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Jammu News: एनसीएसएस पर फैसले का इंतजार, उद्योगों की नजर केंद्र के अगले कदम पर
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- गृह मंत्री के साथ एपेक्स कमेटी की बैठक, पैकेज बढ़ाने और लंबित इकाइयों पर चर्चा
- कारोबारी बोले, जल्द फैसला हुआ तो नए निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई एपेक्स कमेटी की बैठक के बाद अब जम्मू-कश्मीर के उद्योग जगत की नजर केंद्र सरकार के अगले फैसले पर टिकी है। कारोबारियों को उम्मीद है कि न्यू सेंट्रल सेक्टर स्कीम (एनसीएसएस) के तहत प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और लंबित औद्योगिक इकाइयों के पंजीकरण पर जल्द निर्णय होगा। उनका मानना है कि इससे प्रदेश में नए उद्योग लगाने का रास्ता खुलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में पिछले पांच वर्षों के दौरान एनसीएसएस के तहत हुए कामकाज की समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार योजना की प्रगति पर संतोष जताया गया। बैठक में दो प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। पहला, मौजूदा 28,400 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज को बढ़ाने का प्रस्ताव और दूसरा, पहले से स्वीकृत राशि में बची रकम से कुछ और औद्योगिक इकाइयों को योजना का लाभ देने का सुझाव। हालांकि बैठक के बाद सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा।
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फैसले से उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार
गंग्याल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन का कहना है कि एनसीएसएस को प्रदेश में अच्छा रिस्पांस मिला है। बड़ी संख्या में निवेशकों ने आवेदन किए लेकिन प्रोत्साहन राशि पूरी तरह उपयोग हो जाने के कारण कई प्रस्ताव मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। यदि पैकेज बढ़ाया जाता है या बची हुई राशि से और इकाइयों को शामिल किया जाता है तो लंबे समय से अटके निवेश प्रस्ताव आगे बढ़ेंगे और प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी। नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड के सदस्य संजय बंसल का कहना है कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया तेज होगी। इससे स्थानीय कारोबार को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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971 इकाइयों का पंजीकरण, 570 से ज्यादा आवेदन लंबित
एक अप्रैल, 2021 से लागू एनसीएसएस के तहत अब तक 971 औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हो चुका है। इन इकाइयों के लिए तय 28,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि लगभग पूरी तरह उपयोग हो चुकी है। वहीं उद्योग विभाग के पास करीब 570 आवेदन सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि उद्योग जगत केंद्र सरकार के अगले फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। प्रदेश प्रशासन ने केंद्र सरकार से प्रोत्साहन पैकेज को 28,400 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही यह भी सुझाव दिया है कि पहले से मंजूर पैकेज में बची हुई राशि से करीब 150 और औद्योगिक इकाइयों को योजना में शामिल किया जाए।
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- कारोबारी बोले, जल्द फैसला हुआ तो नए निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई एपेक्स कमेटी की बैठक के बाद अब जम्मू-कश्मीर के उद्योग जगत की नजर केंद्र सरकार के अगले फैसले पर टिकी है। कारोबारियों को उम्मीद है कि न्यू सेंट्रल सेक्टर स्कीम (एनसीएसएस) के तहत प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और लंबित औद्योगिक इकाइयों के पंजीकरण पर जल्द निर्णय होगा। उनका मानना है कि इससे प्रदेश में नए उद्योग लगाने का रास्ता खुलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में पिछले पांच वर्षों के दौरान एनसीएसएस के तहत हुए कामकाज की समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार योजना की प्रगति पर संतोष जताया गया। बैठक में दो प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। पहला, मौजूदा 28,400 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज को बढ़ाने का प्रस्ताव और दूसरा, पहले से स्वीकृत राशि में बची रकम से कुछ और औद्योगिक इकाइयों को योजना का लाभ देने का सुझाव। हालांकि बैठक के बाद सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा।
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फैसले से उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार
गंग्याल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन का कहना है कि एनसीएसएस को प्रदेश में अच्छा रिस्पांस मिला है। बड़ी संख्या में निवेशकों ने आवेदन किए लेकिन प्रोत्साहन राशि पूरी तरह उपयोग हो जाने के कारण कई प्रस्ताव मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। यदि पैकेज बढ़ाया जाता है या बची हुई राशि से और इकाइयों को शामिल किया जाता है तो लंबे समय से अटके निवेश प्रस्ताव आगे बढ़ेंगे और प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी। नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड के सदस्य संजय बंसल का कहना है कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की प्रक्रिया तेज होगी। इससे स्थानीय कारोबार को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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971 इकाइयों का पंजीकरण, 570 से ज्यादा आवेदन लंबित
एक अप्रैल, 2021 से लागू एनसीएसएस के तहत अब तक 971 औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हो चुका है। इन इकाइयों के लिए तय 28,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि लगभग पूरी तरह उपयोग हो चुकी है। वहीं उद्योग विभाग के पास करीब 570 आवेदन सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि उद्योग जगत केंद्र सरकार के अगले फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। प्रदेश प्रशासन ने केंद्र सरकार से प्रोत्साहन पैकेज को 28,400 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही यह भी सुझाव दिया है कि पहले से मंजूर पैकेज में बची हुई राशि से करीब 150 और औद्योगिक इकाइयों को योजना में शामिल किया जाए।