Jammu Kashmir: बारिश ने मचाई तबाही, रामबन में भूस्खलन से दंपती और बांदीपोरा में बाढ़ से मां-बेटे की मौत
बांदीपोरा में अचानक आई बाढ़ में बहने से मां और उसके 14 वर्षीय बेटे की जान चली गई। वहीं, प्रदेश में 126 सड़कों से आवाजाही बंद हो गई हैं। इससे 500 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। नदी और पहाड़ी नाले उफान पर हैं।
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जम्मू-कश्मीर में लगातार चौथे दिन बुधवार को भी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। रामबन में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के दौरान पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक दंपती की मौत हो गई। बांदीपोरा में अचानक आई बाढ़ में बहने से मां और उसके 14 वर्षीय बेटे की जान चली गई। वहीं, प्रदेश में 126 सड़कों से आवाजाही बंद हो गई हैं। इससे 500 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। नदी और पहाड़ी नाले उफान पर हैं।
रामबन के रामसू क्षेत्र में एक टेंपो पर पहाड़ी से विशाल पत्थर गिर गया। हादसे में डोडा जिले के दंडल निवासी नजीर अहमद और उनकी पत्नी शकीला बानो की मौके पर ही मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन, मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
बांदीपोरा के किशनगंगा नदी, अरिन और मधुमति नालों सहित वुलर झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी करते हुए 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है। बारामुला के उशकेरा स्थित हिलटॉप कॉलोनी में भूस्खलन के कारण पहाड़ी से मिट्टी और मलबा रिहायशी इलाके की ओर आ गया। प्रभावित परिवारों को मैरिज हॉल में शिफ्ट किया गया है, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर सड़क अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
उधर, बीरवाह में मंगलवार को एक बड़ा हादसा टल गया। स्टेशन हाउस ऑफिसर मुदासिर नजर ने सूझबूझ दिखाते हुए बाढ़ के तेज बहाव में बहने से कुछ मिनट पहले 32 दुकानों वाले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से दर्जनों दुकानदारों और ग्राहकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुछ ही देर बाद पूरी इमारत बह गई। श्रीनगर में दाचीगाम नाला बाढ़ के चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है। किश्तवाड़ में भूस्खलन और सड़क धंसने के खतरे को देखते हुए सभी प्रमुख सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं। उधमपुर में 22 जुलाई को प्रस्तावित ड्राइविंग लाइसेंस ट्रायल टेस्ट भी स्थगित कर दिया गया है।
रियासी के चसाना और पौनी क्षेत्र में दो कच्चे मकान गिर गए हैं, जबकि माहौर, भमाग और ठाकराकोट की कई संपर्क सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बारादरी-कटरा-सुला मार्ग पर भूस्खलन के कारण वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। कठुआ के लखनपुर क्षेत्र में उफनती खड्ड में बिजली के दो खंभे बह गए और पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। बिलावर उपमंडल के धार डूगनु गांव में एक कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हुआ है।
अखनूर में चिनाब नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 35.8 फीट दर्ज किया गया, जबकि 35 फीट को खतरे की सीमा माना जाता है। जियो पोता घाट जलमग्न हो गया है और नदी किनारे कृषि भूमि का कटाव शुरू हो गया है। सांबा में घगवाल-राजपुरा मार्ग पर सनूरा की पुलिया तेज बहाव में बह गई जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
रामबन जिले में छह कच्चे मकान आंशिक और एक पक्का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। प्रशासन ने 39 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जिले में 24 सड़कें बंद हैं। कटड़ा में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हिमकोटी समेत कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। श्राइन बोर्ड, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, सभी विभाग हाई अलर्ट पर
मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में समीक्षा बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों, सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति और आवश्यक सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने, बहाली कार्यों में तेजी लाने, आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से खाद्यान्न व जरूरी सामान पहुंचाने के निर्देश दिए। वहीं, राजोरी जिले के बाढ़ प्रभावित प्रभावितों के लिए 9 करोड़ से अधिक के विशेष राहत पैकेज की घोषणा की गई है।
बारिश के आंकड़े
- पिछले 24 घंटों में कठुआ में सबसे अधिक 153.4 मिमी बारिश
- सांबा में 133.0 मिमी और उधमपुर में 132.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड
- कश्मीर संभाग में सबसे अधिक 55.0 मिमी बारिश गुलमर्ग में हुई
- पांच दिन में राजोरी में सबसे ज्यादा 333.3 मिमी बारिश
23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार 23 जुलाई तक जम्मू संभाग के जम्मू, कठुआ, उधमपुर, रियासी, राजोरी, सांबा, डोडा और रामबन जिलों में भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। 24 जुलाई से मौसम में सुधार की संभावना जताई गई है।