घाटी में बढ़ेगी कनेक्टिविटी: कश्मीर में रेल नेटवर्क के महाविस्तार की तैयारी, चार नई लाइनों के लिए सर्वे शुरू
घाटी में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए चार नई रेल लाइनों का अंतिम लोकेशन सर्वे शुरू किया है। इनमें बारामुला-उड़ी, सोपोर-कुपवाड़ा, अनंतनाग-पहलगाम और काकापोरा-शोपियां मार्ग प्रस्तावित हैं। यह विस्तार पर्यटन को बढ़ावा देगा।
विस्तार
आजादी के सात दशकों बाद कश्मीर विकास की एक नई पटरी पर दौड़ने के लिए तैयार है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) पर गत साल जून से ट्रेन परिचालन शुरू होने के बाद अब उत्तर रेलवे ने घाटी में कनेक्टिविटी को महाविस्तार देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत चार नई महत्वपूर्ण रेल लाइनों के लिए अंतिम लोकेशन सर्वे शुरू किया गया है।
प्रस्तावित विस्तार में बारामुला-उड़ी, सोपोर-कुपवाड़ा, अनंतनाग-बिजबिहाड़ा-पहलगाम और काकापोरा-शोपियां रेल मार्ग शामिल हैं। इन लाइनों के बिछने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कुपवाड़ा और उड़ी जैसे सीमावर्ती इलाकों तक रेल की पहुंच आसान हो जाएगी।
पिछले साल जून से रेलवे घाटी के लिए एक भरोसेमंद जीवनरेखा बनकर उभरा है। कड़ाके की सर्दी जब बाकी रास्ते बर्फबारी के कारण बंद हो गए तब रेलवे ने कनेक्टिविटी का मजबूत विकल्प दिया था। बारिश और भूस्खलन के कारण जब जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुआ तब भी रेलवे ने ही संकटमोचक बनकर कश्मीर के सेबों को खराब होने से बचाया और देश की विभिन्न मंडियों तक सुरक्षित पहुंचाया। खाद्य सामग्री की आपूर्ति, जरूरी कार्गो कंसाइनमेंट और पशुपालन विभाग द्वारा मवेशियों की ढुलाई में भी इस रेल नेटवर्क ने भूमिका निभाई है।
प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी मिलते ही दिया जाएगा मुआवजा
केंद्र सरकार ने अब कश्मीर में रेलवे का एक और व्यापक जाल बिछाने जा रही है। चार नई और अहम रेल लाइनों के विस्तार का खाका तैयार कर लिया गया है। एक अधिकारी के अनुसार इन प्रस्तावित लाइनों का अलाइनमेंट (रूट) संबंधित जिला प्रशासनों के परामर्श से फाइनल कर लिया है। इन प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी जमीन का आकलन भी पूरा हो चुका है। प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी मिलते ही जमीन, पेड़ों और मौजूदा ढांचों के अधिग्रहण के लिए तय कानूनों के तहत प्रभावितों लोगों को मुआवजा दिया जाएगा।
एलओसी तक सेना की पहुंच होगी आसान
यह विस्तार केवल आम लोगों, किसानों और पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी गेम-चेंजर साबित होगा। बारामुला-उड़ी जैसी लाइनों के बनने से भारतीय रेल सीधा नियंत्रण रेखा (एलओसी) तक पहुंच जाएगी। कश्मीर के साथ-साथ जम्मू संभाग में भी रेलवे अपने ढांचे को नई ऊंचाइयां दे रहा है। प्रस्तावित जम्मू-राजोरी रेल लाइन के शुरू होने से जम्मू क्षेत्र में भी एलओसी तक ट्रेन की पहुंच सुनिश्चित होगी। इससे पूरे क्षेत्र की सीमावर्ती कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार आएगा।