कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती समारोह में शामिल होने के लिए गुरुवार को भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी पहुंचे। साथ ही सेवा निवृत जनरल वीपी मलिक भी समारोह में शामिल हुए। शुक्रवार को प्रधानमंत्री (पीएम) नरेंद्र मोदी इसमें शामिल होंगे। 26 जुलाई भारत के सैन्य इतिहास में एक गौरवशाली दिन है। कारगिल वह क्षेत्र है, जहां भारत और पाकिस्तानी सेना ने युद्ध किया और पड़ोसी मुल्क के कब्जे से कारगिल द्रास क्षेत्र को आजाद कराया।
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Kargil Vijay Diwas: द्रास में कारगिल विजय दिवस का रजत जयंती समारोह, सेना प्रमुख हुए शामिल, कल आएंगे PM
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: गुलशन कुमार
Updated Thu, 25 Jul 2024 05:59 PM IST
सार
कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती समारोह में शामिल होने के लिए गुरुवार को भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी पहुंचे। साथ ही सेवा निवृत जनरल वीपी मलिक भी समारोह में शामिल हुए।
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सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी
- फोटो : सेना
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कारगिल विजय दिवस
- फोटो : संवाद
इस दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ विजय गाथा लिखी। भारत-पाकिस्तान की इस सैन्य जंग को इतिहास में विजय के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है और हर साल कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन, भारत वीर सैनिकों के साहस और बलिदान को याद करता है जिन्होंने देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा की।
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कारगिल विजय दिवस
- फोटो : संवाद
वीर बलिदानियों को पीएम मोदी अर्पित करेंगे श्रद्धांजलि
25वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी सुबह लगभग 9:20 बजे कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचेंगे। वे करगिल युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री वर्चुअल रूप से शिंकुन ला सुरंग परियोजना का पहला विस्फोट भी करेंगे।
शिंकुन ला सुरंग परियोजना में 4.1 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग शामिल है, जिसका निर्माण निमू-पदुम-दारचा रोड पर लगभग 15,800 फीट की ऊंचाई पर किया जाएगा, ताकि लेह को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान की जा सके। निर्माण कार्य पूरा होने पर यह विश्व की सर्वाधिक ऊंची सुरंग होगी। शिंकुन ला सुरंग न केवल हमारे सशस्त्र बलों और उपकरणों की तीव्र और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करेगी, बल्कि लद्दाख में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा देगी।
25वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी सुबह लगभग 9:20 बजे कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचेंगे। वे करगिल युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री वर्चुअल रूप से शिंकुन ला सुरंग परियोजना का पहला विस्फोट भी करेंगे।
शिंकुन ला सुरंग परियोजना में 4.1 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब सुरंग शामिल है, जिसका निर्माण निमू-पदुम-दारचा रोड पर लगभग 15,800 फीट की ऊंचाई पर किया जाएगा, ताकि लेह को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान की जा सके। निर्माण कार्य पूरा होने पर यह विश्व की सर्वाधिक ऊंची सुरंग होगी। शिंकुन ला सुरंग न केवल हमारे सशस्त्र बलों और उपकरणों की तीव्र और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करेगी, बल्कि लद्दाख में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा देगी।
कारगिल विजय दिवस
- फोटो : संवाद
सेना प्रमुख ने घाटी में अग्रिम इलाकों का दौरा किया
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने गुरुवार को कश्मीर घाटी में नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम इलाकों का दौरा किया और घुसपैठ तथा आतंकवाद विरोधी अभियानों में शामिल बलों की सुरक्षा स्थिति तथा तैयारियों की समीक्षा की।
सेना के एडीजीपीआई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा किया तथा नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।'
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने गुरुवार को कश्मीर घाटी में नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम इलाकों का दौरा किया और घुसपैठ तथा आतंकवाद विरोधी अभियानों में शामिल बलों की सुरक्षा स्थिति तथा तैयारियों की समीक्षा की।
सेना के एडीजीपीआई ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा किया तथा नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।'
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कारगिल विजय दिवस
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सेना ने कहा कि सेना प्रमुख (सीओएएस) ने कमांडरों तथा जमीनी स्तर पर तैनात सैनिकों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा, 'सीओएएस ने पेशेवरता के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए सभी रैंकों की सराहना की तथा उन्हें उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में दृढ़ रहने के लिए प्रेरित किया।'
बुधवार को श्रीनगर पहुंचने के बाद जनरल द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, उत्तरी कमान के जीओसी-इन-सी, चिनार कोर कमांडर, गणमान्य व्यक्तियों और चिनार कोर के सभी रैंकों के साथ नायक दिलावर खान को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने कुपवाड़ा में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
बुधवार को श्रीनगर पहुंचने के बाद जनरल द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, उत्तरी कमान के जीओसी-इन-सी, चिनार कोर कमांडर, गणमान्य व्यक्तियों और चिनार कोर के सभी रैंकों के साथ नायक दिलावर खान को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने कुपवाड़ा में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।