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Jammu News: डुग्गर इतिहास समेटे गलियों में सुशोभित होंगे टाकरी में लिखे नेमप्लेट
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- स्याना नागरिक मदाद सेवा संस्था ढाई साल से लगा रहा टाकरी में लिखे बोर्ड
- युवा पीढ़ी को डोगरी लिपि से जोड़ना मकसद
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। डोगरी भाषा और उसकी मूल लिपि टाकरी के संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार के लिए शहर की विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक संस्थाएं आगे आ रहीं हैं। डोगरी संस्थाओं सहित कई संगठन युवाओं को मातृभाषा और उसकी लिपि से जोड़ने के प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में स्याना नागरिक मदाद सेवा संस्था ने नगर निगम के सहयोग से शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर डोगरी लिपि में नामपट्ट लगाए हैं। अब डुग्गर इतिहास को समेटे हुए गलियों में भी ऐसे बोर्ड लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि नई पीढ़ी केवल डोगरी बोले ही नहीं, बल्कि उसकी लिपि को पढ़ना और लिखना भी सीखे ताकि डोगरी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित रह सके।
शहर के डोगरा चौक, गुम्मट, महेशपुरा चाैक सहित दस प्रमुख चौराहों पर लगाए गए डोगरी लिपि के बोर्ड लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। राहगीर, खासकर युवा इन बोर्डों के सामने रुककर डोगरी शब्दों को हिंदी से मिलाते हुए पढ़ने और समझने का प्रयास कर रहे हैं। गुम्मट चौक पर लोग यह जानने में रुचि दिखा रहे हैं कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले शब्द डोगरी लिपि में किस तरह लिखे जाते हैं।
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संस्था के 150 सदस्य अभियान में सक्रिय
चेयरमैन डॉ. कस्तूरी लाल ने बताया कि संस्था करीब ढाई साल से डोगरी के प्रचार-प्रसार के लिए अभियान चला रही है। अब तक शहर में 24 से अधिक स्थानों पर डोगरी लिपि में बोर्ड लगाए जा चुके हैं। इनमें छन्नी, चैंबर ऑफ कॉमर्स, शास्त्री नगर श्मशान घाट, अमर सिंह क्लब, वेयरहाउस ट्रेडर्स फेडरेशन सहित कई प्रमुख स्थल शामिल हैं। प्रयास है कि शहर के हर प्रमुख चौराहे और सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे बोर्ड लगाए जाएं। संस्था के 150 सदस्य अभियान में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
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अब 40 पुराने मोहल्लों में भी लगाए जाएंगे बोर्ड
डाॅ. लाल ने बताया कि अभियान के अगले चरण में शहर के करीब 40 पुराने मोहल्लों को चिह्नित किया जाएगा। पक्का डंगा, कालीजनी, जुलाका मोहल्ले, पुरानी मंडी तथा डोगरा विरासत से जुड़े अन्य ऐतिहासिक क्षेत्रों में भी डोगरी लिपि टाकरी में लिखे बोर्ड लगाए जाएंगे।
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- युवा पीढ़ी को डोगरी लिपि से जोड़ना मकसद
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। डोगरी भाषा और उसकी मूल लिपि टाकरी के संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार के लिए शहर की विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक संस्थाएं आगे आ रहीं हैं। डोगरी संस्थाओं सहित कई संगठन युवाओं को मातृभाषा और उसकी लिपि से जोड़ने के प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में स्याना नागरिक मदाद सेवा संस्था ने नगर निगम के सहयोग से शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर डोगरी लिपि में नामपट्ट लगाए हैं। अब डुग्गर इतिहास को समेटे हुए गलियों में भी ऐसे बोर्ड लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि नई पीढ़ी केवल डोगरी बोले ही नहीं, बल्कि उसकी लिपि को पढ़ना और लिखना भी सीखे ताकि डोगरी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित रह सके।
शहर के डोगरा चौक, गुम्मट, महेशपुरा चाैक सहित दस प्रमुख चौराहों पर लगाए गए डोगरी लिपि के बोर्ड लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। राहगीर, खासकर युवा इन बोर्डों के सामने रुककर डोगरी शब्दों को हिंदी से मिलाते हुए पढ़ने और समझने का प्रयास कर रहे हैं। गुम्मट चौक पर लोग यह जानने में रुचि दिखा रहे हैं कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले शब्द डोगरी लिपि में किस तरह लिखे जाते हैं।
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संस्था के 150 सदस्य अभियान में सक्रिय
चेयरमैन डॉ. कस्तूरी लाल ने बताया कि संस्था करीब ढाई साल से डोगरी के प्रचार-प्रसार के लिए अभियान चला रही है। अब तक शहर में 24 से अधिक स्थानों पर डोगरी लिपि में बोर्ड लगाए जा चुके हैं। इनमें छन्नी, चैंबर ऑफ कॉमर्स, शास्त्री नगर श्मशान घाट, अमर सिंह क्लब, वेयरहाउस ट्रेडर्स फेडरेशन सहित कई प्रमुख स्थल शामिल हैं। प्रयास है कि शहर के हर प्रमुख चौराहे और सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे बोर्ड लगाए जाएं। संस्था के 150 सदस्य अभियान में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
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अब 40 पुराने मोहल्लों में भी लगाए जाएंगे बोर्ड
डाॅ. लाल ने बताया कि अभियान के अगले चरण में शहर के करीब 40 पुराने मोहल्लों को चिह्नित किया जाएगा। पक्का डंगा, कालीजनी, जुलाका मोहल्ले, पुरानी मंडी तथा डोगरा विरासत से जुड़े अन्य ऐतिहासिक क्षेत्रों में भी डोगरी लिपि टाकरी में लिखे बोर्ड लगाए जाएंगे।