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Jammu News: सांबा औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा रामभरोसे
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परिवहन और पुलिस गश्त का अभाव, 2 से 3 किलोमीटर पैदल सफर तय करती हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। औद्योगिक केंद्र सांबा में हजारों महिला श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई वर्ग किलोमीटर में फैले औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को सुबह और शाम के समय आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त सुविधा और नियमित पुलिस गश्त नहीं होने के कारण महिलाओं को सुनसान सड़कों से पैदल गुजरना पड़ता है। महिला श्रमिकों के अनुसार, सुबह करीब छह से सात बजे काम पर जाते समय और शाम सात से आठ बजे के बीच फैक्ट्री से छुट्टी होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र में परिवहन के साधन बेहद कम मिलते हैं। शाम ढलने के बाद कई मार्ग सुनसान हो जाते हैं। ऐसे में फैक्ट्रियों से मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए महिलाओं को कई बार दो से तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है।
स्ट्रीट लाइट सुविधा भी नहीं
महिलाओं का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में कई स्थानों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में परिवहन की कमी, अंधेरा और पुलिस गश्त का अभाव उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से औद्योगिक क्षेत्र में शाम के समय नियमित गश्त बढ़ाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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महिला श्रमिक बोलीं- वाहन व्यवस्था मिले
शाम करीब साढ़े सात बजे छुट्टी होने के बाद फैक्ट्री से मुख्य हाईवे तक पहुंचने के लिए कोई वाहन नहीं मिलता। अंधेरे और सुनसान रास्ते से पैदल गुजरते समय डर बना रहता है। कुछ कंपनियों में महिला स्टाफ के लिए वाहन व्यवस्था है, लेकिन अधिकतर फैक्ट्रियों में काम करने वाली महिला श्रमिकों के लिए कोई सुविधा नहीं है। -अनीता देवी
सुबह और शाम दोनों समय सड़कें काफी खाली रहती हैं। शाम के समय महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी या नियमित पेट्रोलिंग दिखाई नहीं देती। शाम के समय विशेष बस सेवा और पुलिस गश्त शुरू कराई जाए। -मंजू देवी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। औद्योगिक केंद्र सांबा में हजारों महिला श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई वर्ग किलोमीटर में फैले औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को सुबह और शाम के समय आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त सुविधा और नियमित पुलिस गश्त नहीं होने के कारण महिलाओं को सुनसान सड़कों से पैदल गुजरना पड़ता है। महिला श्रमिकों के अनुसार, सुबह करीब छह से सात बजे काम पर जाते समय और शाम सात से आठ बजे के बीच फैक्ट्री से छुट्टी होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र में परिवहन के साधन बेहद कम मिलते हैं। शाम ढलने के बाद कई मार्ग सुनसान हो जाते हैं। ऐसे में फैक्ट्रियों से मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए महिलाओं को कई बार दो से तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है।
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स्ट्रीट लाइट सुविधा भी नहीं
महिलाओं का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में कई स्थानों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में परिवहन की कमी, अंधेरा और पुलिस गश्त का अभाव उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से औद्योगिक क्षेत्र में शाम के समय नियमित गश्त बढ़ाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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महिला श्रमिक बोलीं- वाहन व्यवस्था मिले
शाम करीब साढ़े सात बजे छुट्टी होने के बाद फैक्ट्री से मुख्य हाईवे तक पहुंचने के लिए कोई वाहन नहीं मिलता। अंधेरे और सुनसान रास्ते से पैदल गुजरते समय डर बना रहता है। कुछ कंपनियों में महिला स्टाफ के लिए वाहन व्यवस्था है, लेकिन अधिकतर फैक्ट्रियों में काम करने वाली महिला श्रमिकों के लिए कोई सुविधा नहीं है। -अनीता देवी
सुबह और शाम दोनों समय सड़कें काफी खाली रहती हैं। शाम के समय महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी या नियमित पेट्रोलिंग दिखाई नहीं देती। शाम के समय विशेष बस सेवा और पुलिस गश्त शुरू कराई जाए। -मंजू देवी