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विवादित पुस्तक प्रकरण: तीसरे दिन भी पूछताछ, प्रकाशक से छह घंटे में 30 सवाल; कइयों पर गिर सकती है गाज
Thu, 16 Jul 2026 12:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:24 AM IST
सार
करीब छह घंटे चली पूछताछ में 30 से अधिक सवाल पूछे गए। जांच टीम ने जब्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के बयानों का मिलान भी किया।
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विस्तार
अलगाववादियों के कथित महिमामंडन से जुड़ी दो विवादित पुस्तकों-पर्सनैलिटीज एंड लीजेंड्स ऑफ जेएंडके और ग्रेट पर्सनैलिटीज ऑफ जम्मू एंड कश्मीर के मामले में काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) विंग ने तीसरे दिन भी तीनों प्रकाशकों से पूछताछ जारी रखी। करीब छह घंटे चली पूछताछ में 30 से अधिक सवाल पूछे गए। जांच टीम ने जब्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के बयानों का मिलान भी किया।
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सीआई अधिकारियों ने प्रकाशकों से पूछा कि किताबों का ऑर्डर कैसे मिला, कंटेंट विभाग की ओर से कैसे मिले, भुगतान किस तरह हुआ और ऑर्डर के बाद संबंधित अधिकारियों से क्या बातचीत हुई। विवादित सामग्री को लेकर क्या निर्देश दिए गए, कंटेंट ऑनलाइन मिला या ऑफलाइन, छपाई से पहले कितने अधिकारियों ने संपर्क किया और ऑर्डर पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी से क्या बातचीत हुई, जैसे कई बिंदुओं पर जवाब लिए गए।
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जांच एजेंसी ने ओबरॉय बुक सर्विस के इंद्रपाल तथा नोएडा स्थित डोमिनेंट पब्लिशर्स के अमरदीप सिंह और गिरीश अरोड़ा को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में किताबों के विवादित कंटेंट के प्रकाशन और प्रसार में प्रकाशकों की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। सीआई का कहना है कि पूछताछ के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। जांच के तहत समिति के सदस्यों, संबंधित अधिकारियों और कंटेंट तैयार करने वालों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
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क्या है मामला
काउंटर इंटेलिजेंस ने 4 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 49, 61(2), 152, 196 और 353 के साथ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया था। आरोप है कि सरकारी पुस्तकालयों में उपलब्ध दो पुस्तकों में अलगाववादी नेताओं का महिमामंडन किया गया। इसके बाद सीआई ने जांच शुरू करते हुए समग्र शिक्षा निदेशालय से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाले।