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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Ram Madhav's return to the BJP's National Executive could change the landscape in Jammu and Kashmir.

Jammu Kashmir: कश्मीर के सियासी समीकरणों के माहिर राममाधव की वापसी, भाजपा को मिल सकता है बड़ा फायदा

Wed, 19 Aug 2026 01:06 PM IST
Nikita Gupta प्रवेश कुमारी अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
प्रवेश कुमारी अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Wed, 19 Aug 2026 01:06 PM IST
सार

भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राम माधव की वापसी को जम्मू-कश्मीर की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें स्थानीय सियासत और संगठन की गहरी समझ है।

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Ram Madhav's return to the BJP's National Executive could change the landscape in Jammu and Kashmir.
राममाधव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा की राष्ट्रीय टीम में लंबे अरसे बाद बतौर उपाध्यक्ष राममाधव की वापसी जम्मू-कश्मीर में भी तस्वीर बदल सकती है। भाजपा की नजर 2029 के चुनाव पर है। ऐसे में उन्हें कोई अहम भूमिका सौंपी जा सकती है। राममाधव को जम्मू-कश्मीर की स्थानीय राजनीति और समीकरणों की गहरी समझ है। उनकी वापसी भाजपा की राह आसान करने वाली होगी।

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ऐसा मानने के पीछे कई आधार हैं। राममाधव जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। वे 2024 में यहां चुनाव प्रभारी रह चुके हैं और चुनाव संबंधी गतिविधियों को अंजाम दिया है। राममाधव की आरएसएस की पृष्ठभूमि के चलते उनके लिए संगठन और वैचारिक मोर्चे पर तालमेल बनाना आसान है।

जम्मू-कश्मीर में संगठन को रणनीतिक मजबूती, स्थानीय राजनीति की गहरी समझ और केंद्रीय स्तर पर समन्वय का सीधा लाभ मिल सकता है। इसके अतिरिक्त जम्मू-कश्मीर से जुड़े राजनीतिक और सांगठनिक फैसलों में उनकी केंद्र स्तर पर सीधी पहुंच नीतिगत और प्रशासनिक फैसलों को आसान बना सकती है। करीब दस साल पहले जब 2016 में भाजपा के पीडीपी साथ गठबंधन में सरकार बनाने की बात चली तो इसके पीछे राममाधव की रणनीति काम कर रही थी। बाद में जब वैचारिक मतभेद का हवाला देकर भाजपा ने पीडीपी से गठबंधन तोड़ने का फैसला किया तो उसके पीछे भी काफी हद तक उनकी सोच थी।

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370 हटाने में भी बड़ी भूमिका रही
अनुच्छेद 370 हटाने में भी रणनीतिक और वैचारिक तौर पर उनकी बड़ी भूमिका रही है। उनका मानना था कि जम्मू के लोग भी 370 हटाए जाने के पक्ष में है। उन्होंने इसे हटाए जाने को 78 वर्षों की पीड़ा का अंत और देश की ऐतिहासिक भूल का सुधार करार दिया था। अलबत्ता, पीडीपी इस मुद्दे को लगातार उठा रही है। वह 370 व 35 ए को बहाली की मांग कर रही है। 2024 के चुनाव में भाजपा को जम्मू संभाग से 29 सीटें मिली थीं। घाटी में खाता भी नहीं खुला था। राममाधव प्रदेश के हालात से वाकिफ हैं, ऐसे में उनकी वापसी क्या बदलाव लाएगी, इस पर सबकी नजर है।

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