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Jammu News: डिजिटल क्राॅप सर्वे 20 से, बाढ़ के नुकसान का मिलेगा मुआवजा
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- बीते साल 26 अगस्त को बाढ़ से फसल हुई थी बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में डिजिटल क्राॅप सर्वे 20 जुलाई से शुरू होगा। इसमें बाढ़ या प्राकृतिक आपदा से फसलों के नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर की दो हजार पंचायतें लाभान्वित होंगी।
कृषि विभाग की सर्वे टीमें किसानों के खेतों तक पहुंचकर कितने हेक्टेयर में फसल की बिजाई हुई और पैदावार का अनुमान लगाएगी। डिजिटल क्राॅप सर्वे से किसानों को नुकसान होने पर तुरंत भरपाई हो सकेगी। सर्वे बीते साल 26 अगस्त को आई बाढ़ से हुए नुकसान के बाद अनिवार्य किया गया है। बीते साल बाढ़ से फसल बर्बाद हुई थी। कृषि विभाग के अनुसार फसल से संबंधित रियल टाइम डाटा एकत्रित किया जा रहा है। सर्वे से स्टीक जानकारी रहेगी। इससे तुरंत बीमा क्लेम लिया जा सकेगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। फसलों की बिजाई का काम नहीं रुकेगा। प्रदेशभर में दो लाख से ज्यादा किसान लाभान्वित होंगे।
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अधिकारियों को दिया गया है प्रशिक्षण
जम्मू संभाग में कृषि विभाग, राजस्व विभाग और बागवानी विभाग के अधिकारियों को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा डीसीएस-जेके मोबाइल ऐप को लांच किया है। इसमें तमाम डाटा एकत्रित किया जा रहा है।
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डिजिटल क्राॅप सर्वे शुरू हो रहा है। इससे धान, मक्की और अन्य फसलों का रिकाॅर्ड एकत्रित किया जाएगा। नुकसान की स्थिति में बीमा का लाभ लिया जा सकेगा।
- अनिल गुप्ता, निदेशक, कृषि विभाग
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश में डिजिटल क्राॅप सर्वे 20 जुलाई से शुरू होगा। इसमें बाढ़ या प्राकृतिक आपदा से फसलों के नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर की दो हजार पंचायतें लाभान्वित होंगी।
कृषि विभाग की सर्वे टीमें किसानों के खेतों तक पहुंचकर कितने हेक्टेयर में फसल की बिजाई हुई और पैदावार का अनुमान लगाएगी। डिजिटल क्राॅप सर्वे से किसानों को नुकसान होने पर तुरंत भरपाई हो सकेगी। सर्वे बीते साल 26 अगस्त को आई बाढ़ से हुए नुकसान के बाद अनिवार्य किया गया है। बीते साल बाढ़ से फसल बर्बाद हुई थी। कृषि विभाग के अनुसार फसल से संबंधित रियल टाइम डाटा एकत्रित किया जा रहा है। सर्वे से स्टीक जानकारी रहेगी। इससे तुरंत बीमा क्लेम लिया जा सकेगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। फसलों की बिजाई का काम नहीं रुकेगा। प्रदेशभर में दो लाख से ज्यादा किसान लाभान्वित होंगे।
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अधिकारियों को दिया गया है प्रशिक्षण
जम्मू संभाग में कृषि विभाग, राजस्व विभाग और बागवानी विभाग के अधिकारियों को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा डीसीएस-जेके मोबाइल ऐप को लांच किया है। इसमें तमाम डाटा एकत्रित किया जा रहा है।
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डिजिटल क्राॅप सर्वे शुरू हो रहा है। इससे धान, मक्की और अन्य फसलों का रिकाॅर्ड एकत्रित किया जाएगा। नुकसान की स्थिति में बीमा का लाभ लिया जा सकेगा।
- अनिल गुप्ता, निदेशक, कृषि विभाग