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Katra: कटड़ा की सड़कों पर गुस्सा फूटा, रोपवे परियोजना को लेकर माहौल तनावपूर्ण, धक्का-मुक्की के बीच नारेबाजी

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Mon, 09 Feb 2026 01:48 PM IST
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सार

कटड़ा में ताराकोट-सांझीछत रोपवे परियोजना के विरोध में संघर्ष समिति ने रघुनाथ मंदिर से रैली निकाली, पुलिस के रोकने पर धक्का-मुक्की और नारेबाजी हुई। संघर्ष समिति ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है, अन्यथा उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
 

Protests against the ropeway project take to the streets of Katra, with jostling and sloganeering.
िवधायक कार्यालय की ओर जाने से रोकने के लिए धक्का-मुक्की के बाद प्रदर्शनकारी को पकड़ते पुलिस कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

ताराकोट-सांझीछत रोपवे परियोजना के खिलाफ श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति की रघुनाथ मंदिर में बैठक के बाद भारी जनआक्रोश सड़कों पर दिखा। विधायक कार्यालय की ओर जाने से रोकने पर पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई।

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स्थानीय लोग और छोटे व्यवसायी आजीविका छिनने के डर से प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे थे। रविवार को संघर्ष समिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने बाजार से रैली निकाली और श्रीधर चौक की ओर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। लोगों ने पूरे रास्ते भाजपा और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की।
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प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि रोपवे परियोजना के नाम पर गुमराह किया जा रहा है और लोगों को आपस में बांटा जा रहा है। स्थानीय हितों की अनदेखी हो रही है। इस दौरान लोगों को बांटना बंद करो, रोपवे नहीं चाहिए, भाजपा-विधायक जवाब दो जैसे नारे गूंजते रहे।

हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब पुलिस ने श्रीधर चौक के पास प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान हल्की धक्का-मुक्की हुई, लेकिन गुस्साए लोग सड़कों पर दौड़ते हुए विधायक कार्यालय की ओर जाने का प्रयास करते रहे।

उनका कहना था कि विधायक से पूछना है कि कौन से लोग चाहते हैं कि दो गंडोले कटड़ा से लगाए जाएं। स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर अंबिका चौक पर बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। काफी गहमागहमी के बाद पुलिस ने लोगों को शांत कराया। इस दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा। संघर्ष समिति के सदस्यों ने साफ शब्दों में कहा कि उपराज्यपाल द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति को एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। यदि इस अवधि में ठोस जवाब या निर्णय सामने नहीं आया तो ऐसा उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी प्रशासन ने कल्पना भी नहीं की होगी।

पूछा-कौन से हितधारक हैं, जो कर रहे परियोजना का स्वागत समिति ने पूछा कि वे कौन से हितधारक हैं जिन्होंने लिखित में ताराकोट-सांझीछत रोपवे का स्वागत करने के लिए कहा है। समिति ने आरोप लगाया कि सीनियर सिटीजन फॉर्म संस्था विधायक के बड़े भाई की है। सनातन धर्म सभा उनके भांजे की थी। एक और संस्था रियासी में भाजपा के एक ग्रुप की है जो रोपवे के पक्ष में है। इसलिए प्रशासन और उच्च स्तरीय समिति से मांग है कि रोपवे न बनाया जाए। अगर परियोजना पूरी हुई तो शहर उजड़ेगा और लाखों लोग बेरोजगार होंगे।

यह मुद्दा आस्था, आजीविका और भविष्य का : समिति का कहना है कि यह सिर्फ रोपवे का मुद्दा नहीं, बल्कि कटड़ा की आस्था, आजीविका और भविष्य का है। प्रदर्शन में ग्रामीण इलाकों से आए लोगों भी में जोश देखने को मिला। उनका कहना था कि अब आने वाले समय में सोच-समझकर वोट देंगे। जनभावनाओं की अनदेखी करने वालों को राजनीतिक रूप से इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यहां समिति के अध्यक्ष बलिराम राणा, राजेश सदोत्रा, करण सिंह, प्रभात सिंह मंगली, सीनियर सिटीजन मोहन लाल, वरुण मगोत्रा, सोहन चंद सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। 

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