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यूजी दाखिलों का गिरा ग्राफ
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 28 Aug 2016 11:53 AM IST
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- फोटो : Demo Pic.
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जम्मू विश्वविद्यालय के ओपन डिस्टेंस लर्निंग निदेशालय (डिस्टेंस एजूकेशन) में स्नातक पहले सेमेस्टर के दाखिलों का ग्राफ कम हुआ है। इस साल रीअपीयर विद्यार्थियों को दाखिला प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जा रहा है।
इससे इस बार करीब पचास फीसदी दाखिले कम होने के आसार हैं। स्नातक पहले सेमेस्टर में बीए और बीकाम के दाखिलों के लिए 23 अगस्त तक प्रक्रिया चलेगी। जिसके बाद लेटफीस ली जाएगी। हालांकि पीजी के सात कोर्सों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ी है। विभाग के निदेशक प्रो. ध्यान सिंह भाऊ के अनुसार यूजी की दाखिला प्रक्रिया में रीअपीयर विद्यार्थियों को शामिल नहीं किया जा रहा है।
स्नातक पहले सेमेस्टर के लिए बीए में करीब 530 और बीकाम में करीब 145 दाखिले हुए हैं। इसके अलावा स्नातक दूसरे और तीसरे वर्ष के सेमेस्टरों के लिए भी दाखिले किए जा रहे हैं। इस बार बारहवीं के सभी विषयों में उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को ही दाखिला प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
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इस व्यवस्था को लेकर रीअपीयर विद्यार्थियों ने रोष जताया है। उनका कहना है कि पूर्व की तरह व्यवस्थाओं को बहाल रखा जाए। एक विषय में असफल रहने वाले विद्यार्थियों को दाखिला प्रक्रिया में शामिल न करने से उनका एक साल व्यर्थ हो जाएगा।
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इससे इस बार करीब पचास फीसदी दाखिले कम होने के आसार हैं। स्नातक पहले सेमेस्टर में बीए और बीकाम के दाखिलों के लिए 23 अगस्त तक प्रक्रिया चलेगी। जिसके बाद लेटफीस ली जाएगी। हालांकि पीजी के सात कोर्सों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ी है। विभाग के निदेशक प्रो. ध्यान सिंह भाऊ के अनुसार यूजी की दाखिला प्रक्रिया में रीअपीयर विद्यार्थियों को शामिल नहीं किया जा रहा है।
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स्नातक पहले सेमेस्टर के लिए बीए में करीब 530 और बीकाम में करीब 145 दाखिले हुए हैं। इसके अलावा स्नातक दूसरे और तीसरे वर्ष के सेमेस्टरों के लिए भी दाखिले किए जा रहे हैं। इस बार बारहवीं के सभी विषयों में उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को ही दाखिला प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
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इस व्यवस्था को लेकर रीअपीयर विद्यार्थियों ने रोष जताया है। उनका कहना है कि पूर्व की तरह व्यवस्थाओं को बहाल रखा जाए। एक विषय में असफल रहने वाले विद्यार्थियों को दाखिला प्रक्रिया में शामिल न करने से उनका एक साल व्यर्थ हो जाएगा।
पीजी कोर्सों में सामान्य और लेटफीस के साथ दाखिले किए जा रहे
वहीं, निदेशालय में पीजी के सात कोर्सों के लिए चार हजार से अधिक दाखिले हो चुके हैं और अभी लेट फीस के साथ यह प्रक्रिया चल रही। पीजी कोर्सों में एमए अंग्रेजी, एमए हिंदी, एमए उर्दू, एमकाम, एमए सोशियोलाजी, एमए डोगरी, पीजी डिप्लोमा बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स करवाए जा रहे हैं।
इसमें हिंदी में सबसे अधिक 1400, सोशियोलाजी में 1000, उर्दू में 550, अंग्रेजी विषय में 500 दाखिले किए गए हैं। यूजी और पीजी कोर्सों में सामान्य और लेटफीस के साथ दाखिले किए जा रहे हैं।
कालेजों में निर्धारित सीटों का कोटा पूरा होने के बाद हजारों विद्यार्थी डिस्टेंस एजूकेशन का रुख करते हैं। इसके अलावा वे विद्यार्थी भी डिस्टेंस एजूकेशन को अपनाते हैं जो अन्य कोर्स कर रहे हैं। जिनके साथ स्नातक की शिक्षा पूरी करते हैं।
इस बार स्नातक के पहले वर्ष में सेमेस्टर स्तर की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इस में बीए और बीकाम के दाखिलों के बाद विद्यार्थी को स्टडी सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। जिसमें 15 से 20 दिन एसाइनमेंट, काउंसिलिंग आदि दी जाती है।
इसमें हिंदी में सबसे अधिक 1400, सोशियोलाजी में 1000, उर्दू में 550, अंग्रेजी विषय में 500 दाखिले किए गए हैं। यूजी और पीजी कोर्सों में सामान्य और लेटफीस के साथ दाखिले किए जा रहे हैं।
कालेजों में निर्धारित सीटों का कोटा पूरा होने के बाद हजारों विद्यार्थी डिस्टेंस एजूकेशन का रुख करते हैं। इसके अलावा वे विद्यार्थी भी डिस्टेंस एजूकेशन को अपनाते हैं जो अन्य कोर्स कर रहे हैं। जिनके साथ स्नातक की शिक्षा पूरी करते हैं।
इस बार स्नातक के पहले वर्ष में सेमेस्टर स्तर की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इस में बीए और बीकाम के दाखिलों के बाद विद्यार्थी को स्टडी सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। जिसमें 15 से 20 दिन एसाइनमेंट, काउंसिलिंग आदि दी जाती है।