जम्मू-कश्मीर में पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया आतंकी बासित अहमद पररे परिवार का चौथा बेटा था जिसने आतंकवाद का रास्ता अपनाया था। बासित 27 मई 2020 से लापता था। इससे पहले इशफाक अहमद पररे, तारिक अहमद पररे और शकूर पररे हथियार उठा चुके हैं।
त्राल में मारे गए बासित अहमद पररे के तीन भाई भी थे आतंकी, एक न्यूटन के नाम से जाना जाता था
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16 मार्च 2015 को इशफाक अहमद पररे ने अपने पिता से ट्यूशन फीस के लिए एक हजार रुपये मांगे। पिता मोहम्मद इस्माइल पररे ने पैसे दे दिए, वो आखिरी दिन था जिस दिन इशफाक को जिंदा देखा। 3 मार्च 2016 को इशफाक का शव घर पहुंचा। वह एक मुठभेड़ में मारा गया था।
इशफाक गणित में काफी अच्छा था। उसे उसके दोस्त न्यूटन के नाम से बुलाते थे। इसी परिवार के तारिक अहमद पररे और शकूर पररे ने भी आतंकवाद का रास्ता अपनाया था।
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बता दें कि त्राल इलाके के चेवा गांव में 17 घंटे से अधिक समय तक चली मुठभेड़ में शुक्रवार को हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया। आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर गुरुवार शाम लगभग छह बजे चेवा गांव में सुरक्षाबलों ने घेराबंदी की। इस दौरान घेरा सख्त होने पर एक मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। कुछ देर तक फायरिंग जारी रहने के बाद सुरक्षाबलों ने अंधेरे के कारण ऑपरेशन स्थगित कर दिया।
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इस दौरान फ्लड लाइट लगाई गईं ताकि आतंकी भाग न सकें। पूरे गांव में घेराबंदी जारी रही। शुक्रवार सुबह दोबारा ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया। सुबह साढ़े सात बजे तक पहला, नौ बजे तक दूसरा और 10 बजे तीसरा आतंकी मारा गया। इनसे 2 एके 47 राइफल, 6 एके मैगजीन, 5 एके राउंड, 1 पिस्टल, 1 पिस्टल मैगजीन, 4 पिस्टल राउंड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।