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Jammu News: झाड़ियों और जलभराव में फंसा पंचायत पल्ली का सोलर प्लांट
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बाड़ी ब्राह्मणा। देश की पहली कार्बन न्यूट्रल पंचायत पल्ली का 520 किलोवाट क्षमता वाला सोलर प्लांट विभागीय लापरवाही के चलते बर्बाद हो रहा है। शनिवार सुबह हुई तेज बारिश से प्लांट के भीतर तक पानी भर गया और सोलर पैनलों के आसपास तक पानी पहुंच गया। नियमित रखरखाव न होने से घास-फूस, झाड़ियां और पेड़-पौधे पहले ही पैनलों को अपनी जद में ले चुके हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से प्लांट पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है। साफ-सफाई का अभाव और सुरक्षा की अनदेखी ने सोलर सेटअप (पैनल, ट्रांसफॉर्मर और अन्य उपकरण) के आसपास जंगली घास उग आई है। इस बीच कॉपर तारों की लगातार चोरी और ट्रांसफार्मर के अहम हिस्सों के गायब होने की घटनाओं ने परियोजना को और कमजोर कर दिया है। शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज तो करवाई गई, पर कार्रवाई नहीं हो पाई।
खंड विकास कार्यालय बाड़ी ब्राह्मणा की उदासीनता पर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। अधिकारी समय पर निरीक्षण व मरम्मत नहीं करवा रहे हैं। इससे देशभर के लिए मॉडल घोषित किया गया यह सोलर प्लांट धीरे-धीरे कबाड़ में बदलता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में पल्ली को आदर्श पंचायत और देश की पहली कार्बन न्यूट्रल पंचायत घोषित कर इस सोलर प्लांट का उद्घाटन किया था। तब इसे हर जिले के लिए उदाहरण बताया गया था लेकिन विभागीय लापरवाही ने उस तस्वीर को धूमिल कर दिया।
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स्थानीय मानिक शर्मा ने कहा कि सोलर प्लांट की वर्तमान हालत न केवल निवेश और संसाधनों की बर्बादी है बल्कि प्लांट बंद रहने से 2000 यूनिट रोजाना स्तर पर बिजली का नुकसान हो रहा है। ग्रामीण राजेश कुमार ने कहा कि कि खंड विकास अधिकारी तत्काल सक्रिय होकर सुरक्षा, सफाई और मरम्मत के साथ प्लांट को पुनः चालू करने को सुनिश्चित करें अन्यथा पल्ली का यह मॉडल भाषणों और शिलापट्टी तक सीमित रह जाएगा।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से प्लांट पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है। साफ-सफाई का अभाव और सुरक्षा की अनदेखी ने सोलर सेटअप (पैनल, ट्रांसफॉर्मर और अन्य उपकरण) के आसपास जंगली घास उग आई है। इस बीच कॉपर तारों की लगातार चोरी और ट्रांसफार्मर के अहम हिस्सों के गायब होने की घटनाओं ने परियोजना को और कमजोर कर दिया है। शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज तो करवाई गई, पर कार्रवाई नहीं हो पाई।
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खंड विकास कार्यालय बाड़ी ब्राह्मणा की उदासीनता पर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। अधिकारी समय पर निरीक्षण व मरम्मत नहीं करवा रहे हैं। इससे देशभर के लिए मॉडल घोषित किया गया यह सोलर प्लांट धीरे-धीरे कबाड़ में बदलता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में पल्ली को आदर्श पंचायत और देश की पहली कार्बन न्यूट्रल पंचायत घोषित कर इस सोलर प्लांट का उद्घाटन किया था। तब इसे हर जिले के लिए उदाहरण बताया गया था लेकिन विभागीय लापरवाही ने उस तस्वीर को धूमिल कर दिया।
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स्थानीय मानिक शर्मा ने कहा कि सोलर प्लांट की वर्तमान हालत न केवल निवेश और संसाधनों की बर्बादी है बल्कि प्लांट बंद रहने से 2000 यूनिट रोजाना स्तर पर बिजली का नुकसान हो रहा है। ग्रामीण राजेश कुमार ने कहा कि कि खंड विकास अधिकारी तत्काल सक्रिय होकर सुरक्षा, सफाई और मरम्मत के साथ प्लांट को पुनः चालू करने को सुनिश्चित करें अन्यथा पल्ली का यह मॉडल भाषणों और शिलापट्टी तक सीमित रह जाएगा।