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संवाद दिलों के बीच पुल बनाने का एक जरिया : उपराज्यपाल
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को पुलवामा में मुलाकात कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि संवाद केवल शब्दों का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि दिलों के बीच एक पुल है। यह भरोसे को बढ़ाने का जरिया है। यह शांति व समृद्धि का रास्ता है।
उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि साथ चलना, बातचीत करना और एक-दूसरे के लिए अपने दिलों में जगह बनाना ही भारत की सभ्यतागत सोच का सार है। विविधता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी ताकत है। सेव यूथ सेव फ्यूचर फाउंडेशन की कोशिशों की तारीफ करते हुए, उपराज्यपाल ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ काम करने वाले और भाईचारे को बढ़ावा देने वाले युवा स्वयंसेवकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल को और बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत है। उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारें कानून बना सकती हैं और प्रशासन व्यवस्थाएं दे सकता है, लेकिन असली सद्भाव तो लोग खुद ही बनाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से नागरिकों की सुरक्षा, विकास में समान अवसर और कल्याणकारी योजनाओं को ठीक से लागू करना सुनिश्चित करने को कहा। इस मौके पर उपराज्यपाल ने पुलवामा के स्पोर्ट्स स्टेडियम से ''तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने ''हर घर तिरंगा और राष्ट्रीय एकता के अन्य कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए पुलवामा के लोगों की तारीफ भी की।
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श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को पुलवामा में मुलाकात कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि संवाद केवल शब्दों का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि दिलों के बीच एक पुल है। यह भरोसे को बढ़ाने का जरिया है। यह शांति व समृद्धि का रास्ता है।
उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि साथ चलना, बातचीत करना और एक-दूसरे के लिए अपने दिलों में जगह बनाना ही भारत की सभ्यतागत सोच का सार है। विविधता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी ताकत है। सेव यूथ सेव फ्यूचर फाउंडेशन की कोशिशों की तारीफ करते हुए, उपराज्यपाल ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ काम करने वाले और भाईचारे को बढ़ावा देने वाले युवा स्वयंसेवकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल को और बड़े पैमाने पर बढ़ाने की जरूरत है। उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारें कानून बना सकती हैं और प्रशासन व्यवस्थाएं दे सकता है, लेकिन असली सद्भाव तो लोग खुद ही बनाते हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से नागरिकों की सुरक्षा, विकास में समान अवसर और कल्याणकारी योजनाओं को ठीक से लागू करना सुनिश्चित करने को कहा। इस मौके पर उपराज्यपाल ने पुलवामा के स्पोर्ट्स स्टेडियम से ''तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने ''हर घर तिरंगा और राष्ट्रीय एकता के अन्य कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए पुलवामा के लोगों की तारीफ भी की।
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