{"_id":"696955a875ce6a62180758f9","slug":"court-news-rera-jammu-news-c-10-jmu1052-812518-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: हाईकोर्ट ने कहा-शक्तिहीन फोरम हाथ नहीं बांध सकता, रेरा से जुड़े मामले में यथास्थिति का प्रतिबंध हटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: हाईकोर्ट ने कहा-शक्तिहीन फोरम हाथ नहीं बांध सकता, रेरा से जुड़े मामले में यथास्थिति का प्रतिबंध हटाया
विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने कहा कि शक्तिहीन फोरम हाथ नहीं बांध सकता। इसके साथ ही रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) से जुड़े विवाद में रॉयल नेस्ट पर यथास्थिति के प्रतिबंध को हटा दिया।
कोर्ट ने कहा कि जब स्पेशल ट्रिब्यूनल के सिंगल बेंच चेयरपर्सन ने सही बेंच कंपोजिशन न होने के कारण अपील को सुनवाई योग्य नहीं पाया तो कोई भी प्रतिबंध आदेश जारी नहीं रख सकते। संदीप कुमार और अन्य के खिलाफ दायर याचिका पर जस्टिस राहुल भारती ने यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता दिल्ली-कुंजवानी बाईपास पर स्थित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट रॉयल नेस्ट सफायर के प्रमोटर हैं।
फैसले में दर्ज तथ्यों के अनुसार 14 फ्लैट मालिकों ने रेरा के समक्ष शिकायत दर्ज की थी। जेकेरेरा ने कमियों को लिखित में बताने और 30 दिनों के भीतर ठीक करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि प्रमोटर ऐसा करने में विफल रहता है तो याचिकाकर्ता राहत/मुआवजे की मांग कर सकते हैं।
असंतुष्ट आवंटियों ने स्पेशल ट्रिब्यूनल के समक्ष अपील की। सिंगल मेंबर बेंच (चेयरपर्सन) ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। उसने प्रमोटर को कॉमन एरिया को कॉमर्शियल स्पेस में बदलने या ऐसे स्पेस को संचालित/हस्तांतरित करने से रोक दिया।
रिट याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि जब चेयरपर्सन ने यह निष्कर्ष निकाला कि अपील सुनवाई योग्य नहीं है तो कोई और टिप्पणी या निर्देश जारी करने का अवसर नहीं था तो यथास्थिति जारी रखना व्यर्थ था। कोर्ट ने तदनुसार कॉमन एरिया से संबंधित यथास्थिति के निर्देश को रद्द कर दिया। (जेएनएफ)
Trending Videos
कोर्ट ने कहा कि जब स्पेशल ट्रिब्यूनल के सिंगल बेंच चेयरपर्सन ने सही बेंच कंपोजिशन न होने के कारण अपील को सुनवाई योग्य नहीं पाया तो कोई भी प्रतिबंध आदेश जारी नहीं रख सकते। संदीप कुमार और अन्य के खिलाफ दायर याचिका पर जस्टिस राहुल भारती ने यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता दिल्ली-कुंजवानी बाईपास पर स्थित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट रॉयल नेस्ट सफायर के प्रमोटर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
फैसले में दर्ज तथ्यों के अनुसार 14 फ्लैट मालिकों ने रेरा के समक्ष शिकायत दर्ज की थी। जेकेरेरा ने कमियों को लिखित में बताने और 30 दिनों के भीतर ठीक करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि प्रमोटर ऐसा करने में विफल रहता है तो याचिकाकर्ता राहत/मुआवजे की मांग कर सकते हैं।
असंतुष्ट आवंटियों ने स्पेशल ट्रिब्यूनल के समक्ष अपील की। सिंगल मेंबर बेंच (चेयरपर्सन) ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। उसने प्रमोटर को कॉमन एरिया को कॉमर्शियल स्पेस में बदलने या ऐसे स्पेस को संचालित/हस्तांतरित करने से रोक दिया।
रिट याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि जब चेयरपर्सन ने यह निष्कर्ष निकाला कि अपील सुनवाई योग्य नहीं है तो कोई और टिप्पणी या निर्देश जारी करने का अवसर नहीं था तो यथास्थिति जारी रखना व्यर्थ था। कोर्ट ने तदनुसार कॉमन एरिया से संबंधित यथास्थिति के निर्देश को रद्द कर दिया। (जेएनएफ)