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Jammu News: फ्लाईओवर की नींव में मिट्टी के लिए खोद रहे तवी का तटबंध, मानसून में बढ़ा बाढ़ का खतरा
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- एनएचआई डीसीएल के ठेकेदार फ्लाईओवर बचाने के लिए तवी नदी के वजूद से कर रहे खिलवाड़
- पहले ही अवैध खनन की मार झेल रहा किनारा, अब मिट्टी निकालने से तटबंध हुआ खोखला
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश सरकार के एक अनुरोध पर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एनएचआई डीसीएल) ने एक फ्लाईओवर के खिसके हिस्से को ठीक करने के लिए तवी नदी के तटबंध को ही दांव पर लगा दिया है। फ्लाईओवर में मिट्टी भराई के लिए तवी के तटबंध को खोखला किया जा रहा है। इससे बरसात में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
तवी नदी में सालों से चल रहे खनन के कारण तटबंध पहले से कमजोर है। पिछले साल बाढ़ से निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा खिसक गया था। इसकी मरम्मत कराने के लिए सरकार की ओर से प्रशासन के पत्राचार पर एनएचआई डीसीएल ने मुख्यालय से अनुमति ली और मिट्टी भराई का अलग से टेंडर किया। टेंडर पंचकूला के मान बिल्डर को मिला। फ्लाईओवर के धंसे हिस्से में मिट्टी की भराई के लिए ठेकेदार ने आसान रास्ता चुनते हुए तवी नदी के किनारे से ही मिट्टी निकालना शुरू कर दिया। तटबंध के किनारे जेसीबी मशीन लगाकर मिट्टी निकालने से स्थानीय लोगों को एक बार फिर बाढ़ की चिंता सताने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर को दुरुस्त करने के चक्कर में पूरी नदी की सुरक्षा दीवार को ध्वस्त किया जा रहा है। मानसून में यदि तवी नदी का जलस्तर बढ़ा तो खनन से कमजोर हो चुका तटबंध पानी का दबाव नहीं झेल पाएगा।
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रिंग रोड के लिए अहम है फ्लाईओवर
जम्मू की लाइफलाइन बन रही रिंग रोड को सीधे यह फ्लाईओवर कनेक्ट करेगा। इससे शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा। तवी नदी के ऊपर से यह फ्लाईओवर रिंग रोड पर मिलेगा। यह प्रोजेक्ट भगवतीनगर, यात्री निवास रोड, कैनाल रोड सहित अन्य स्थानों पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए यह अहम है।
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मानसून में नदी के किनारे खनन पर मनाही
मानसून के मद्देनजर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और जिला प्रशासन ने नदी और उसके किनारों पर किसी भी प्रकार के खनन पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मानसून सीजन में बाढ़ के खतरे को देखते हुए नदी और उसके 500 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की खुदाई पर रोक है।
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स्थानीय लोगों ने किया प्रदर्शन
तटबंध तोड़े जाने के विरोध में मंगलवार को स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करते हुए काम रुकवा दिया। अर्जुन मेहरा के नेतृत्व में अनीता शर्मा, सुच्चा सिंह और अश्वनी सहित अन्य लोग नदी के तटबंध को जर्जर किए जाने से नाराज होकर इकट्ठा होकर राज्य सरकार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर चल रही जेसीबी और भारी मशीनों को घेरकर काम को तुरंत रुकवा दिया। लोगों का साफ कहना है कि राज्य सरकार के दबाव में एनएचआई डीसीएल जम्मू शहर को बाढ़ की ओर धकेल रहा है। प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।
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तवी ओवरफ्लो हुई तो इन क्षेत्रों में आएगी बाढ़
- भगवती नगर
- तालाब तिल्लो
- कृष्णा नगर
- कैनाल रोड
- यात्री निवास
- पूरन नगर
- कैंप गोल गुजराल
- आनंद बोहड़ी
- शक्ति नगर
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यह कार्य अखनूर सब डिवीजन की देखरेख में हो रहा है। वहां के अधिकारी आजाद शत्रु से बात कर मौके की रिपोर्ट ली जाएगी। यदि ठेकेदार गलत काम कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- आकाश शुक्ला, कार्यकारी निदेशक, एनएचआइ डीसीएल
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- पहले ही अवैध खनन की मार झेल रहा किनारा, अब मिट्टी निकालने से तटबंध हुआ खोखला
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश सरकार के एक अनुरोध पर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एनएचआई डीसीएल) ने एक फ्लाईओवर के खिसके हिस्से को ठीक करने के लिए तवी नदी के तटबंध को ही दांव पर लगा दिया है। फ्लाईओवर में मिट्टी भराई के लिए तवी के तटबंध को खोखला किया जा रहा है। इससे बरसात में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
तवी नदी में सालों से चल रहे खनन के कारण तटबंध पहले से कमजोर है। पिछले साल बाढ़ से निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा खिसक गया था। इसकी मरम्मत कराने के लिए सरकार की ओर से प्रशासन के पत्राचार पर एनएचआई डीसीएल ने मुख्यालय से अनुमति ली और मिट्टी भराई का अलग से टेंडर किया। टेंडर पंचकूला के मान बिल्डर को मिला। फ्लाईओवर के धंसे हिस्से में मिट्टी की भराई के लिए ठेकेदार ने आसान रास्ता चुनते हुए तवी नदी के किनारे से ही मिट्टी निकालना शुरू कर दिया। तटबंध के किनारे जेसीबी मशीन लगाकर मिट्टी निकालने से स्थानीय लोगों को एक बार फिर बाढ़ की चिंता सताने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर को दुरुस्त करने के चक्कर में पूरी नदी की सुरक्षा दीवार को ध्वस्त किया जा रहा है। मानसून में यदि तवी नदी का जलस्तर बढ़ा तो खनन से कमजोर हो चुका तटबंध पानी का दबाव नहीं झेल पाएगा।
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रिंग रोड के लिए अहम है फ्लाईओवर
जम्मू की लाइफलाइन बन रही रिंग रोड को सीधे यह फ्लाईओवर कनेक्ट करेगा। इससे शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा। तवी नदी के ऊपर से यह फ्लाईओवर रिंग रोड पर मिलेगा। यह प्रोजेक्ट भगवतीनगर, यात्री निवास रोड, कैनाल रोड सहित अन्य स्थानों पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए यह अहम है।
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मानसून में नदी के किनारे खनन पर मनाही
मानसून के मद्देनजर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) और जिला प्रशासन ने नदी और उसके किनारों पर किसी भी प्रकार के खनन पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मानसून सीजन में बाढ़ के खतरे को देखते हुए नदी और उसके 500 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की खुदाई पर रोक है।
स्थानीय लोगों ने किया प्रदर्शन
तटबंध तोड़े जाने के विरोध में मंगलवार को स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करते हुए काम रुकवा दिया। अर्जुन मेहरा के नेतृत्व में अनीता शर्मा, सुच्चा सिंह और अश्वनी सहित अन्य लोग नदी के तटबंध को जर्जर किए जाने से नाराज होकर इकट्ठा होकर राज्य सरकार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मौके पर चल रही जेसीबी और भारी मशीनों को घेरकर काम को तुरंत रुकवा दिया। लोगों का साफ कहना है कि राज्य सरकार के दबाव में एनएचआई डीसीएल जम्मू शहर को बाढ़ की ओर धकेल रहा है। प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।
तवी ओवरफ्लो हुई तो इन क्षेत्रों में आएगी बाढ़
- भगवती नगर
- तालाब तिल्लो
- कृष्णा नगर
- कैनाल रोड
- यात्री निवास
- पूरन नगर
- कैंप गोल गुजराल
- आनंद बोहड़ी
- शक्ति नगर
यह कार्य अखनूर सब डिवीजन की देखरेख में हो रहा है। वहां के अधिकारी आजाद शत्रु से बात कर मौके की रिपोर्ट ली जाएगी। यदि ठेकेदार गलत काम कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- आकाश शुक्ला, कार्यकारी निदेशक, एनएचआइ डीसीएल