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Jammu News: एमआरआई मशीन का मैगनेट खराब, ठीक होने में लगेंगे दो सप्ताह
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जम्मू। राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन के मैगनेट में तकनीकी खराबी आने के बाद सेवाएं ठप हैं। कॉलेज प्रशासन के अनुसार मशीन को सुचारू करने में लगभग दो सप्ताह से अधिक का समय लग सकता है।
रोजाना 50 से अधिक एमआरआई की जाती थी। एक मशीन होने के कारण पूरे संभाग के मरीजों का दबाव जीएमसी पर है। इस कारण कम से कम दो मशीनों की जरूरत है। बताया जा रहा है कि 12 जनवरी को मशीन ने काम करना बंद कर दिया। मैगनेट में खराबी आने की बात मेडिकल प्रशासन की तरफ से बताई गई है। जांच का कार्य प्रभावित न हो इसके लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालकों के एमआरआई की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है।
प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मशीन अभी वारंटी के अधीन है। संबंधित कंपनी की टीम ने आकर इसे दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। मैगनेट व अन्य पार्ट्स में तकनीकी खराबी आई है जिसे सही करने में दो सप्ताह से अधिक का समय लगने की संभावना है।
तय शुल्क पर ही सेवाएं देंगे सेंटर्स संचालक
प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मरीजों को एमआरआई के लिए भटकना और परेशान न होना पड़े इसके लिए प्रमुख डायग्नोस्टिक सेंटर्स संचालकों से संपर्क किया गया है। जो भी मरीज इन सेंटर्स पर जांच के लिए जाएंगे उनसे निर्धारित शुल्क ही लिया जाएगा। वहीं नई एमआरआई मशीन की खरीद को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि जल्द कॉलेज को नई मशीन मिल जाएगी।
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रोजाना 50 से अधिक एमआरआई की जाती थी। एक मशीन होने के कारण पूरे संभाग के मरीजों का दबाव जीएमसी पर है। इस कारण कम से कम दो मशीनों की जरूरत है। बताया जा रहा है कि 12 जनवरी को मशीन ने काम करना बंद कर दिया। मैगनेट में खराबी आने की बात मेडिकल प्रशासन की तरफ से बताई गई है। जांच का कार्य प्रभावित न हो इसके लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालकों के एमआरआई की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है।
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प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मशीन अभी वारंटी के अधीन है। संबंधित कंपनी की टीम ने आकर इसे दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। मैगनेट व अन्य पार्ट्स में तकनीकी खराबी आई है जिसे सही करने में दो सप्ताह से अधिक का समय लगने की संभावना है।
तय शुल्क पर ही सेवाएं देंगे सेंटर्स संचालक
प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मरीजों को एमआरआई के लिए भटकना और परेशान न होना पड़े इसके लिए प्रमुख डायग्नोस्टिक सेंटर्स संचालकों से संपर्क किया गया है। जो भी मरीज इन सेंटर्स पर जांच के लिए जाएंगे उनसे निर्धारित शुल्क ही लिया जाएगा। वहीं नई एमआरआई मशीन की खरीद को लेकर विभागीय स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि जल्द कॉलेज को नई मशीन मिल जाएगी।