J&K Special: जम्मू में खुला प्रदेश का पहला सिल्वर हॉलमार्क सेंटर, अब चांदी की भी होगी शुद्धता की जांच
जम्मू के लखदत्ता सराफा बाजार में प्रदेश का पहला सिल्वर हॉलमार्क सेंटर बनकर तैयार हो गया है, जहां आम लोग और कारोबारी चांदी के जेवरों की शुद्धता जांचवा सकेंगे। बीआईएस से अनुमोदन के बाद टेस्टिंग चल रही है और उम्मीद है कि होली से पहले सुविधा पूरी तरह शुरू हो जाएगी।
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सोने की तरह अब चांदी की भी शुद्धता परखी जाएगी। इसके लिए जम्मू-कश्मीर में पहला सिल्वर हॉलमार्क सेंटर जम्मू शहर के लखदत्ता सराफा बाजार में बनकर तैयार है। टेस्टिंग चल रही है। जल्द औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी जाएगी।
निर्धारित शुल्क अदा कर सराफा कारोबारियों के साथ ही आम लोग भी शुद्धता की जांच करा सकेंगे। सामान्य दिनों में जम्मू के सराफा बाजार में करीब 50 किलो चांदी रोजाना बिकती है। अमीर हो या गरीब, सोना तो नहीं लेकिन चांदी का एकाध जेवर उसके घर में जरूर होता है।
सोने पर हॉलमार्क होने से उसकी असलियत तो पता चल जाती है लेकिन चांदी पर संशय बरकरार रहता है। शंका का समाधान करते हुए ग्राहकों के हित में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने सितंबर 2025 से देश केे सराफा कारोबारियों को स्वैच्छिक रूप से चांदी की भी हॉलमार्किंग कराने की सुविधा दे दी थी।
इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर में भी चांदी की गुणवत्ता परखने के लिए लखदत्ता बाजार में पहला सिल्वर हॉलमार्क सेंटर बनकर तैयार है। ‘जम्मू असाईंग हॉलमार्किंग सेंटर’ के प्रोपराइटर हिमांशु सहदेव बताते हैं कि बीआईएस से अनुमति के बाद सभी मशीन स्थापित हो चुकी हैं। करीब एक महीने से टेस्टिंग चल रही है।
उम्मीद है कि होली से पहले कारोबारियों और आमजन के लिए सुविधा शुरू हो जाएगी। हिमांशु बताते हैं कि चांदी के एक पीस जेवर की हॉलमार्किंग कराने के लिए 35 रुपये और 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से देना होगा। पांच पीस तक अधिकतम 150 रुपये और जीएसटी देना होगा। उसके बाद संख्या बढ़ने पर प्रति पीस पर 35 रुपये और जीएसटी देना होगा। ग्राहक अपने चांदी के पुराने जेवर की भी जांच करा सकेंगे।
चार लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी चांदी
अभी कुछ दिनों पहले तक चांदी का भाव रिकार्ड चार लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। फिलहाल अभी करीब डेढ़ लाख रुपये फिसल कर 2.55 लाख रुपये प्रति किलो पर है। सोने की हॉलमार्किंग करने वाले हिमांशु सहदेव बताते हैं कि चांदी को ज्यादा चमकीला, वजनदार और मजबूत बनाने के लिए कुछ लोग एल्युमिनियम, तांबा, जिंक, कैडमियम, गिल्ट और निकिल मिलाते हैं। असली का पैसा देने के बाद भी ग्राहक ठगे जाते हैं।
क्या है हॉलमार्किंग
हॉलमार्किंग एक तरह का सरकारी सर्टिफिकेट है जो ये गारंटी देता है कि आपकी चांदी या सोने की ज्वेलरी कितनी शुद्ध है। जैसे सोने में 22 कैरेट या 18 कैरेट का हॉलमार्क होता है वैसे ही अब चांदी पर भी 6 डिजिट वाला हालमार्क यूनिक आईडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) नंबर होगा जो शुद्धता का पैमाना बताएगा। शुद्धता के लिए लिए छह ग्रेड होंगे। 800, 835, 925, 958, 970, 990 और 999 जो शुद्धता का लेवल दिखाएंगे। हालमार्क होने से कोई दुकानदार मिलावटी चांदी नहीं बेच पाएगा। खरीदार अगर बाद में आभूषण बेचना चाहे तो हॉलमार्क होने के नाते अच्छी कीमत मिलेेगी।