवा कलाकारों ने अभिनय किया।