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Jammu News: सीएम आवास-सचिवालय के बीच कचरे का ‘स्वागत द्वार’
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- पीरखो और परेड रोड के ट्रांसफर स्टेशनों पर उठे सवाल
- शहर को स्मार्ट बनाने के दावों के बीच प्रमुख मार्गों पर कचरे के ढेर
- प्रशासनिक कार्यालयों और धार्मिक स्थलों के पास गंदगी से नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। एक तरफ जम्मू को पर्यटन और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की कवायद चल रही है। दूसरी तरफ शहर के सबसे संवेदनशील इलाकों में कचरा ट्रांसफर स्टेशन जम्मू की तस्वीर पर दाग बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास, डीसी कार्यालय और सचिवालय के बीच पीरखो व परेड रोड पर बने कचरा ट्रांसफर स्टेशन परेशानी का कारण बन गए हैं।
लोगों का कहना है कि यहां कचरा वाहनों की आवाजाही, दुर्गंध और सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से न केवल यातायात प्रभावित होता है बल्कि जम्मू आने वाले पर्यटकों के सामने शहर की खराब तस्वीर भी जाती है।
सबसे ज्यादा सवाल पीरखो स्थित ट्रांसफर स्टेशन को लेकर उठ रहे हैं। आसपास कई प्राचीन मंदिर होने के कारण स्थानीय लोगों ने धार्मिक स्थलों की पवित्रता प्रभावित होने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि कचरे में मौजूद खाद्य अवशेषों को पशु-पक्षी उठाकर मंदिर परिसरों तक ले जाते हैं। इससे धार्मिक भावनाएं आहत होने के साथ ही क्षेत्र में गंदगी भी फैलती है।
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मंदिरों के बीच कचरा स्टेशन, पवित्रता पर सवाल
पीरखो स्थित श्रीराम मंदिर आश्रम के पुजारी केशव शुक्ला के अनुसार, ट्रांसफर स्टेशन के आसपास सात से अधिक छोटे-बड़े प्राचीन मंदिर हैं। उनका कहना है कि कचरे में फेंकी गई हड्डियां और मांस के अवशेष पशु-पक्षी उठाकर मंदिर परिसर में छोड़ देते हैं। इससे धार्मिक स्थलों की पवित्रता प्रभावित हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री आवास और डीसी कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान आसपास हैं तो इस इलाके में कचरा ट्रांसफर स्टेशन क्यों रखा गया है।
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फरियादियों को जाम और दुर्गंध
का करना पड़ रहा सामना
पीरखो क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास और डीसी कार्यालय होने के कारण रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय कचरा उठाने वाले वाहनों की कतार और सड़क किनारे खड़े वाहन यातायात को प्रभावित करते हैं। लोगों का कहना है कि दूरदराज से अपनी समस्याएं लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय पहुंचने वालों को यहां जाम और दुर्गंध का सामना करना पड़ता है।
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गीता भवन के आसपास भी दुर्गंध
श्री सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों ने गीता भवन के आसपास कचरे से फैल रही दुर्गंध पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि धार्मिक गतिविधियों वाले इस क्षेत्र में स्वच्छ और शांत वातावरण होना चाहिए लेकिन कचरा ट्रांसफर स्टेशन के कारण स्थिति इसके उलट है। समाजसेवी राहुल शर्मा ने परेड चौक के पास बने ट्रांसफर स्टेशन को हटाने की मांग की।
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पर्यटन बढ़ाने की कोशिश, प्रमुख मार्गों पर कचरा स्टेशन
रघुनाथ बाजार के कारोबारी गौतम गुप्ता ने कहा कि जम्मू में पर्यटन को बढ़ावा देने और शहर को सुंदर बनाने की योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में प्रमुख मार्गों और व्यस्त इलाकों में कचरा ट्रांसफर स्टेशन शहर की पूरी तस्वीर को प्रभावित करते हैं। मिशन स्टेटहुड के सुनील डिंपल, शिवसेना प्रमुख मनीष साहनी समेत अन्य संगठनों ने भी प्रशासन से इन स्टेशनों को वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। नगर निगम का कहना है कि ट्रांसफर स्टेशनों पर आने वाले कचरे की छंटाई और रिसाइकिलिंग की जाती है। उपयोगी सामग्री अलग करने के बाद शेष कचरा कोट भलवाल और भगवती नगर भेजा जाता है। निगम के अनुसार, शहर से कचरा उठाने और उसके निस्तारण की व्यवस्था के तहत इन स्टेशनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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- शहर को स्मार्ट बनाने के दावों के बीच प्रमुख मार्गों पर कचरे के ढेर
- प्रशासनिक कार्यालयों और धार्मिक स्थलों के पास गंदगी से नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। एक तरफ जम्मू को पर्यटन और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की कवायद चल रही है। दूसरी तरफ शहर के सबसे संवेदनशील इलाकों में कचरा ट्रांसफर स्टेशन जम्मू की तस्वीर पर दाग बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास, डीसी कार्यालय और सचिवालय के बीच पीरखो व परेड रोड पर बने कचरा ट्रांसफर स्टेशन परेशानी का कारण बन गए हैं।
लोगों का कहना है कि यहां कचरा वाहनों की आवाजाही, दुर्गंध और सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से न केवल यातायात प्रभावित होता है बल्कि जम्मू आने वाले पर्यटकों के सामने शहर की खराब तस्वीर भी जाती है।
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सबसे ज्यादा सवाल पीरखो स्थित ट्रांसफर स्टेशन को लेकर उठ रहे हैं। आसपास कई प्राचीन मंदिर होने के कारण स्थानीय लोगों ने धार्मिक स्थलों की पवित्रता प्रभावित होने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि कचरे में मौजूद खाद्य अवशेषों को पशु-पक्षी उठाकर मंदिर परिसरों तक ले जाते हैं। इससे धार्मिक भावनाएं आहत होने के साथ ही क्षेत्र में गंदगी भी फैलती है।
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मंदिरों के बीच कचरा स्टेशन, पवित्रता पर सवाल
पीरखो स्थित श्रीराम मंदिर आश्रम के पुजारी केशव शुक्ला के अनुसार, ट्रांसफर स्टेशन के आसपास सात से अधिक छोटे-बड़े प्राचीन मंदिर हैं। उनका कहना है कि कचरे में फेंकी गई हड्डियां और मांस के अवशेष पशु-पक्षी उठाकर मंदिर परिसर में छोड़ देते हैं। इससे धार्मिक स्थलों की पवित्रता प्रभावित हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री आवास और डीसी कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान आसपास हैं तो इस इलाके में कचरा ट्रांसफर स्टेशन क्यों रखा गया है।
फरियादियों को जाम और दुर्गंध
का करना पड़ रहा सामना
पीरखो क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास और डीसी कार्यालय होने के कारण रोज बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय कचरा उठाने वाले वाहनों की कतार और सड़क किनारे खड़े वाहन यातायात को प्रभावित करते हैं। लोगों का कहना है कि दूरदराज से अपनी समस्याएं लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय पहुंचने वालों को यहां जाम और दुर्गंध का सामना करना पड़ता है।
गीता भवन के आसपास भी दुर्गंध
श्री सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों ने गीता भवन के आसपास कचरे से फैल रही दुर्गंध पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि धार्मिक गतिविधियों वाले इस क्षेत्र में स्वच्छ और शांत वातावरण होना चाहिए लेकिन कचरा ट्रांसफर स्टेशन के कारण स्थिति इसके उलट है। समाजसेवी राहुल शर्मा ने परेड चौक के पास बने ट्रांसफर स्टेशन को हटाने की मांग की।
पर्यटन बढ़ाने की कोशिश, प्रमुख मार्गों पर कचरा स्टेशन
रघुनाथ बाजार के कारोबारी गौतम गुप्ता ने कहा कि जम्मू में पर्यटन को बढ़ावा देने और शहर को सुंदर बनाने की योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में प्रमुख मार्गों और व्यस्त इलाकों में कचरा ट्रांसफर स्टेशन शहर की पूरी तस्वीर को प्रभावित करते हैं। मिशन स्टेटहुड के सुनील डिंपल, शिवसेना प्रमुख मनीष साहनी समेत अन्य संगठनों ने भी प्रशासन से इन स्टेशनों को वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। नगर निगम का कहना है कि ट्रांसफर स्टेशनों पर आने वाले कचरे की छंटाई और रिसाइकिलिंग की जाती है। उपयोगी सामग्री अलग करने के बाद शेष कचरा कोट भलवाल और भगवती नगर भेजा जाता है। निगम के अनुसार, शहर से कचरा उठाने और उसके निस्तारण की व्यवस्था के तहत इन स्टेशनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।