Amarnath Yatra: हाईटेक निगरानी के साथ श्रद्धालुओं को मिलेगा अभेद्य सुरक्षा कवच, आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी
तीन जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए हाईटेक निगरानी और आधुनिक उपकरण तैनात किए जा रहे हैं। यात्रा मार्ग, आधार शिविर और संवेदनशील क्षेत्रों में एक्स-रे स्कैनर, मेटल डिटेक्टर और अन्य तकनीकों से विस्फोटक व संदिग्ध वस्तुओं की पहचान की जाएगी।
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तीन जुलाई से शुरू हो रही श्री अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं को अभेद्य सुरक्षा कवच मिलेगा। इसके लिए सुरक्षा इंतजामों को और पुख्ता किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर तैनात सुरक्षाबलों को अब अत्याधुनिक तकनीक वाले उपकरण दिए जा रहे हैं। ये किसी भी खतरे की पहचान करने और समय रहते उसे टालने में मदद करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार यात्रा मार्ग, आधार शिविर और श्रद्धालुओं के आवागमन वाले क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसमें विस्फोटकों की पहचान, रिमोट कंट्रोल बम निष्क्रिय करना और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक उपकरण शामिल हैं।
लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए शारीरिक जांच के साथ-साथ वाहनों और सामान की भी जांच होगी। इस बार सुरक्षा एजेंसियां एक्स-रे आधारित स्कैनिंग सिस्टम, एक्सबीआईएस स्कैनर, हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर और लिक्विड एक्सप्लोसिव डिटेक्टर जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करेंगी। यात्रा मार्ग पर वाहनों को एक्स-रे आधारित स्कैनिंग सिस्टम और वाहन निरीक्षण उपकरणों से जांचा जाएगा। बैग और अन्य सामान एक्सबीआईएस स्कैनरों से होकर गुजरेंगे।
तीर्थयात्रियों को मिलेगा सुरक्षित वातावरण
आईजी सुरक्षा सुजीत कुमार ने कहा, हाईटेक उपकरणों का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। आधुनिक तकनीक की मदद से सुरक्षाबल कम समय में अधिक लोगों और वाहनों की जांच कर सकेंगे।
इससे किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री की पहचान तेजी से हो सकेगी। रिमोट कंट्रोल से संचालित विस्फोटकों के खतरे से निपटने के लिए पोर्टेबल आरसीआईईडी जैमर भी तैनात रहेंगे।
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आगामी अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) और रामकी इंफ्रास्ट्रक्चर ने श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर सुधार और सौंदर्य बढ़ाने का काम तेज कर दिया है। इसका उद्देश्य तीर्थयात्रियों के सफर को आसान और सुरक्षित बनाना है। अधिकारियों ने बताया कि हाईवे पर कई जगहों पर पेंटिंग और रखरखाव का काम किया जा रहा है। इसमें रोड डिवाइडर, क्रैश बैरियर, कर्बस्टोन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं, ताकि सड़क साफ दिखे और सुरक्षा बेहतर हो। यह प्रयास अलग-अलग एजेंसियों की तैयारियों का हिस्सा है, क्योंकि हर साल इस यात्रा में देश भर से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यात्रा के काफिले के आगमन से पहले तय समय में काम पूरा करने के लिए हाईवे के कई हिस्सों पर मजदूरों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मकसद केवल हाईवे की सूरत बदलना ही नहीं है, बल्कि तीर्थयात्रियों और अन्य राहगीरों के लिए यात्रा को सुरक्षित बनाना भी है। श्रीनगर-जम्मू हाईवे, अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल और नुनवान के दो मुख्य बेस कैंप तक पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य सड़क संपर्क है। सड़क को सुंदर बनाने के अलावा विभिन्न विभाग इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, ट्रैफिक मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स तैयारियों में लगे हैं, ताकि यात्रा आसानी से पूरी हो सके।
आरसीआईईडी जैमर: रिमोट कंट्रोल से संचालित विस्फोटकों के सिग्नल ब्लॉक करता है।
एक्सप्लोसिव डिटेक्टर: विस्फोटक पदार्थों के अंश भी पहचान सकता है।
डीप सर्च मेटल डिटेक्टर: जमीन के भीतर छिपी धातु वसंदिग्ध वस्तुओं का पता लगाता है।
नॉन-लीनियर जंक्शन डिटेक्टर: बंद या छिपे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खोज निकालता है।
एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम: बैग और सामान की स्क्रीनिंग कर संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करता है।