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Jammu News: वायुसेना के पूर्व अधिकारी को नाै दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर हड़पे 52.90 लाख
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क्राइम ब्रांच ने 39.90 लाख रुपये सुरक्षित किए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू में वायुसेना के एक पूर्व अधिकारी को नौ दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 52.90 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। ठगों ने डर और दबाव बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करवाया। इस मामले में पुलिस थाना साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीआईसीई) क्राइम ब्रांच ने 39.90 लाख रुपये सुरक्षित किए हैं। इसमें जोधपुर स्थित यस बैंक के एक संदिग्ध खाते में 11.90 लाख रुपये ट्रेस कर खाते को होल्ड कर दिया है।
पीड़ित पूर्व अधिकारी ने छह फरवरी को पुलिस थाना सीआईसीई (क्राइम ब्रांच) जम्मू में शिकायत दर्ज करवाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस उन बैंक खातों की पहचान करने में जुटी जिनमें पैसा भेजा था। पैसों के ट्रेल को खंगाला। जोधपुर में यस बैंक के खाते में 11.90 लाख के अलावा अन्य जुड़े खातों में 4.90 लाख रुपये की राशि को चिह्नित किया। पुलिस व संबंधित बैंकों के समन्वय से जांच में 28 लाख रुपये और ट्रेस किए गए। इस तरह कुल 39,90,482 रुपये की राशि को सुरक्षित कर लिया गया। सुरक्षित की गई रकम को न्यायालय के माध्यम से पीड़ित के खाते में लौटाया जाएगा। सीआईसीई ने दावा किया कि शिकायत मिलने के महज तीन घंटे के भीतर जोधपुर में एक संदिग्ध खाते में 11.90 लाख रुपये ट्रेस कर खाते को होल्ड किया था। ऑपरेशन का नेतृत्व डीएसपी अलबीना मलिक ने किया। टीम में एसएचओ पीएस सीआईसीई जम्मू, इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एचसी राकेश चौधरी शामिल रहे। पूरे ऑपरेशन की निगरानी एसएसपी सीआईसीई जम्मू-कश्मीर ने की।
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पहली बार लाइव ऑपरेशन
में कारगर हुई नई एसओपी
डिजिटल अरेस्ट के इस मामले में सीआईसीई ने पहली बार नई एसओपी के तहत कार्रवाई की। इसमें बैंक खाता फ्रीज करने के बजाय उस खाते में गए पैसे पर रोक लगा दी जाती है। यानी पूरा खाता फ्रीज नहीं होगा। डिजिटल अरेस्ट के मामले में सीआईसीई ने ऐसा ही किया। एसएसपी सीआईसीई रमनीश गुप्ता ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती है। लोगों से अनुरोध है कि वे इस तरह साइबर ठगों की बातों में न आएं।
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अक्तूबर में 4.4 करोड़ की हुई थी ठगी
गौरतलब है कि अक्तूबर 2025 में डिजिटल अरेस्ट का एक बड़ा मामला सामने आया था। इसमें पीड़ित से 4.4 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। पुलिस ने गुजरात के सूरत से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन्होंने जम्मू निवासी कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट में रखकर ठगी थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू में वायुसेना के एक पूर्व अधिकारी को नौ दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 52.90 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। ठगों ने डर और दबाव बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करवाया। इस मामले में पुलिस थाना साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीआईसीई) क्राइम ब्रांच ने 39.90 लाख रुपये सुरक्षित किए हैं। इसमें जोधपुर स्थित यस बैंक के एक संदिग्ध खाते में 11.90 लाख रुपये ट्रेस कर खाते को होल्ड कर दिया है।
पीड़ित पूर्व अधिकारी ने छह फरवरी को पुलिस थाना सीआईसीई (क्राइम ब्रांच) जम्मू में शिकायत दर्ज करवाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस उन बैंक खातों की पहचान करने में जुटी जिनमें पैसा भेजा था। पैसों के ट्रेल को खंगाला। जोधपुर में यस बैंक के खाते में 11.90 लाख के अलावा अन्य जुड़े खातों में 4.90 लाख रुपये की राशि को चिह्नित किया। पुलिस व संबंधित बैंकों के समन्वय से जांच में 28 लाख रुपये और ट्रेस किए गए। इस तरह कुल 39,90,482 रुपये की राशि को सुरक्षित कर लिया गया। सुरक्षित की गई रकम को न्यायालय के माध्यम से पीड़ित के खाते में लौटाया जाएगा। सीआईसीई ने दावा किया कि शिकायत मिलने के महज तीन घंटे के भीतर जोधपुर में एक संदिग्ध खाते में 11.90 लाख रुपये ट्रेस कर खाते को होल्ड किया था। ऑपरेशन का नेतृत्व डीएसपी अलबीना मलिक ने किया। टीम में एसएचओ पीएस सीआईसीई जम्मू, इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एचसी राकेश चौधरी शामिल रहे। पूरे ऑपरेशन की निगरानी एसएसपी सीआईसीई जम्मू-कश्मीर ने की।
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पहली बार लाइव ऑपरेशन
में कारगर हुई नई एसओपी
डिजिटल अरेस्ट के इस मामले में सीआईसीई ने पहली बार नई एसओपी के तहत कार्रवाई की। इसमें बैंक खाता फ्रीज करने के बजाय उस खाते में गए पैसे पर रोक लगा दी जाती है। यानी पूरा खाता फ्रीज नहीं होगा। डिजिटल अरेस्ट के मामले में सीआईसीई ने ऐसा ही किया। एसएसपी सीआईसीई रमनीश गुप्ता ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती है। लोगों से अनुरोध है कि वे इस तरह साइबर ठगों की बातों में न आएं।
अक्तूबर में 4.4 करोड़ की हुई थी ठगी
गौरतलब है कि अक्तूबर 2025 में डिजिटल अरेस्ट का एक बड़ा मामला सामने आया था। इसमें पीड़ित से 4.4 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। पुलिस ने गुजरात के सूरत से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन्होंने जम्मू निवासी कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट में रखकर ठगी थी।